NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
'दि वायर' के संपादक सिद्धार्थ वरदराजन को अग्रिम ज़मानत
वरिष्ठ वकील आई बी सिंह ने कहा कि याचिकाकर्ता को राज्य सरकार उस वास्तविक चूक के लिए निशाना बना रही है, जो प्राथमिकी दर्ज होने से पहले ही तत्काल सही कर ली गयी थी।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
16 May 2020
Siddharth Varadarajan
फाइल फोटो

लखनऊ : वरिष्ठ पत्रकार और वरिष्ठ पत्रकार और आनलाइन समाचार पोर्टल 'दि वायर' के संपादक सिद्धार्थ वरदराजन को इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने शुक्रवार को अग्रिम ज़मानत दे दी।

पीठ ने कहा कि आरोप पत्र दाखिल होने और संबंधित न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा संज्ञान लिये जाने के बाद भी अग्रिम जमानत मंजूर की जा सकती है। वरदराजन पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ बयान देने के लिए अयोध्या कोतवाली में दो प्राथमिकी दर्ज हैं।

एक प्राथमिकी भारतीय दंड संहिता, आईटी कानून, आपदा प्रबंधन कानून और महामारी कानून के तहत कोतवाली अयोध्या पुलिस में दर्ज है।

न्यायमूर्ति चंद्रधारी सिंह ने 13 मई को सुरक्षित किये गये फैसले को सुनाते हुए याचिकाकर्ता को निर्देश दिया कि वह अपना अमेरिकी पासपोर्ट तत्काल जमा कर दे और निचली अदालत की अनुमति के बिना देश छोड़कर न जायें ।

पीठ ने अग्रिम जमानत की याचिका को स्वीकार करने से पहले वरदराजन पर कई और पाबंदियां लगायीं ।

वरिष्ठ वकील आई बी सिंह ने कहा कि याचिकाकर्ता को राज्य सरकार उस वास्तविक चूक के लिए निशाना बना रही है, जो प्राथमिकी दर्ज होने से पहले ही तत्काल सही कर ली गयी थी।

अपर महाधिवक्ता वी के साही ने दलील दी कि याचिकाकर्ता ने जो कुछ किया, वह सांप्रदायिक सदभाव बिगाडने वाला कार्य था ।

आपको बता दें कि ‘दि वायर’ पोर्टल में प्रकाशित एक लेख के लिए इस न्यूज़ पोर्टल के सह-संस्थापक-संपादक, सिद्धार्थ वरदराजन के ख़िलाफ़ दर्ज की गयी एफ़आईआर का हवाला देते हुए देशभर के 165 पत्रकारों ने अपने एक बयान में “मीडिया से जुड़े लोगों के राजनीतिक रूप से प्रेरित उत्पीड़न” की निंदा की थी। इनकी ओर से जारी बयान में कहा गया था, “जिस तरह से यूपी सरकार और उसकी पुलिस ने एकतरफ़ा एजेंडे के साथ कार्रवाई की है, उससे बदले की भावना की बू आती है।

जब नागरिक अपने अनेक सामान्य लोकतांत्रिक अधिकारों के इस्तेमाल को लेकर सीमित कर दिये गये हों, ऐसे में राज्य पर अपनी शक्तियों के इस्तेमाल को लेकर संयम बरतने की अतिरिक्त ज़िम्मेदारी होती है। ऐसे हालात में प्रेस की आज़ादी दोगुनी अहम हो जाती है, क्योंकि लोग ख़ुद को ख़बर नहीं बना सकते हैं, लेकिन स्वतंत्र मीडिया अपने सरकारों को व्यक्त करने का सबसे अहम ज़रिया है।”

इसे पढ़ें : 165 पत्रकारों ने मीडिया की ज़बान बंद करने के यूपी सरकार के क़दम की निंदा की 

इससे पहले देश की 90 जानी-मानी हस्तियों जिनमें लेखक, पत्रकार, बुद्धिजीवी, कलाकार-संस्कृतिकर्मी और अन्य शामिल थे ने  ‘दि वायर’ के संस्थापक संपादक सिद्धार्थ वरदराजन के ख़िलाफ़ एफआईआर दर्ज किए जाने की तीखी आलोचना की थी। इंडियन कल्चरल फोरम (आईसीएफ) की ओर से ‘स्वतंत्र मीडिया को डराने की कोशिश बंद करो!’ शीर्षक से जारी एक बयान में इसे मीडिया को धमकाने और उसकी आज़ादी पर लगाम लगाने की कोशिश कहा गया।  

इसे पढ़ें : देश की 90 हस्तियों ने की ‘द वायर’ के संपादक सिद्धार्थ वरदराजन के ख़िलाफ़ FIR की निंदा

(समाचार एजेंसी भाषा के कुछ इनुपट के साथ)

Siddharth Varadarajan
The Wire
Freedom of Journalism
UttarPradesh
yogi sarkar
BJP

Related Stories

बदायूं : मुस्लिम युवक के टॉर्चर को लेकर यूपी पुलिस पर फिर उठे सवाल

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

मंडल राजनीति का तीसरा अवतार जाति आधारित गणना, कमंडल की राजनीति पर लग सकती है लगाम 

बॉलीवुड को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है बीजेपी !


बाकी खबरें

  • Gauri Lankesh pansare
    डॉ मेघा पानसरे
    वे दाभोलकर, पानसरे, कलबुर्गी या गौरी लंकेश को ख़ामोश नहीं कर सकते
    17 Feb 2022
    दाभोलकर, पानसरे, कलबुर्गी और गौरी को चाहे गोलियों से मार दिया गया हो, मगर उनके शब्द और उनके विचारों को कभी ख़ामोश नहीं किया जा सकता।
  • union budget
    टिकेंदर सिंह पंवार
    5,000 कस्बों और शहरों की समस्याओं का समाधान करने में केंद्रीय बजट फेल
    17 Feb 2022
    केंद्र सरकार लोगों को राहत देने की बजाय शहरीकरण के पिछले मॉडल को ही जारी रखना चाहती है।
  • covid
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में आज फिर 30 हज़ार से ज़्यादा नए मामले, 541 मरीज़ों की मौत
    17 Feb 2022
    देश में 24 घंटों में कोरोना के 30,757 नए मामले सामने आए है | देश में कोरोना संक्रमण के मामलों की संख्या बढ़कर 4 करोड़ 27 लाख 54 हज़ार 315 हो गयी है।
  • yogi
    एम.ओबैद
    यूपी चुनावः बिजली बिल माफ़ करने की घोषणा करने वाली BJP का, 5 साल का रिपोर्ट कार्ड कुछ और ही कहता है
    17 Feb 2022
    "पूरे देश में सबसे ज्यादा महंगी बिजली उत्तर प्रदेश की है। पिछले महीने मुख्यमंत्री (योगी आदित्यनाथ) ने 50 प्रतिशत बिजली बिल कम करने का वादा किया था लेकिन अभी तक कुछ नहीं किया। ये बीजेपी के चुनावी वादे…
  • punjab
    रवि कौशल
    पंजाब चुनाव : पुलवामा के बाद भारत-पाक व्यापार के ठप हो जाने के संकट से जूझ रहे सीमावर्ती शहर  
    17 Feb 2022
    स्थानीय लोगों का कहना है कि पाकिस्तान के साथ व्यापार के ठप पड़ जाने से अमृतसर, गुरदासपुर और तरनतारन जैसे उन शहरों में बड़े पैमाने पर बेरोज़गारी पैदा हो गयी है, जहां पहले हज़ारों कामगार,बतौर ट्रक…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License