NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
समाज
भारत
राजनीति
यूपी : सड़क और जल निकासी की उचित व्यवस्था के लिए धरना दे रही एक महिला की मौत
81 दिनों से धरना दे रही रानी देवी की आगरा के एक गाँव के धरनास्थल पर रविवार को मौत हो गई।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
04 Jan 2022
यूपी : सड़क और जल निकासी की उचित व्यवस्था के लिए धरना दे रही एक महिला की मौत
तस्वीर सौजन्य : हिंदुस्तान

उत्तर प्रदेश के आगरा के धनोली, अजीजपुरा और सिरोली गांवों में सड़क और जल निकासी की उचित व्यवस्था की मांग को लेकर 81 दिनों से धरना दे रही रानी देवी की धरना स्थल पर रविवार को मौत हो गई। वहीं रानी के बगल में सो रही एक अन्य महिला को बेहोशी की हालत में अस्पताल ले जाया गया।

गल्फ न्यूज के मुताबिक स्थानीय लोग पिछले 81 दिनों से इलाके में विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने जिला मुख्यालय पर नारेबाजी की और आगामी विधानसभा चुनावों का बहिष्कार करने के लिए पोस्टर लगाए, भूख हड़ताल किया और सड़कों पर लगे पानी और गड्ढों में बैठ गए। कुछ लोगों ने अपने-अपने घरों की दीवारों पर "फॉर सेल" के बैनर भी लगा दिए।

48 वर्षीय रानी मालपुरा थाना क्षेत्र के विकास नगर की रहने वाली थी। वह 13 अक्टूबर से सिरोली-धनोली रोड धरना स्थल पर लगातार विरोध प्रदर्शन कर रही थी। वह अपने 22 वर्षीय बेटे नीरज के साथ धरना स्थल के पास एक किराए के घर में रह रही थी।

जूता बनाने वाली एक फैक्ट्री में काम करने वाले नीरज ने कहा, 'मैं अपनी मां से रात में धरना स्थल पर न जाने के लिए कहता था लेकिन वह नहीं मानी थी। शनिवार को वह वहीं सोई थी। रविवार की सुबह जब मैं उन्हें चाय देने गई तो वह नहीं उठी। उसका शरीर ठंडा और कड़ा हो गया था। मैंने एक डॉक्टर को बुलाया जिसने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उनकी मौत के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह जिम्मेदार है।"

विरोध स्थल पर रानी की मौत की पुष्टि करते हुए एसडीएम लक्ष्मी एन. ने कहा, “हम परिवार को मुख्यमंत्री राहत कोष से कुछ आर्थिक सहायता और अन्य सरकारी योजनाओं के तहत लाभ देने का प्रयास करेंगे।”

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक इस बीच धरना स्थल पर बेहोश हुई दूसरी महिला 85 वर्षीय कीर्ति देवी है। 5 दिसंबर को कीर्ति ने चौधरी प्रेम सिंह नाम के एक व्यक्ति के साथ धरना स्थल के पास गड्ढा खोदा था और भूसमाधि की कोशिश की थी। तहसीलदार ने गड्ढ़े से दोनों को निकाला था और 24 घंटे के भीतर नाला निर्माण का आश्वासन दिया था।

विरोध का नेतृत्व कर रही सामाजिक कार्यकर्ता सावित्री चाहर ने कहा, “पिछले तीन वर्षों में हमने स्वच्छता की कमी, जलभराव और खराब सड़क और जल निकासी जैसे मुद्दों को उठाया है। हमने पिछले साल भी इन मुद्दों पर विरोध प्रदर्शन किया था, जिसके बाद स्थानीय अधिकारियों ने हमसे कहा था कि वे जलभराव की समस्या का समाधान करेंगे, लेकिन अभी तक कुछ भी नहीं किया गया है।”

जिलाधिकारी प्रभु एन. सिंह ने कहा, "धनोली और आसपास के क्षेत्रों के लिए 43 करोड़ रुपये का विकास कार्य होना है। स्थानीय लोगों की मांग के बाद सड़कों का निर्माण शुरू किया गया। इससे पहले जलजमाव को साफ करने के लिए अस्थाई व्यवस्था की गई थी। हम एक स्थायी जल निकासी व्यवस्था के लिए भी काम कर रहे हैं। मृतक महिला के परिवार को उचित मदद मुहैया कराई जाएगी।"

Uttar pradesh
agra
UP Administration

Related Stories

बढ़ती नफ़रत के बीच भाईचारे का स्तंभ 'लखनऊ का बड़ा मंगल'

लखनऊः नफ़रत के ख़िलाफ़ प्रेम और सद्भावना का महिलाएं दे रहीं संदेश

कैसे भाजपा की डबल इंजन सरकार में बार-बार छले गए नौजवान!

लखनऊ: साढ़ामऊ अस्पताल को बना दिया कोविड अस्पताल, इलाज के लिए भटकते सामान्य मरीज़

ये नेता आख़िर महिलाओं को समझते क्या हैं!

आगरा: भूख और बीमारी से बच्ची की मौत मामले में NHRC का योगी सरकार को नोटिस, विपक्ष ने भी मांगा जवाब

यूपी : बाराबंकी की बस्ती ने खुले में शौच मुक्त के मिथक का पर्दाफ़ाश किया

फतेहपुर मदरसा हमला मामला : कोतवाल और एसआई निलंबित

उत्तर प्रदेश: गाय ले जाने के लिए मिलेगा प्रमाणपत्र

अब लिंचिंग के लिए गाय के बहाने की भी ज़रूरत नहीं रही


बाकी खबरें

  • बिहार : न खाद्यान्न और न ईंधन उपलब्ध, छतों और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में ज़िंदा रहने का संघर्ष करते बाढ़ पीड़ित
    मोहम्मद इमरान खान
    बिहार : न खाद्यान्न और न ईंधन उपलब्ध, छतों और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में ज़िंदा रहने का संघर्ष करते बाढ़ पीड़ित
    13 Jul 2021
    'हम क्या कर सकते हैं, बाढ़ के पानी में सबकुछ डूब गया है और गांव को जोड़ने वाली सड़क को भी बाढ़ ने बर्बाद कर दिया है। बाहर निकलने के लिए कोई रास्ता ही नहीं है। प्रखंड अधिकारियों ने उपलब्धता ना होने का…
  • विध्वंस, नाम बदलना, पुनर्लेखन : भविष्य पर नियंत्रण करने के लिए कैसे अतीत को बदल रही है भाजपा?
    शलिनी दीक्षित
    विध्वंस, नाम बदलना, पुनर्लेखन : भविष्य पर नियंत्रण करने के लिए कैसे अतीत को बदल रही है भाजपा?
    13 Jul 2021
    भाजपा इतिहास में दखलंदाज़ी कर रही है,  ताकि सांप्रदायिक आग हमेशा जलती रहे। यह पार्टी का ज्ञान, पहचान है और इसलिए लोगों पर नियंत्रण का प्राथमिक स्रोत है।
  • फ़ैक्ट-चेक : बगैर चार्जशीट फ़ाइल हुए जेल में बंद थीं प्रज्ञा ठाकुर?
    पूजा चौधरी
    फ़ैक्ट-चेक : बगैर चार्जशीट फ़ाइल हुए जेल में बंद थीं प्रज्ञा ठाकुर?
    13 Jul 2021
    ऑल्ट न्यूज़ ने पता लगाया कि ये दावा कम से कम 2012 से किया जा रहा है. फिलहाल कुछ समय से मोदी सरकार की आलोचना करने वालों को जेल में डाले जाने के ख़िलाफ़ गुस्से की वजह से ये दावा फिर से चर्चा में आया.
  • AAP के पोस्टर की तस्वीर एडिट कर सांप्रदायिक दावे के साथ शेयर की गयी
    आकिब पठान
    AAP के पोस्टर की तस्वीर एडिट कर सांप्रदायिक दावे के साथ शेयर की गयी
    13 Jul 2021
    सोशल मीडिया पर आम आदमी पार्टी का एक कथित बिलबोर्ड वायरल है. इस बिलबोर्ड पर गुजराती में लिखा है, “નમાજ પઢશે ગુજરાત” जिसका मतलब है गुजरात नमाज़ पढ़ेगा. आगे, पोस्टर पर लिखा है, “ભાગવત સપ્તાહ અને…
  • नेशनल पोर्टल फॉर ट्रांस जेंडर पर्सन्स के ज़रिये अदिति (हरी साड़ी में) और काजल (लाल लिबास में) को मिली ट्रांस महिला की पहचान। फोटो : वर्षा सिंह 
    वर्षा सिंह
    अपना बुटीक खोलने और अपनी ज़िंदगी खुलकर जीने के लिए हासिल की ट्रांस महिला की पहचान
    13 Jul 2021
    “...बैंक ने मुझे लोन नहीं दिया। मेरे पास आधार कार्ड है। जिसमें मेरी पहचान पुरूष के तौर पर है। मेरे सर्टिफिकेट्स में मेरा पुरुष नाम ही है। जब मैं लोन के लिए जाती हूं तो मुझे स्त्री के तौर पर देखकर वह…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License