NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
अर्थव्यवस्था
ज़ोमैटो डिलीवरी एजेंटों ने तिरुवनंतपुरम में शुरू की अनिश्चितकालीन हड़ताल
डिलीवरी एजेंटों ने ज़ोमैटो फ़ूड एग्रीगेटर के प्रबंधन पर आरोप लगाया है कि बिना किसी अतिरिक्त लाभ के उन्हें फ़ुल टाइम काम करने के लिए मजबूर किया जा रहा है।
अभिवाद
16 Mar 2022
Translated by महेश कुमार
ज़ोमैटो डिलीवरी एजेंटों ने तिरुवनंतपुरम में शुरू की अनिश्चितकालीन हड़ताल
Firstpost

तिरुवनंतपुरम: तिरुवनंतपुरम में ऑनलाइन खाद्य वितरण कंपनी जोमैटो के वितरण एजेंटों ने उचित वेतन और कर्मचारी लाभ की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है।  भारत के 'सबसे बड़े फूड एग्रीगेटर' के डिलीवरी एजेंटों ने कर्मचारियों के लाभों में कमी के मामले में लाए गए नए सुधारों को जिम्मेदार ठहराया है। जैसे-जैसे ईंधन की कीमतें बढ़ रही हैं, डिलीवरी एजेंटों को 12 घंटे से अधिक काम करने और दिन में 180 किमी से अधिक यात्रा कर फूड वितरण करने के बाद भी बहुत कम लाभ मिल रहा हैं।

नतीजतन, डिलीवरी एजेंटों का एक तबका ऑफलाइन चला गया है और शुक्रवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। शनिवार को हड़ताल पर गए एजेंटों ने केरल के श्रम मंत्री वी शिवनकुट्टी से मुलाकात की और एक ज्ञापन सौंपा। मंत्री ने श्रम आयुक्त से परामर्श के बाद सरकार के हस्तक्षेप का आश्वासन दिया है। डिलीवरी एजेंटों ने केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन को भी एक ज्ञापन भी सौंपा है।

एजेंटों ने हाल ही में शुरू की गई 'गिग्स' प्रणाली को दोषी ठहराया है

खाद्य वितरण कंपनी ने जनवरी 2022 में काम की व्यवस्था में ने सुधार की शुरुवात करते हुए नई 'गिग्स' प्रणाली की शुरुआत की है। डिलीवरी एजेंटों का कहना है कि शुरू में, कंपनी ने उनमें से अधिकतर एजेन्टों को नई प्रणाली के लिए साइन अप करने के लिए आकर्षक पारिश्रमिक दिया था। लेकिन अब जब उनमें से एक बड़े वर्ग को नई प्रणाली में स्थानांतरित कर दिया गया है, तो उनके लाभों में कटौती कर दी गई है। 

“वर्तमान में, अगर हम लगातार 15 घंटे काम करते हैं, और लगभग 200 किमी तक के दायरे में  खाना वितरित करते हैं तो ईंधन शुल्क सहित सभी खर्चों के बाद, प्रति दिन 400 रुपये से कम बचते है। जोमैटो के डिलीवरी एजेंट हरीश (नाम बदला हुआ) कहते हैं, यह पिछले साल की तुलना में 75 प्रतिशत कम है।

हरीश ने बताया कि, “पहले, हमें 5 किमी के भीतर हर डिलीवरी के 25 रुपये और उससे आगे के लिए 5 रुपये प्रति किमी मिलते थे। नई प्रणाली के चलते हमें पिकअप के लिए नहीं बल्कि केवल डिलीवरी के लिए भुगतान किया जाता है। इसका मतलब है कि अगर मैं ऑर्डर लेने के लिए अपने वर्तमान स्थान से रेस्तरां तक 8 किमी तक जाता हूं, और फिर इसे 2 किमी दूर वितरित करता हूं, तो मुझे केवल बाद वाले के लिए भुगतान मिलेगा।”

'गिग्स’ (GIGS) जोमैटो द्वारा पेश किया गया एक नया टाइम स्लॉट बुकिंग सिस्टम है। गिग एक टाइम स्लॉट को संदर्भित करता है। नई प्रणाली के अनुसार, डिलीवरी एजेंटों को अधिक कमाई के लिए अधिक 'गिग्स' बुक करने के लिए कहा जाता है। जो लोग अधिक गिग्स बुक करते हैं उन्हें ऑर्डर हासिल करने के मामले में उच्च प्राथमिकता दी जाती है। नई प्रणाली के साथ, कंपनी 'डिलीवरी पार्टनर्स' को 'कर्मचारी' के रूप में स्वीकार किए बिना, पूर्णकालिक प्रतिबद्धता की तरफ धकेल रही है। डिलीवरी एजेंट जिन नियमों और शर्तों को स्वीकार करने के लिए बाध्य हैं, उनके लिए सामाजिक सुरक्षा कवर और बीमा से वंचित करने के लिए सावधानी से मसौदा तैयार किया गया है, खासकर ड्यूटी के दौरान दुर्घटनाओं के मामले में ऐसा किया गया है। कंपनी डिलीवरी एजेंटों को सूचित किए बिना और किसी पूर्व सूचना के नियम और शर्तों में संशोधन कर सकती है।

एक अन्य जोमैटो डिलीवरी एजेंट शिवरामन (नाम बदला हुआ), जो छह साल से विभिन्न खाद्य वितरण ऐप के साथ काम कर रहा है, ने न्यूज़क्लिक को बताया कि कंपनी द्वारा पेश की गई नई काम की व्यवस्था के समझौते में कोई स्पष्टता नहीं है। इसमें 'डिलीवरी पार्टनर्स' को दिए जाने वाले मूल पारिश्रमिक और प्रोत्साहनों पर विशिष्ट विवरण का अभाव है। हम नए गिग्स सिस्टम में जाने के इच्छुक नहीं हैं, शिवरामन अभी भी पुराने रेट-कार्ड सिस्टम के अनुसार जोमैटो के साथ काम करते हैं। वे बताते हैं कि, “वे हमें 'डिलीवरी पार्टनर' कहते हैं, लेकिन वे हमसे काम के दौरान जोमैटो टी-शर्ट और हमारे बैग का भी शुल्क लेते हैं। न ही हमें बुनियादी कर्मचारी लाभ मिलते हैं।”

शिवरामन ने बताया कि, "हमारा कंपनी के साथ एकमात्र संपर्क जोमैटो टीम लीडर से है। जब भी हम इस तरह की चिंताएं उठाते हैं तो वह कभी भी हमारी कॉल्स अटेंड नहीं करते हैं। इसके बजाय, टीम लीडर इस बात पर जोर देता है कि हम लाभ के लिए और भी अधिक काम करते रहें। इसके अलावा, वे हमें बर्खास्त करने, खाते को ब्लॉक करने और पुलिस मामले दर्ज करने की धमकी दे रहे हैं। कंपनी के अधिकारियों ने कई डिलीवरी एजेंटों से संपर्क किया है ताकि वे हड़ताल पर रहने वालों के खिलाफ फर्जी आरोप पुलिस में दर्ज करा सकें। हमने अन्य एजेन्टों से बात करने और उन्हें हड़ताल में शामिल होने के लिए मनाने की कोशिश की है।”

भोजन वितरण में एकाधिकार

चूंकि जोमैटो ने 2020 में उबर इट्स का अधिग्रहण किया था, इसलिए जोमैटो और स्वीगी ने देश भर में ऑनलाइन भोजन वितरण में एकाधिकार हासिल कर लिया है। खाद्य वितरण एजेंटों के शोषण में दो प्लेटफार्मों में बहुत कम अंतर हैं। कंपनी की भुगतान नीति का विरोध करते हुए अगस्त 2020 में चेन्नई से शुरू की गई स्विगी कर्मचारियों की हड़ताल हैदराबाद और दिल्ली जैसे अन्य शहरों में भी फैल गई थी।

कम पारिश्रमिक के अलावा, इन दो प्लेटफार्मों पर खाद्य वितरण एजेंटों की एक आम चिंता दयनीय काम करने की स्थिति रही है। न तो रेस्तरां और न ही एग्रीगेटर कंपनियां डिलीवरी एजेंटों को पिकअप के दौरान या ऑर्डर की प्रतीक्षा करते समय प्रतीक्षा स्थल प्रदान करती हैं। जबकि एजेंट ग्राहकों को समय पर भोजन कारने के लिए अक्सर संघर्ष करते हैं, उनमें से अधिकांश को घर से लाए भोजन को पार्क या बस स्टैंड पर खाने के लिए मजबूर किया जाता है। कंपनियों के काम के शेड्यूल को सख्त करने के साथ, कई लोगों का कहना है कि उन्हें उचित भोजन के लिए मुश्किल से ही समय मिलता है। दुर्घटनाएं भी आम हैं क्योंकि वे समय पर पहुंचने के लिए यातायात में तेजी से वाहन चलाते हैं। कठोर मौसम, व्यस्त यातायात, या यहां तक कि महामारी ने कारण भी कंपनी के दृष्टिकोण में बदलाव नहीं आया है, और उस पर उचित प्रोत्साहन नहीं दिया जाता है। 

दो प्रमुख फूड एग्रीगेटर्स के 'अस्वस्थ संचालन' से नाखुश केवल डिलीवरी एजेंट ही नहीं हैं। भारतीय राष्ट्रीय रेस्तरां संघ (NRAI) ने जुलाई 2021 में भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) से संपर्क किया था, जिसमें एकाधिकार की 'स्वाभाविक रूप से प्रतिस्पर्धा-विरोधी प्रथाओं' को उठाया गया था।

सामूहिक प्रयासों की ओर

अकेले जोमैटो में तिरुवनंतपुरम में लगभग 2,500 फूड डिलीवरी एजेंट हैं। शुक्रवार से जब उनमें से एक वर्ग हड़ताल पर चला गया, तो शुक्रवार, शनिवार और रविवार को फूड डिलीवरी ऐप का संचालन काफी हद तक बाधित हो गया था। कई डिलीवरी एजेंट जो ऑफ़लाइन हो गए थे, उन्हें बाद में टीम लीडर के फोन आए और उन्हें हड़ताल में भाग न लेने की धमकी दी गई। दस एजेंटों को बाद में ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से ब्लॉक कर दिया गया। कंपनी ने संघर्ष को वश में करने के लिए आउटसोर्सिंग खाद्य वितरण को भी नियोजित करना शुरू कर दिया है।

जोमैटो के प्रदर्शनकारी एजेन्टों ने सभी फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म पर डिलीवरी एजेंटों का एक संगठन बनाने का फैसला किया है। उनके प्रतिनिधि इस मुद्दे को लेकर ट्रेड यूनियन नेताओं के संपर्क में हैं।

 

Zomato
delivery agents
Indefinite Strike
Thiruvananthapuram
NRAI
CCI
Food Agrigators

Related Stories

मेरठ: वेटरनरी छात्रों को इंटर्नशिप के मिलते हैं मात्र 1000 रुपए, बढ़ाने की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे

केरल : वीज़िंजम में 320 मछुआरे परिवारों का पुनर्वास किया गया

आंगनवाड़ी की महिलाएं बार-बार सड़कों पर उतरने को क्यों हैं मजबूर?

गिग वर्कर्स के क़ानूनी सशक्तिकरण का वक़्त आ गया है

रोटी के लिए जद्दोजहद करते खाना पहुंचाने वाले हाथ

यूपी सरकार द्वारा एफ़आईआर के बावजूद एम्बुलेन्स कर्मचारियों की हड़ताल जारी

गिग वर्करों पर कैसा रहा लॉकडाउन का प्रभाव?

Swiggy कर्मचारी हड़ताल पर

डिलीवरी कर्मचारियों का भुगातन नियम के ख़िलाफ़ चार दिनों से प्रदर्शन जारी

लॉकडाउन प्रभाव: Swiggy और Zomato में बड़े पैमाने पर छंटनी, कर्मचारियों ने कहा- इस संकट में कहां जाएंगे?


बाकी खबरें

  • Goa election
    न्यूज़क्लिक टीम
    गोवा चुनाव: राज्य में क्या है खनन का मुद्दा और ये क्यों महत्वपूर्ण है?
    05 Feb 2022
    गोवा में खनन एक प्रमुख मुद्दा है। सभी पार्टियां कह रही हैं कि अगर वो सत्ता में आती हैं तो माइनिंग शुरु कराएंगे। लेकिन कैसे कराएंगे, इसका ब्लू प्रिंट किसी के पास नहीं है। क्योंकि, खनन सुप्रीम कोर्ट के…
  • ajay mishra teni
    भाषा
    लखीमपुर घटना में मारे गए किसान के बेटे ने टेनी के ख़िलाफ़ लोकसभा चुनाव लड़ने का इरादा जताया
    05 Feb 2022
    जगदीप सिंह ने दावा किया कि समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस ने उन्हें लखीमपुर खीरी की धौरहरा विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने की पेशकश की थी, लेकिन उन्होंने यह कहते हुए मना कर दिया कि वे 2024 के लोकसभा…
  • up elections
    भाषा
    उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव पहला चरण: 15 निरक्षर, 125 उम्मीदवार आठवीं तक पढ़े
    05 Feb 2022
    239 उम्मीदवारों (39 प्रतिशत) ने अपनी शैक्षणिक योग्यता कक्षा पांच और 12वीं के बीच घोषित की है, जबकि 304 उम्मीदवारों (49 प्रतिशत) ने स्नातक या उससे ऊपर की शैक्षणिक योग्यता घोषित की है।
  • election
    न्यूज़क्लिक टीम
    "चुनाव से पहले की अंदरूनी लड़ाई से कांग्रेस को नुकसान" - राजनीतिक विशेषज्ञ जगरूप सिंह
    05 Feb 2022
    पंजाब में चुनाव से पहले मुख्यमंत्री पद के दावेदार की घोषणा करना राहुल गाँधी का गलत राजनीतिक निर्णय था। न्यूज़क्लिक के साथ एक खास बातचीत में राजनीतिक विशेषज्ञ जगरूप सिंह ने कहा कि अब तक जो मुकाबला…
  • beedi worker
    सतीश भारतीय
    बीड़ी कारोबार शरीर को बर्बाद कर देता है, मगर सवाल यह है बीड़ी मजदूर जाएं तो जाएं कहां?
    05 Feb 2022
    मध्यप्रदेश का सागर जिला जिसे बीड़ी उद्योग का घर कहा जाता है, वहां बीड़ी कारोबार नशा से बढ़कर गरीब आवाम की रोजी-रोटी का सहारा है। उन्हें बीड़ी कारोबार से बाहर निकालकर गरिमा पूर्ण जीवन मुहैया करवाने के…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License