NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
वित्त मंत्रालय में मीडिया पर बंदिश को एडिटर्स गिल्ड ने मीडिया की आजादी का ‘गला घोंटना’ बताया
एडिटर्स गिल्ड ने कहा, ‘पत्रकार आरामतलबी और स्वागत सत्कार के लिए सरकारी दफ्तरों में नहीं जाते। वे खबरें इकट्ठा करने का अपना चुनौतीपूर्ण काम करने के लिए वहां जाते हैं।'
भाषा
11 Jul 2019
फाइल फोटो
Image Courtesy: economictimes

एडिटर्स गिल्ड ने नॉर्थ ब्लॉक में मीडियाकर्मियों के प्रवेश पर केंद्रीय वित्त मंत्रालय की ओर से लगाई गई बंदिशों को मीडिया की आजादी का गला घोंटना करार दिया और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से यह ‘मनमाना फैसला’ वापस लेने की अपील की।

हालांकि, इस संबंध में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के कार्यालय से मंगलवार को जारी स्पष्टीकरण में कहा गया था कि वित्त मंत्रालय के भीतर मीडियाकर्मियों के प्रवेश के संबंध में एक प्रक्रिया तय की गई है और मंत्रालय में पत्रकारों के प्रवेश पर कोई प्रतिबंध नहीं है।

बहरहाल, एडिटर्स गिल्ड ने नॉर्थ ब्लॉक में वित्त मंत्रालय के दफ्तरों में यहां तक कि सरकारी मान्यता प्राप्त पत्रकारों के प्रवेश पर भी बंदिशें लगाने के मंत्रालय के ‘मनमाने फैसले’ की भी निंदा की। सरकारी मान्यता प्राप्त पत्रकारों से कहा गया है कि उन्हें जिस अधिकारी से मिलना हो, उससे मिलने का समय पहले ही ले लें वरना प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी।

गिल्ड ने एक बयान में कहा कि मंत्रालय से इस बाबत उसका कोई विवाद नहीं है कि पत्रकारों को वित्त मंत्रालय में मौजूद रहने के दौरान संयम और जिम्मेदारी से काम लेना चाहिए, लेकिन कोई सीधा-सपाट आदेश इसका जवाब नहीं है।

एडिटर्स गिल्ड ने कहा, ‘पत्रकार आरामतलबी और स्वागत सत्कार के लिए सरकारी दफ्तरों में नहीं जाते। वे खबरें इकट्ठा करने का अपना चुनौतीपूर्ण काम करने के लिए वहां जाते हैं। यह आदेश मीडिया की आजादी का गला घोंटना है और इससे भारत वैश्विक प्रेस आजादी की रैंकिंग में और नीचे जा सकता है, खासकर इसलिए क्योंकि यह प्रवृति दूसरे मंत्रालयों में भी आसानी से फैल सकती है।’

गिल्ड ने कहा कि यदि वित्त मंत्री को लगता है कि सरकारी दफ्तरों में पत्रकारों के प्रवेश से कोई असुविधा हो रही है तो पत्रकारों से बातचीत कर व्यवस्था में सुधार किया जा सकता है। वित्त मंत्री अपने फैसले पर फिर से विचार करें और इसे वापस लें।

Editors guild of india
government accredited journalists
North Block
Finance Ministry
Journalists

Related Stories

एलआईसी की आईपीओ: बड़े पैमाने का घोटाला

4 साल से जेल में बंद पत्रकार आसिफ़ सुल्तान पर ज़मानत के बाद लगाया गया पीएसए

बेशर्म नंगई पर उतरा तंत्र, नफ़रती एजेंटों की पौ-बारा

मध्य प्रदेश : बीजेपी विधायक के ख़िलाफ़ ख़बर दिखाई तो पुलिस ने पत्रकारों को थाने में नंगा खड़ा किया

RBI, वित्तीय नीतियों ने अनियंत्रित मुद्रास्फीति से असमानता को बढ़ाया

केंद्रीय बजट 2022-23 में पूंजीगत खर्च बढ़ाने के पीछे का सच

महामारी से जुड़ी अनिश्चितताओं के बीच 2022-23 का बजट फीका और दिशाहीन

बजट 2022: शिक्षा, रेल, रक्षा क्षेत्र के लिए क्या है ख़ास, किसे क्या मिला

सरकार ने CEL को बेचने की कोशिशों पर लगाया ब्रेक, लेकिन कर्मचारियों का संघर्ष जारी

अक्टूबर में आये जीएसटी में उछाल को अर्थव्यवस्था में सुधार के तौर पर देखना अभी जल्दबाज़ी होगी


बाकी खबरें

  • अनीस ज़रगर
    जम्मू-कश्मीर: अधिकारियों ने जामिया मस्जिद में महत्वपूर्ण रमज़ान की नमाज़ को रोक दिया
    29 Apr 2022
    प्रशासन का कहना है कि प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा जामिया में इबादत गुजारों के लिए व्यवस्था की समीक्षा करने के बाद सामूहिक इबादत को रोकने का ये निर्णय लिया गया है।
  • लाल बहादुर सिंह
    किधर जाएगा भारत— फ़ासीवाद या लोकतंत्र : रोज़गार-संकट से जूझते युवाओं की भूमिका अहम
    29 Apr 2022
    गहराता रोज़गार संकट और कठिन होती जीवन-स्थितियां भारत में फ़ासीवाद के राज्यारोहण का सबसे पक्का नुस्खा है। लेकिन तमाम फ़ासीवाद-विरोधी ताकतें एकताबद्ध प्रतिरोध में उतर पड़ें तो यही संकट समाज को रैडिकल…
  • ज़ाहिद खान
    इरफ़ान ख़ान : अदाकारी की इब्तिदा और इंतिहा
    29 Apr 2022
    29 अप्रैल 2020 को हमसे जिस्मानी तौर पर जुदा हुए इरफ़ान ख़ान अपनी लासानी अदाकारी से अपने चाहने वालों के दिलो ज़ेहन में हमेशा ज़िंदा रहेंगे।
  • एजाज़ अशरफ़
    क्यों धार्मिक जुलूस विदेशी भूमि को फ़तह करने वाले सैनिकों जैसे लगते हैं
    29 Apr 2022
    इस तरह के जुलूस, मुसलमानों पर हिंदुओं का मनोवैज्ञानिक प्रभुत्व स्थापित करने और उन्हें अपने अधीन करने के मक़सद से निकाले जा रहे हैं।
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के 3,377 नए मामले, 60 मरीज़ों की मौत
    29 Apr 2022
    दिल्ली में आज फिर कोरोना के मामलों में बढ़ोतरी हुई, दिल्ली में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 1,490 नए मामले दर्ज़ किए गए |
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License