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भारत
राजनीति
कविता तथा संगीत में अंबेडकर की विरासत जीवित है
संगीत तथा कविता दलित आंदोलन के केंद्र में रहे हैं। अंबेडकर के बारे में असंख्य कविताएं हैं और पुराने व नए गीत-संगीत हैं जो दलित आंदोलनों की शक्ति की गुणगान करते हैं और अत्याचार तथा अपमान को समाप्त करने की मांग करते हैं।
आईसीएफ़
07 Dec 2020

संगीत तथा कविता दलित आंदोलन के केंद्र में रहे हैं। अंबेडकर के बारे में असंख्य कविताएं हैं और पुराने व नए गीत-संगीत हैं जो दलित आंदोलनों की शक्ति की गुणगान करते हैं और अत्याचार तथा अपमान को समाप्त करने की मांग करते हैं।

वक़्त की आवाज़ के इस एपिसोड में कविता, गीत तथा संगीत हैं जो दलित प्रतिरोध तथा विरोध का भाव व्यक्त करते हैं। कदुबाई खरात और शीतल साठे से लेकर नई आवाज़ें अरिवु और गिन्नी माही जैसी मुख्य धारा में जगह बनाने का दावा करती है। ये एपिसोड स्पष्ट करता है कि अंबेडकर की विरासत संगीत और कविता में कैसे जीवित है।

/ambedkars-legacy-lives-poetry-and-music

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CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License