NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
सोशल मीडिया
भारत
राजनीति
एबीवीपी ने अपने स्थापना दिवस पर फ़ेक फ़ोटो के जरिये किया शौर्यगान!
एबीवीपी के ऑफिशियल ट्विटर अकाउंट से एक ट्वीट 9 जुलाई 2020 को किया गया है। 9 जुलाई एबीवीपी का स्थापना दिवस होता है। इस ट्वीट के साथ एक फोटो भी पोस्ट किया गया है। दावा किया गया है कि ये फोटो एबीवीपी का है और 1973 नवनिर्माण आंदोलन का है।
राज कुमार
14 Jul 2020
एबीवीपी ने अपने स्थापना दिवस पर फ़ेक फ़ोटो के जरिये किया शौर्यगान!

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के अनुषांगिक छात्र संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने ट्वीट किया है, “एबीवीपी का भ्रष्टाचार के खिलाफ बिना किसी भी समझौते के साफ स्टैंड है। जिसके चलते 1973 में नवनिर्माण आंदोलन को शुरु और मजबूत किया गया। एबीवीपी के इस प्रतिरोध की वजह से उस वक्त की गुजरात सरकार गिर गई थी...”। (मूल ट्विट का हिंदी अनुवाद)

एबीवीपी के ऑफिशियल ट्विटर अकाउंट से ये ट्वीट 9 जुलाई 2020 को किया गया है। 9 जुलाई एबीवीपी का स्थापना दिवस होता है। इस ट्वीट के साथ एक फोटो भी पोस्ट किया गया है। दावा किया गया है कि ये फोटो एबीवीपी का है और 1973 नवनिर्माण आंदोलन का है। एबीवीपी का ट्वीट आप इस लिंक पर देख सकते हैं। (आर्काइवल लिंक)

ABVP’s uncompromising stand against corruption initiated & strengthend the Navnirman Andolan in 1973. ABVP’s protests led to falling of the then Gujarat government.

In 1974 the Chhatra Sangharsh Samiti made the issue of corruption in Bihar a national issue.#NationalStudentsDay pic.twitter.com/M2vD3bl2y3

— ABVP (@ABVPVoice) July 9, 2020

अब आइये, जरा इस फोटो की सच्चाई जानते हैं। जब इस फोटो के बारे में खोजबीन की गई तो ये इंटरनेट पर काफी जगह मौजूद मिला। एबीवीपी के अलावा हर जगह ये फोटो “महागुजरात आंदोलन” के संदर्भ में प्रकाशित किया गया है। महागुजरात आंदोलन, गुजरात के स्वतंत्र राज्य के निर्माण का आंदोलन था। इसी आंदोलन की बदौलत ही 1 मई 1960 को गुजरात एक स्वतंत्र राज्या बना था। पहले गुजरात महाराष्ट्र का ही हिस्सा था।

डीएनए की वेबसाइट पर 5 मई 2012 को महागुजरात आंदोलन पर एक रिपोर्ट पब्लिश हुई थी। जहां आप इस फोटो को देख सकते हैं। रिपोर्ट देखने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें।

imageइसके अलावा भी अनेकों जगह पर ये फोटो महागुजरात आंदोलन के संदर्भ में पब्लिश हुआ है। एक जगह पर बताया गया है कि ये फोटो महागुजरात आंदोलन का है और 1956 का है। Gujarat.in नाम की वेबसाइट पर इस तरह का दावा है।

imageimage

image

image

1 मई 2017 को अहमदाबाद में महागुजरात आंदोलन के नेता इंदुलाल याज्ञनिक की प्रतिमा का अनावरण किया गया। मुख्यमंत्री का ट्विट आप यहां देख सकते हैं।

Guj CM paid floral tributes to Indu Chacha, the founder of Maha Gujarat movement, at his statue at Lal Darwaja today on #GujaratGauravDivas pic.twitter.com/xmjDum2fvY

— CMO Gujarat (@CMOGuj) May 1, 2017

इस मौके पर महागुजरात आंदोलन के फोटो के साथ साज-सज्जा भी की गई। इस साज-सज्जा में भी आप इस फोटो को देख सकते हैं। नवभारत टाइम्स ने गुजरात दिवस के मौके पर महागुजरात आंदोलन पर एक रिपोर्ट पब्लिश की थी। शीर्षक था “गुजरात दिवसः कहानी आज़ादी के बाद के सबसे बड़े जन आंदोलन की ”। रिपोर्ट में आंदोलन के बारे में और इस आंदोलन के लोकप्रिय नेता इंदुलाल याज्ञनिक के बारे में विस्तार से लिखा है। नवभारत टाइम्स की इस रिपोर्ट में महागुजरात आंदोलन के फोटो के होर्डिंग्स में आप इस फोटो को साफ देख सकते हैं। रिपोर्ट देखने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें।

image

इस प्रकार स्पष्ट है कि ये फोटो न तो एबीवीपी का है और न ही 1973 के नवनिर्माण आंदोलन का। ये फोटो महागुजरात आंदोलन का है और 1960 से पहले का है। एबीवीपी का दावा गलत है। ट्वीट की गई फोटो और जानकारी फ़ेक और भ्रामक है। फोटो को संदर्भ से काटकर गलत संदर्भ में खुद के शौर्यगान के लिए इस्तेमाल किया गया है।

लेखक स्वतंत्र पत्रकार एवं ट्रेनर हैं। आप सरकारी योजनाओं से संबंधित दावों और वायरल संदेशों की पड़ताल भी करते रहते हैं।

ABVP
RSS
fake news
Gujrat
twitter

Related Stories

अलीगढ़ : कॉलेज में नमाज़ पढ़ने वाले शिक्षक को 1 महीने की छुट्टी पर भेजा, प्रिंसिपल ने कहा, "ऐसी गतिविधि बर्दाश्त नहीं"

अफ़्रीका : तानाशाह सोशल मीडिया का इस्तेमाल अपनी सत्ता बनाए रखने के लिए कर रहे हैं

मुख्यमंत्री पर टिप्पणी पड़ी शहीद ब्रिगेडियर की बेटी को भारी, भक्तों ने किया ट्रोल

वे कौन लोग हैं जो गोडसे की ज़िंदाबाद करते हैं?

पड़ताल: क्या टिकैत वाकई मीडिया को धमकी दे रहे हैं!

कांग्रेस, राहुल, अन्य नेताओं के ट्विटर अकाउंट बहाल, राहुल बोले “सत्यमेव जयते”

ट्विटर बताए कि आईटी नियमों के अनुरूप शिकायत निवारण अधिकारी की नियुक्ति कब तक होगी : अदालत

संसदीय समिति ने ट्विटर से कहा: देश का कानून सर्वोपरि, आपकी नीति नहीं

मोहन भागवत समेत कई आरएसएस पदाधिकारियों के ट्विटर अकाउंट से हटा ब्लू टिक

विश्लेषण : मोदी सरकार और सोशल मीडिया कॉरपोरेट्स के बीच ‘जंग’ के मायने


बाकी खबरें

  • kisan andolan
    न्यूज़क्लिक टीम
    किसान आंदोलन का एक साल: जश्न के साथ नई चुनौतियों के लिए तैयार
    26 Nov 2021
    दिल्ली की सीमाओं पर किसान आंदोलन को आज एक साल पूरा हो गया। 26 नवंबर 2020 को शुरू हुआ यह आंदोलन आज अहम मोड़ पर है। पहली जीत के तौर पर यह आंदोलन तीनों कृषि क़ानूनों को वापस करा चुका है और अब दूसरी बड़ी…
  • kisan andolan
    न्यूज़क्लिक टीम
    ग्राउंड रिपोर्ट: किसानों ने Mr. PM को पढ़ाया संविधान का पाठ
    26 Nov 2021
    ग्राउंड रिपोर्ट में वरिष्ठ पत्रकार भाषा सिंह ने दिल्ली की सरहद टिकरी बॉर्डर पर बैठीं किसान औरतों और मर्दों के साथ-साथ नेताओं से बात करके यह जानने की कोशिश की कि आखिर मोदी की घोषणा पर उन्हें क्यो नहीं…
  • sex ratio
    अजय कुमार
    1000 मर्दों पर 1020 औरतों से जुड़ी ख़ुशी की ख़बरें सच की पूंछ पकड़कर झूठ का प्रसार करने जैसी हैं!
    26 Nov 2021
    औरतों की संख्या मर्दों से ज़्यादा है - यह बात NFHS से नहीं बल्कि जनगणना से पता चलेगी।
  • up police
    विजय विनीत
    जंगलराज: प्रयागराज के गोहरी गांव में दलित परिवार के चार लोगों की नृशंस हत्या
    26 Nov 2021
    दलित उत्पीड़न में यूपी, देश में अव्वल होता जा रहा है और इस सरकार में दलितों व कमजोरों को न्याय मिलना दूर की कौड़ी हो गया है। यदि प्रयागराज पुलिस ने दलित परिवार की शिकायत पर कार्रवाई की होती और सवर्ण…
  • kisan andolan
    मुकुंद झा
    किसान आंदोलन के एक साल बाद भी नहीं थके किसान, वही ऊर्जा और हौसले बरक़रार 
    26 Nov 2021
    26 नवंबर 2020 को दिल्ली की सीमाओं से शुरू हुए किसान आंदोलन के एक साल पूरे होने पर टिकरी, सिंघू और ग़ाज़ीपुर बॉर्डर हज़ारों की संख्या में किसान पहुंचे और आंदोलन को अन्य मांगों के साथ जारी रखने का अहम…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License