NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
स्वास्थ्य
विज्ञान
अंतरराष्ट्रीय
मनुष्यों में पक्षियों और पशुओं से वायरस कैसे फैलता है?
व्यापक रूप से यह धारणा बनी हुई है कि विशेष लक्षणों वाले कुछ पशु मनुष्यों में रोगजनकों को फैलाते हैं। इसकी संभावना अधिक होती है।
संदीपन तालुकदार
18 Apr 2020
coronavirus
प्रतीकात्मक तस्वीर

हम नोवल कोरोनवायरस SARS-CoV-2 के चलतेCOVID-19 महामारी के बीचो बीच खड़े हैं। यह चमगादड़ में पाया गया है। अन्य वायरस के चलते भी मानव समाज को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा है। कुछ ने तो महामारी पैदा कर दिया। ये महामारी प्लैग,स्पैनिश फ्लू, स्वाइन फ्लू, इबोला आदि की शक्ल में सामने आए। इनके वायरसों का विकास स्तनधारियों या पक्षियों या कृन्तकों (रोडेंट) में हुआ था और ये मनुष्यों में गए थे।

व्यापक रूप से यह धारणा बनी हुई है कि विशेष लक्षणों वाले कुछ पशु मनुष्यों में रोगजनकों को फैलाते हैं। इसकी संभावना अधिक होती है। महामारी विज्ञान निरीक्षण प्रणाली विशिष्ट पशुओं / पक्षियों की अधिक बारीकी से निगरानी करता है। इसका मानना है कि मनुष्यों में पशु पक्षी द्वारा रोगजनक जाने की अधिक संभावना है।

लेकिन, स्कॉटलैंड स्थित यूनिवर्सिटी ऑफ ग्लासगो के शोधकर्ताओं ने पाया है कि जहां तक मनुष्यों में रोगजनकों के फैलने का संबंध है तो यह कुछ विशिष्ट जानवरों तक सीमित नहीं है पर प्रजातियों की विविधता और मनुष्यों में वायरस के फैलने के बीच गणितीय संबंध मौजूद है। नार्डस मोलेन्टज़े और डैनियल स्ट्रीकर द्वारा किए गए इस अध्ययन को 13 अप्रैल को पीएनएएस(प्रोसीडिंग्स ऑफ नेशनल एकेडमी ऑफ साइंसेज) में प्रकाशित किया गया था।

प्रजातियों के परीक्षण वाले पिछले शोध में दिखाया गया कि चमगादड़ में अन्य स्तनधारियों की तुलना में आनुपातिक रूप से अधिक वायरस होते हैं। स्ट्रीकर और मोलेन्टज़े ने इससे और आगे पड़ताल करने का फैसला किया कि क्या यह पैटर्न स्तनधारियों और पक्षियों के विभिन्न समूहों में भी मौजूद है।

उन्होंने स्तनधारियों और पक्षियों के 11 अलग-अलग समूहों में मानव संक्रामक विषाणुओं का विश्लेषण किया। चमगादड़, कृंतक (रोडेंट) और सॉन्गबर्ड इन्हीं में से कुछ का नाम हैं। उन्होंने 415 से अधिक डीएनए और आरएनए वायरस के डेटा को संकलित किया है जो जानवरों से मनुष्यों में फैल गए हैं।

उनके द्वारा किया गया ये विश्लेषण सांख्यिकीय प्रयोग से संबंधित था और यह खुलासा किया कि जिन पशुओं के समूह में अधिक प्रजातियां होती हैं उनमें अधिक वायरस होने की संभावना होती है और परिणामस्वरूप बड़ी संख्या में वायरस मनुष्यों में फैल सकते हैं। उदाहरण के लिए, स्तनधारियों के अध्ययन में पाया गया कि कृन्तकों(रोडेंड) में सबसे अधिक प्रजातियां थीं। कृंतक में भी जाहिरा तौर पर वायरस की सबसे बड़ी संख्या थी जो मनुष्यों में फैल गए। चमगादड़ के साथ भी ऐसा ही मामला है। स्तनपायी के इस समूह में कई प्रकार की प्रजातियां हैं और इसमें कई प्रकार के वायरस भी होते हैं और इनमें से कई SARS-CoV-2 सहित मनुष्यों में फैल चुके हैं जिससे मौजूदा महामारी पैदा हो गई है।

स्ट्रीकर और मोलेन्टज़े के शोध में यह भी देखा गया कि मनुष्यों में फैलने को बढ़ावा देने में पोषक जीव विज्ञान(होस्ट बायोलॉजी)या वायरल कारकों को अधिक महत्वपूर्ण कौन है। उनका विश्लेषण बताता है कि वायरस जीव विज्ञान, जैसे कि कोई वायरस कैसे पुनरावृत्ति करता है या कि क्या यह कीड़े द्वारा फैलता है आदि, पोषक पशुओं की शारीरिक या पारिस्थितिक विशेषताओं की तुलना में अधिक महत्वपूर्ण है।

चमगादड़ कई अलग-अलग प्रकार के वायरस का पोषक(होस्ट) होता है जो अक्सर उसकी प्रतिरक्षा प्रणाली के लिए उत्तरदायी होते हैं। लेकिन चमगादड़ की यह विशेषता सभी वायरस के फैलने का जोखिम नहीं बढ़ाती है। स्ट्रीकर के हवाले से कहा गया “पशु पोषकों (एनिमल होस्ट) का एक समूह नहीं था जो लगातार उन जोखिमों को बढ़ा रहा था जो वायरस लोगों में फैलते थे। यदि हम यह अनुमान लगाने में सक्षम होना चाहते हैं कि कौन से वायरस की मनुष्यों को संक्रमित करने की सबसे अधिक संभावना है तो वायरस के लक्षण पोषकों के लक्षणों की तुलना में अधिक जानकारी देने वाले हो सकते हैं।“

इन निष्कर्षों से पता चलता है कि भविष्य में होने वाले शोध कार्यों में वायरस के लक्षणों पर अधिक ध्यान केंद्रित करना चाहिए जो हमलोगों में फैलाने की अपनी संभावना को बढ़ा सकते हैं। इसके अलावा, वन्यजीव व्यापार और जलवायु परिवर्तन जैसे अन्य कारक पशुओं को अधिक से अधिक लोगों के साथ निकट संपर्क में ला सकते हैं और इस प्रकार वायरस के उद्भव को प्रभावित करते हैं।

फिर भी, ये निष्कर्ष वायरस के विशेष संग्रह के अस्तित्व के ईर्द गिर्द बहस को समाप्त नहीं करता है। साथ ही,वायरल लक्षणों को समझना आसान काम नहीं है। इससे पहले कि कोई भविष्य में फैलने की किसी भी घटना के बारे में भविष्यवाणी करे तो ऐसे में कई और विषाणुओं को नमूना और लक्षण लेना होगा जो कि कुछ दिनों का मामला नहीं है। हालांकि, इस नए अध्ययन ने वायरस की पोषक करने वाले पशुओं और मनुष्यों पर उनके फैलने का एक नया रास्ता तलाशा है।

अंग्रेज़ी में लिखे मूल आलेख को आप यहाँ पढ़ सकते हैं।

What Influences Spillover of Viruses From Birds and Animals to Humans?

SARS-CoV-2
Coronavirus
Virus Jump to Human
Bat Virus
Rodent
COVID 19 Pandemic

Related Stories

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में 2,745 नए मामले, 6 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में आज फिर कोरोना के मामलों में क़रीब 27 फीसदी की बढ़ोतरी

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना के घटते मामलों के बीच बढ़ रहा ओमिक्रॉन के सब स्ट्रेन BA.4, BA.5 का ख़तरा 

कोरोना अपडेट: देश में ओमिक्रॉन वैरिएंट के सब स्ट्रेन BA.4 और BA.5 का एक-एक मामला सामने आया

कोरोना अपडेट: देश में फिर से हो रही कोरोना के मामले बढ़ोतरी 

कोविड-19 महामारी स्वास्थ्य देखभाल के क्षेत्र में दुनिया का नज़रिया नहीं बदल पाई

कोरोना अपडेट: अभी नहीं चौथी लहर की संभावना, फिर भी सावधानी बरतने की ज़रूरत

कोरोना अपडेट: दुनियाभर के कई देशों में अब भी क़हर बरपा रहा कोरोना 

कोरोना अपडेट: देश में एक्टिव मामलों की संख्या 20 हज़ार के क़रीब पहुंची 

देश में कोरोना ने फिर पकड़ी रफ़्तार, PM मोदी आज मुख्यमंत्रियों संग लेंगे बैठक


बाकी खबरें

  • BJP Manifesto
    रवि शंकर दुबे
    भाजपा ने जारी किया ‘संकल्प पत्र’: पुराने वादे भुलाकर नए वादों की लिस्ट पकड़ाई
    08 Feb 2022
    पहले दौर के मतदान से दो दिन पहले भाजपा ने यूपी में अपना संकल्प पत्र जारी कर दिया है। साल 2017 में जारी अपने घोषणा पत्र में किए हुए ज्यादातर वादों को पार्टी धरातल पर नहीं उतार सकी, जिनमें कुछ वादे तो…
  • postal ballot
    लाल बहादुर सिंह
    यूपी चुनाव: बिगड़ते राजनीतिक मौसम को भाजपा पोस्टल बैलट से संभालने के जुगाड़ में
    08 Feb 2022
    इस चुनाव में पोस्टल बैलट में बड़े पैमाने के हेर फेर को लेकर लोग आशंकित हैं। बताते हैं नजदीकी लड़ाई वाली बिहार की कई सीटों पर पोस्टल बैलट के बहाने फैसला बदल दिया गया था और अंततः NDA सरकार बनने में उसकी…
  • bonda tribe
    श्याम सुंदर
    स्पेशल रिपोर्ट: पहाड़ी बोंडा; ज़िंदगी और पहचान का द्वंद्व
    08 Feb 2022
    पहाड़ी बोंडाओं की संस्कृति, भाषा और पहचान को बचाने की चिंता में डूबे लोगों को इतिहास और अनुभव से सीखने की ज़रूरत है। भाषा वही बचती है जिसे बोलने वाले लोग बचते हैं। यह बेहद ज़रूरी है कि अगर पहाड़ी…
  • Russia China
    एम. के. भद्रकुमार
    रूस के लिए गेम चेंजर है चीन का समर्थन 
    08 Feb 2022
    वास्तव में मॉस्को के लिए जो सबसे ज्यादा मायने रखता है, वह यह कि पेइचिंग उसके विरुद्ध लगने वाले पश्चिम के कठोर प्रतिबंधों के दुष्प्रभावों को कई तरीकों से कम कर सकता है। 
  • Bihar Medicine
    एम.ओबैद
    बिहार की लचर स्वास्थ्य व्यवस्थाः मुंगेर सदर अस्पताल से 50 लाख की दवाईयां सड़ी-गली हालत में मिली
    08 Feb 2022
    मुंगेर के सदर अस्पताल में एक्सपायर दवाईयों को लेकर घोर लापरवाही सामने आई है, जहां अस्पताल परिसर के बगल में स्थित स्टोर रूम में करीब 50 लाख रूपये से अधिक की कीमत की दवा फेंकी हुई पाई गई है, जो सड़ी-…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License