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इजराइली स्पाईवेयर के जरिये भारतीय पत्रकारों, मानवाधिकार कार्यकर्ताओं की जासूसी की गई: व्हॉट्सएप
पत्रकारों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं की जासूसी से जुड़े खुलासे के बाद कांग्रेस ने नरेंद्र मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला और सुप्रीम कोर्ट से आग्रह किया कि वह इस मामले पर तत्काल स्वत: संज्ञान ले एवं सरकार को जवाबदेह ठहराए।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
31 Oct 2019
whatsapp
Image courtesy:India Today

नई दिल्ली: फेसबुक की कंपनी व्हॉट्सएप ने कहा है कि इजराइल स्पाईवेयर ‘पेगासस’ के जरिये कुछ अज्ञात इकाइयां वैश्विक स्तर पर जासूसी कर रही हैं। भारतीय पत्रकार और मानवाधिकार कार्यकर्ता भी इस जासूसी का शिकार बने हैं।

व्हॉट्सएप ने कहा है कि वह एनएसओ समूह के खिलाफ मुकदमा करने जा रही है। यह इजराइल की निगरानी करने वाली कंपनी है। समझा जाता है कि इसी कंपनी ने वह प्रौद्योगिकी विकसित की है जिसके जरिये अज्ञात इकाइयों ने जासूसी के लिए करीब 1,400 लोगों के फोन हैक किए हैं। चार महाद्वीपों के उपयोगकर्ता इस जासूसी का शिकार बने हैं। इनमें राजनयिक, राजनीतिक विरोधी, पत्रकार और वरिष्ठ सरकारी अधिकारी शामिल हैं।

हालांकि, व्हॉट्सएप ने यह खुलासा नहीं किया है कि किसके कहने पर पत्रकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के फोन हैक किए गए हैं। व्हॉट्सएप ने यह भी नहीं बताया कि भारत में कितने लोगों को इस जासूसी का निशाना बनाया गया। कंपनी ने कहा कि मई में उसे एक ऐसे साइबर हमले का पता चला जिसमें उसकी वीडियो कॉलिंग प्रणाली के जरिये प्रयोगकर्ताओं को मालवेयर भेजा गया।

व्हॉट्सएप ने कहा कि उसने करीब 1,400 प्रयोगकर्ताओं को विशेष व्हॉट्सएप संदेश के जरिये इसकी जानकारी दी है। हालांकि कंपनी ने भारत में इस स्पाईवेयर हमले से प्रभावित लोगों की संख्या नहीं बताई है लेकिन उसके प्रवक्ता ने कहा कि इस सप्ताह हमने जिन लोगों से संपर्क किया है उनमें भारतीय प्रयोगकर्ता भी शामिल हैं।

वैश्विक स्तर पर व्हॉट्सएप का इस्तेमाल करने वालों की संख्या डेढ़ अरब है। भारत में करीब 40 करोड़ लोग व्हॉट्सएप का इस्तेमाल करते हैं। व्हॉट्सएप ने मंगलवार को कैलिफोर्निया की संघीय अदालत में इजराइल की साइबर इंटेलिजेंस कंपनी एनएसओ ग्रुप के खिलाफ मुकदमा दायर किया है।

तत्काल संज्ञान ले न्यायालय: कांग्रेस

भारतीय पत्रकारों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं की जासूसी से जुड़े खुलासे के बाद कांग्रेस ने बृहस्पतिवार को नरेंद्र मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला और उच्चतम न्यायालय से आग्रह किया कि वह इस मामले पर तत्काल स्वत: संज्ञान ले एवं सरकार को जवाबदेह ठहराए।

पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने यह भी दावा किया कि ‘अपने ही नागरिकों के साथ अपराधियों की तरह व्यवहार करने वाली यह सरकार’ इस देश का नेतृत्व करने का नैतिक अधिकार खो चुकी है।

सुरजेवाला ने ट्वीट कर आरोप लगाया, ‘मोदी सरकार जासूसी करते पकड़ी गई है। चिंताजनक है, लेकिन हैरान करने वाली बात नहीं है। आखिरकार भाजपा सरकार हमारी निजता के खिलाफ लड़ी, करोड़ों रुपये का निगरानी ढांचा बनाया।’

Modi Govt caught snooping!
Appalling but not Surprising!

After all, BJP Govt-

1. Fought against our right to privacy.

2. Set up a multi crore Surveillance Structure until stopped by SC.

S.C must take immediate cognisance & issue notice to BJP Govt.
1/2https://t.co/VFVlEA187E

— Randeep Singh Surjewala (@rssurjewala) October 31, 2019

उन्होंने कहा कि उच्चतम न्यायालय को इस पर तत्काल संज्ञान लेना चाहिए और भाजपा सरकार को नोटिस जारी करना चाहिए। कांग्रेस नेता ने कहा, ‘पत्रकारों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और विपक्षी नेताओं की जासूसी कराने वाली और अपने ही नागरिकों के साथ अपराधियों जैसा व्यवहार करने वाली सरकार हमारे लोकतंत्र में नेतृत्व करने का अधिकार खो चुकी है।’

उन्होंने कहा, ‘हम उच्चतम न्यायालय से आग्रह करते हैं कि वह इन गैरकानूनी गतिविधियों का स्वत: संज्ञान ले और इस सरकार को जवाबदेह ठहराए।’ दरअसल, फेसबुक के स्वामित्व वाली कंपनी व्हॉट्सएप ने कहा है कि इजरायल स्पाईवेयर ‘पेगासस’ के जरिये कुछ अज्ञात इकाइयां वैश्विक स्तर पर जासूसी कर रही हैं। भारतीय पत्रकार और मानवाधिकार कार्यकर्ता भी इस जासूसी का शिकार बने हैं।

(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ) 

 

WhatsApp
Israeli spyware
Indian journalists
human rights activists

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