NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
स्वास्थ्य
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
2021 के मध्य तक यमन के अधिकांश लोग खाद्य असुरक्षा का सामना करेंगेः यूएन
संयुक्त राष्ट्र की इस एजेंसी ने इस बात पर जोर दिया है कि सऊदी नेतृत्व वाले युद्ध का अंत ही देश में खाद्य असुरक्षा को समाप्त करने का एकमात्र स्थायी तरीका है।
पीपल्स डिस्पैच
04 Dec 2020
यमन

वर्ल्ड फूड प्रोग्राम, यूनिसेफ और फूड एंड एग्रीकल्चर (एफएओ) द्वारा गुरुवार 3 दिसंबर को जारी संयुक्त बयान में कहा गया कि अंतराराष्ट्रीय समुदाय द्वारा यमन में युद्ध समाप्त करने और मानवीय सहायता प्रदान करने के लिए जल्द कोई क़दम नहीं उठाता है तो अगले साल के मध्य तक यमन की आधी से अधिक आबादी को अलग तरह की भुखमरी और खाद्य असुरक्षा का सामना करना पड़ेगा।

संयुक्त राष्ट्र के इंटिग्रेटेड फूड सिक्योरिटी फेज क्लासिफिकेशन (आईपीसी) के अनुसार, अधिक खाद्य असुरक्षा से पीड़ित लोगों की संख्या यमनी आबादी का 45% है। अगले वर्ष के मध्य तक यह संख्या बढ़कर 54% या 16.2 मिलियन लोगों तक पहुंचने की उम्मीद है।

इस रिपोर्ट के अनुसार 16, 500 लोग वर्तमान में यमन में अकाल जैसी स्थिति से जूझ रहे हैं और अगर खाद्य सहायता तुरंत नहीं बढ़ाई गई तो अगले साल के मध्य तक यह संख्या बढ़कर 45,000 से अधिक लोगों तक पहुंच सकती है। खाद्य असुरक्षा के "आपातकालीन चरण" का सामना करने के लिए तैयार यमनियों की कुल संख्या इसी अवधि में वर्तमान में 3.6 मिलियन से बढ़कर 5 मिलियन हो जाने की उम्मीद है।

एफएओ के महानिदेशक क्यूयू डोंग्यू ने इस रिपोर्ट पर टिप्पणी करते हुए कहा, हालांकि खाद्य सामग्री के प्रवाह को बनाए रखना अत्यावश्यक है फिर भी “यह चक्र जारी नहीं रह सकता है। यमन को संघर्ष की समाप्ति की आवश्यकता है जो इस देश में खाद्य असुरक्षा का पहला कारण है”।

यमन में युद्ध साल 2015 में उस समय शुरू हुआ था जब सऊदी अरब के नेतृत्व वाली गठबंधन सेनाओं ने देश में हवाई हमले किए और अब्द रब्बू मसुर हादी के नेतृत्व वाली सरकार के समर्थन में सख्त ज़मीनी और समुद्री नाकेबंदी लागू की जिन्हें उनके भ्रष्टाचार सरकार के खिलाफ अंसार अल्लाह या हौथी के नेतृत्व वाले विद्रोही द्वारा देश से भागने के लिए मजबूर किया गया। हवाई हमले और जमीनी तथा समुद्री नाकाबंदी ने देश के बुनियादी ढांचे को बड़े पैमाने पर नष्ट कर दिया और भोजन तथा दवा की आपूर्ति के प्रवाह को रोक दिया। अपने पांचवें वर्ष में जारी इस युद्ध ने हजारों लोगों की जान ले ली है और लाखों यमनियों को भुखमरी के कगार पर धकेल दिया है। इसको लेकर संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि यह "दुनिया का सबसे बड़ा मानवीय संकट" है।

yemen
economic crises
poverty
Hunger Crisis
WHO

Related Stories

कोविड मौतों पर विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट पर मोदी सरकार का रवैया चिंताजनक

कोविड-19 महामारी स्वास्थ्य देखभाल के क्षेत्र में दुनिया का नज़रिया नहीं बदल पाई

WHO की कोविड-19 मृत्यु दर पर भारत की आपत्तियां, कितनी तार्किक हैं? 

दवाई की क़ीमतों में 5 से लेकर 5 हज़ार रुपये से ज़्यादा का इज़ाफ़ा

हासिल किया जा सकने वाला स्वास्थ्य का सबसे ऊंचा मानक प्रत्येक मनुष्य का मौलिक अधिकार है

क्या बूस्टर खुराक पर चर्चा वैश्विक टीका समता को गंभीर रूप से कमज़ोर कर रही है?

यात्रा प्रतिबंधों के कई चेहरे

ओमीक्रॉन को रोकने के लिए जन स्वास्थ्य सुविधाएं, सामाजिक उपाय तत्काल बढ़ाने की ज़रूरत : डब्ल्यूएचओ

स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को डब्ल्यूटीओ के एजेंडे की परवाह क्यों करनी चाहिए?

दुनिया की 42 फ़ीसदी आबादी पौष्टिक आहार खरीदने में असमर्थ


बाकी खबरें

  • corona
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना के मामलों में क़रीब 25 फ़ीसदी की बढ़ोतरी हुई
    04 May 2022
    देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 3,205 नए मामले सामने आए हैं। जबकि कल 3 मई को कुल 2,568 मामले सामने आए थे।
  • mp
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    सिवनी : 2 आदिवासियों के हत्या में 9 गिरफ़्तार, विपक्ष ने कहा—राजनीतिक दबाव में मुख्य आरोपी अभी तक हैं बाहर
    04 May 2022
    माकपा और कांग्रेस ने इस घटना पर शोक और रोष जाहिर किया है। माकपा ने कहा है कि बजरंग दल के इस आतंक और हत्यारी मुहिम के खिलाफ आदिवासी समुदाय एकजुट होकर विरोध कर रहा है, मगर इसके बाद भी पुलिस मुख्य…
  • hasdev arnay
    सत्यम श्रीवास्तव
    कोर्पोरेट्स द्वारा अपहृत लोकतन्त्र में उम्मीद की किरण बनीं हसदेव अरण्य की ग्राम सभाएं
    04 May 2022
    हसदेव अरण्य की ग्राम सभाएं, लोहिया के शब्दों में ‘निराशा के अंतिम कर्तव्य’ निभा रही हैं। इन्हें ज़रूरत है देशव्यापी समर्थन की और उन तमाम नागरिकों के साथ की जिनका भरोसा अभी भी संविधान और उसमें लिखी…
  • CPI(M) expresses concern over Jodhpur incident, demands strict action from Gehlot government
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    जोधपुर की घटना पर माकपा ने जताई चिंता, गहलोत सरकार से सख़्त कार्रवाई की मांग
    04 May 2022
    माकपा के राज्य सचिव अमराराम ने इसे भाजपा-आरएसएस द्वारा साम्प्रदायिक तनाव फैलाने की कोशिश करार देते हुए कहा कि ऐसी घटनाएं अनायास नहीं होती बल्कि इनके पीछे धार्मिक कट्टरपंथी क्षुद्र शरारती तत्वों की…
  • एम. के. भद्रकुमार
    यूक्रेन की स्थिति पर भारत, जर्मनी ने बनाया तालमेल
    04 May 2022
    भारत का विवेक उतना ही स्पष्ट है जितना कि रूस की निंदा करने के प्रति जर्मनी का उत्साह।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License