NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
अंतरराष्ट्रीय
विरोध कर रहे छात्रों ने चान-ओ-चा के इस्तीफ़े और राजशाही में सुधार की मांग की
राजनीतिक सुधारों का आह्वान करते हुए बैंकॉक के पास थम्मासैट यूनिवर्सिटी में हज़ारों छात्रों ने सरकार विरोधी प्रदर्शनों में भाग लिया।
पीपल्स डिस्पैच
13 Aug 2020
e

मंगलवार 11 अगस्त को थाईलैंड की राजधानी बैंकाक में क़रीब 4,000 छात्रों ने सड़कों पर प्रदर्शन किया। ये प्रदर्शन थम्मासैट यूनिवर्सिटी में किया गया था और बैंकॉक में और इसके आसपास छात्रों के विरोध प्रदर्शनों की एक श्रृंखला का हिस्सा है। छात्र प्रधानमंत्री प्रयुत चान-ओ-चा की जुंटा सरकार को हटाने और राजशाही की शक्तियों में सुधार की मांग कर रहे हैं। हाल के दिनों में छात्रों द्वारा आयोजित किया जाने वाला ये प्रदर्शन सबसे बड़ा था।

छात्रों ने "लोकतंत्र ज़िंदाबाद!" के नारे लगाए और फैंटेसी फ्रैंचाइज़ 'हंगर गेम्स' से प्रेरित होकर तीन-उंगलियों का सलाम किया। इस प्रदर्शन में छात्रों द्वारा दिए गए भाषणों में कई छात्रों ने प्रधानमंत्री के इस्तीफ़े की मांग की और नागरिक सरकार के जुंटा द्वारा हथियाने और सिस्टम में हेरफेर की निंदा की।

कुछ छात्रों ने राजशाही के सुधार के संवेदनशील विषय पर भी चर्चा की। थाई संविधान में कई सख्त क़ानून हैं जो लंबे समय तक प्रि-ट्रायल हिरासत और ज़मानत से इंकार करने के साथ राजशाही की आलोचनाओं को दोषी मानते हैं। अति-राष्ट्रवादियों और जुंटा समर्थक समूहों ने अक्सर लोकतंत्र समर्थक अधिवक्ताओं, ट्रेड यूनियनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं को दंड देने के लिए इस क़ानून का इस्तेमाल किया है।

इसी तरह का एक अन्य प्रदर्शन सोमवार 10 अगस्त को थम्मासैट में भी आयोजित किया गया था जब छात्रों ने राजशाही का लाभ उठाने वाली शक्तियों और विशेषाधिकारों के व्यापक सुधार के लिए मांग को लेकर एक चार्टर जारी किया था। थम्मासैट में प्रदर्शन के बाद 8 अगस्त शनिवार को बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुआ। इस दौरान हज़ारों की संख्या में बैंकॉक के पैथुमवन स्काईवॉक पर इस क़ानून के आरोप में छात्र नेताओं की गिरफ्तारी के विरोध में इकट्ठा हुए।

लोकतंत्र समर्थक अधिवक्ता और मानवाधिकार कार्यकर्ता छात्रों के इस विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए। इन प्रदर्शनकारियों ने श्रमिकों के अधिकारों और ट्रेड यूनियनों पर हमले का भी मुद्दा उठाया और सरकार से देश में बढ़ते लैंगिक भेदभाव को दूर करने का आह्वान किया।

साल 2014 के तख्तापलट के बाद से थाईलैंड जुंटा समर्थक सरकार के अधीन है जिसने यिंगलुक शिनावात्रा सरकार को उखाड़ फेंका था। इस तख्तापलट के बाद राष्ट्र के संविधान को नए संविधान से बदल दिया गया जिसने नागरिक सरकार पर सेना के नियंत्रण को थोप दिया। तब से सरकार ने एक प्रमुख विपक्षी दल को भंग कर दिया है और कई पत्रकारों और सामाजिक आंदोलन के नेताओं को गिरफ्तार किया है।

 

bankok
protest in bankok
political reform in bankok
protest in bankok for political reform

Related Stories

थाईलैंड : प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई में 9 नाबालिगों सहित दर्जनों गिरफ़्तार


बाकी खबरें

  • भाषा
    हड़ताल के कारण हरियाणा में सार्वजनिक बस सेवा ठप, पंजाब में बैंक सेवाएं प्रभावित
    28 Mar 2022
    हरियाणा में सोमवार को रोडवेज कर्मी देशव्यापी दो दिवसीय हड़ताल में शामिल हुए जिससे सार्वजनिक परिवहन सेवाएं बाधित हुईं। केंद्र की कथित गलत नीतियों के विरुद्ध केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के एक संयुक्त मंच ने…
  • आज का कार्टून
    कार्टून क्लिक: “काश! हमारे यहां भी हिंदू-मुस्लिम कार्ड चल जाता”
    28 Mar 2022
    पाकिस्तान एक मुस्लिम बहुल और इस्लामिक देश है। अब संकट में फंसे इमरान ख़ान के सामने यही मुश्किल है कि वे अपनी कुर्सी बचाने के लिए कौन से कार्ड का इस्तेमाल करें। व्यंग्य में कहें तो इमरान यही सोच रहे…
  • भाषा
    केरल में दो दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल के तहत लगभग सभी संस्थान बंद रहे
    28 Mar 2022
    राज्य द्वारा संचालित केरल राज्य सड़क परिवहन निगम (केएसआरटीसी) की बसें सड़कों से नदारत रहीं, जबकि टैक्सी, ऑटो-रिक्शा और निजी बसें भी राज्यभर में नजर नहीं आईं। ट्रक और लॉरी सहित वाणिज्यिक वाहनों के…
  • शिव इंदर सिंह
    विश्लेषण: आम आदमी पार्टी की पंजाब जीत के मायने और आगे की चुनौतियां
    28 Mar 2022
    सत्ता हासिल करने के बाद आम आदमी पार्टी के लिए आगे की राह आसन नहीं है। पंजाब के लोग नई बनी सरकार से काम को ज़मीन पर होते हुए देखना चाहेंगे।
  • सुहित के सेन
    बीरभूम नरसंहार ने तृणमूल की ख़ामियों को किया उजागर 
    28 Mar 2022
    रामपुरहाट की हिंसा ममता बनर्जी की शासन शैली की ख़ामियों को दर्शाती है। यह घटना उनके धर्मनिरपेक्ष राजनीति की चैंपियन होने के दावे को भी कमज़ोर करती है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License