NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
WOF द्वारा अपने कर्मचारियों को बेहतर वेतन देने में देरी की NUMSA भरसक निंदा करता है
संगठन ने साफ़ किया कि जब तक WOF अपने कर्मचारियों से गरिमापूर्ण व्यवहार नहीं करना शुरू करते तब तक लड़ाई जारी रहेगी I
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
15 Jan 2018
Translated by सोनाली
Numsa

नेशनल यूनियन ऑफ़ मैटलवर्कर्स ऑफ़ साउथ अफ्रीका (NUMSA) ने एसेंशियल सर्विसेज कमेटी (ESC) के उस फैसले की सराहना की है जिससे यह सुनिश्चित होता है कि वर्किंग ऑन फ़ायर (WOF) में काम करने वाले अग्निक्षमक आवश्यक सुविधाओं का ही एक हिस्सा हैं I लेकिन अफ़सोस की बात है कि WOF इस सच्चाई से मुँह फेरने की कोशिश कर रहा है और इसीलिए वो मध्यस्तता की प्रक्रिया शुरू करने में देरी कर रहा है I NUMSA WOF की मैनेजमेंट द्वारा अपनाये जा रहे इन हथकंड़ो की निंदा करता है I

WOF दरअसल दक्षिण अफ्रीका की सरकार द्वारा संचालित एक संस्था है जिसका निर्माण रोज़गार मुहैया कराने के लिए किया गया था I इस संस्था में 5000 से ज़्यादा युवा लड़के और लडकियाँ अग्निक्षमक के तौर पर जंगल में लगने वाली आग बुझाने का काम करते हैं I यह पूरे दक्षिण अफ्रीका में फैले 200 बेस पर तैनात हैं I यह कर्मचारी मूलतः समाज के हाशिये पर धकेल दिए गये समुदायों से आते हैं I

NUMSA ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा है कि WOF अपने कर्मचारियों को जीवन जीने योग्य आय देने को हरगिज़ तैयार नहीं है I इन कर्मचारियों के काम घंटे बहुत ही लम्बे होते हैं और इन्हें कभी भी उपयुक्त ओवरटाइम नहीं दिया जाता I

विज्ञप्ति में कहा गया कि, “हमारे सदस्य काम के दौरान अपनी जान पर खेल जाते हैं लेकिन फिर भी चौंकाने वाली बात है कि उन्हें हर महीने सिर्फ R 2,200 [R यानी साउथ अफ्रीका की मुद्रा रैंड] ही तनख्वाह के तौर पर मिलते हैं I जले पर नमक छिड़कने वाली बात यह है कि उन्हें स्वास्थ्य सहायता और पेंशन जैसी मूलभूत सुविधाएँ भी नहीं मिलतींI”

वर्कर्स संगठन अब इन्तेज़ार कर रहे हैं कि कमीशन फ़ॉर कन्सिलिएश्न, मिडिएशन एंड आर्बिट्रेशन (CCMA) यह पुष्टि कर दे कि क्या बार्गेन करना WOF का फर्ज़ बनता हैI प्रेस विज्ञप्ति में यह भी साफ़ किया गया कि WOF बेशर्मी से CCMA की प्रक्रियाओं का फायदा उठाकर इस न टाले जा सकने वाले फैसले को लागू करने में देरी कर रहा है I    

प्रेस विज्ञप्ति में ज़िक्र किया गया है कि, “वे (WOF) कर्मचारियों को उनका सही मेहनताना देने के इतने खिलाफ़ है कि वे व्यवस्था के तमाम लूपहोल का इस्तेमाल करना चाहते हैं जिससे कि वे मध्यस्तता की प्रक्रिया से बच सकें क्योंकि इस प्रक्रिया के बाद उन्हें बेहतर वेतन देना पड़ेगाI”

NUMSA यह वायदा करता है कि जब तक वो WOF के सदस्यों को सही वेतन और काम की बेहतर परिस्थितियाँ सुनिश्चित नहीं कराता तब तक लड़ता रहेगा, फिर भले ही यह प्रक्रिया कितनी ही लम्बी क्यों न होI विज्ञप्ति में स्पष्ट लिखा है कि, “हम तब तक चैन से नहीं बैठेंगे जब तक WOF अपने कर्मचारयों से वह गरिमापूर्ण व्यवहार नहीं करता जिसके वे अधिकारी हैंI” 

NUMSA
South Africa
WOF
wokers strike
wages

Related Stories

गुटनिरपेक्षता आर्थिक रूप से कम विकसित देशों की एक फ़ौरी ज़रूरत

कोविड-19 : दक्षिण अफ़्रीका ने बनाया अपना कोरोना वायरस टीका

भारत के बढ़ते भूख संकट के पीछे एक नहीं, कई कारकों का दुर्लभ संयोग 

ट्रेड यूनियनों के मुताबिक दिल्ली सरकार की न्यूनतम वेतन वृद्धि ‘पर्याप्त नहीं’

ट्रिप्स छूट प्रस्ताव: पेटेंट एकाधिकार पर चर्चा से कन्नी काटते बिग फार्मा

गुजरात के एक जिले में गन्ना मज़दूर कर्ज़ के भंवर में बुरी तरह फंसे

दक्षिण अफ़्रीका के ट्रेड यूनियनिस्ट के हत्यारों की अब तक नहीं हुई गिरफ़्तारी

दक्षिण अफ़्रीका ने इज़रायल को पर्यवेक्षक का दर्जा देने वाले अफ़्रीकी संघ की आलोचना की

स्वाज़ीलैंड में लोकतंत्र-समर्थक शक्तियों पर कार्रवाई जारी

दक्षिण अफ़्रीकी अदालत ने सऊदी अरब और यूएई को हथियारों के निर्यात के परमिट की न्यायिक समीक्षा का आदेश दिया


बाकी खबरें

  • Modi yogi
    अजय कुमार
    आर्थिक मोर्चे पर फ़ेल भाजपा को बार-बार क्यों मिल रहे हैं वोट? 
    14 Mar 2022
    आख़िर किस तरह के झूठ का जाल भाजपा 24 घंटे लोगों के बीच फेंकने काम करती है? जिससे आर्थिक रूप से कमजोर होते जा रहे राज्यों में भी उसकी सरकार बार बार आ रही है। 
  • रवि शंकर दुबे
    पांचों राज्य में मुंह के बल गिरी कांग्रेस अब कैसे उठेगी?
    14 Mar 2022
    मैदान से लेकर पहाड़ तक करारी शिकस्त झेलने के बाद कांग्रेस पार्टी में लगातार मंथन चल रहा है, ऐसे में देखना होगा कि बुरी तरह से लड़खड़ा चुकी कांग्रेस गुजरात, हिमाचल और फिर 2024 के लोकसभा चुनाव के लिए…
  • अजय गुदावर्ती
    गुजरात और हिंदुत्व की राजनीतिक अर्थव्यवस्था
    14 Mar 2022
    एक नई किताब औद्योगिक गुजरात में सांप्रदायिकता की राजनीतिक अर्थव्यवस्था की परख करती है। इससे मिली अंतर्दृष्टि से यह समझने में मदद मिलती है कि हिंदुत्व गुजरात की अपेक्षा अविकसित उत्तर प्रदेश में कैसे…
  • abhisar sharma
    न्यूज़क्लिक टीम
    कानून का उल्लंघन कर फेसबुक ने चुनावी प्रचार में भाजपा की मदद की?
    14 Mar 2022
    न्यूज़चक्र के इस एपिसोड में आज वरिष्ठ पत्रकार बात कर रहे हैं एक न्यूज़ एजेंसी के द्वारा की गयी पड़ताल से ये सामने आया है की Facebook ने हमेशा चुनाव के दौरान BJP के पक्ष में ही प्रचार किया है। देखें…
  • misbehaved with tribal girls
    सोनिया यादव
    मध्य प्रदेश : मर्दों के झुंड ने खुलेआम आदिवासी लड़कियों के साथ की बदतमीज़ी, क़ानून व्यवस्था पर फिर उठे सवाल
    14 Mar 2022
    मध्य प्रदेश बाल अपराध और आदिवासियों के साथ होने वाले अत्याचार के मामले में नंबर एक पर है। वहीं महिला अपराधों के आंकड़ों को देखें तो यहां हर रोज़ 6 महिलाओं के साथ बलात्कार हो रहा है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License