NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
कोविड-19
भारत
राजनीति
कोविड-19: अस्पतालों में आईसीयू बेड्स और आवश्यक दवाओं की भारी किल्लत से संकटग्रस्त ग्रामीण महाराष्ट्र
मुंबई और पुणे के संकट को जहाँ एक तरफ धीरे-धीरे काबू में कर लिया गया है, वहीं दूसरी तरफ राज्य के ग्रामीण हिस्से सरकार के लिये बड़ी चुनौती साबित हो रहे हैं।
अमय तिरोदकर
06 May 2021
देवलाली प्रवर में कोविड-19 उपचार केंद्र। राज्य सरकार द्वारा राज्य भर में ऐसे और भी केन्द्रों को बनाये जाने की घोषणा की गई है।
देवलाली प्रवर में कोविड-19 उपचार केंद्र। राज्य सरकार द्वारा राज्य भर में ऐसे और भी केन्द्रों को बनाये जाने की घोषणा की गई है।

4 मई को महाराष्ट्र में कोल्हापुर जिले के जिलाधिकारी ने कोविड-19 संक्रमण के लगातार बढ़ते मामलों को देखते हुए 10 दिनों के सख्त लॉकडाउन की घोषणा कर दी है। इसके एक दिन पहले, इसी प्रकार के लॉकडाउन की घोषणा सांगली जिले में घोषित की जा चुकी है। ये दोनों जिले पश्चिमी महाराष्ट्र में स्थित हैं। वहीं मराठवाड़ा, बीड और परभणी पहले से ही लॉकडाउन लगा हुआ है। इसके बावजूद महाराष्ट्र में 16 जिलों में मामले बढ़ते ही जा रहे हैं, जो कि राज्य प्रशासन के लिए गंभीर चिंता का विषय बना हुआ है।

हालात कुछ ऐसे हैं कि महाराष्ट्र मुख्य सचिव को भारत के कैबिनेट सचिव राजीव गौबा को पत्र लिखकर उनसे राज्य के ऑक्सीजन कोटे में प्रतिदिन 200 मीट्रिक टन की बढ़ोत्तरी करने के लिए निवेदन करना पड़ा है। पत्र में जिन 16 जिलों का हवाला दिया गया है उनमें पालघर, रत्नागिरी, सिंधुदुर्ग, सतारा, सांगली, कोल्हापुर, सोलापुर, नंदुरबार, बीड, परभनी, हिंगोली, अमरावती, बुल्ढाना, वर्धा, गडचिरोली और चंद्रपुर शामिल हैं, जहाँ पर कोविड-19 के मामलों में दैनिक वृद्धि देखने को मिल रही है। 

महाराष्ट्र के मुख्य सचिव की ओर से भारत के कैबिनेट सचिव को पत्र। 

इस बीच मुंबई और इसके आस-पास के शहरों में महामारी की दूसरी लहर के अंतर्गत नए मामलों में रोजाना बढ़ोत्तरी के क्रम में कमी देखने को मिलनी शुरू हो गई है। जहाँ पहली लहर के दौरान मुंबई सहित आठ नगरपालिकाओं में सबसे अधिक मौतों की खबर थी, वहीँ दूसरी लहर में लगभग 15 दिनों के बाद इस महामारी संकट ने ग्रामीण महाराष्ट्र को बुरी तरह से अपनी गिरफ्त में ले लिया है।

4 मई को राज्य में 51,880 नए रोगियों के पाए जाने की खबर है, जिससे कुल संक्रमित व्यक्तियों की संख्या 6,63,758 हो चुकी है। इनमें से 78,884 लोग ऑक्सीजन पर हैं और 24,878 आईसीयू में हैं। मंगलवार को कुल 891 लोगों की मौत का आंकड़ा दर्ज किया गया था, और राज्य में अभी तक कुल 71,742 लोगों की मौत हो चुकी है, जिसके चलते महामारी की जारी दूसरी लहर में यह सबसे अधिक हताहतों वाला राज्य बन गया है। जैसे-जैसे ग्रामीण महाराष्ट्र में संकट गहराता जा रहा है, राज्य की स्वास्थ्य सेवा व्यवस्था और भी अधिक गंभीर दबाव में आ गई है।

सिंधुदुर्ग जिले में स्थित मालवान तहसील के सुकलवाड़ गाँव में लवू सारंग जब कोरोनावायरस की जाँच में पॉजिटिव पाए गए तो उनके नाते-रिश्तेदारों ने उनके इलाज के लिए जिले में वेंटीलेटर की तलाश करनी शुरू कर दी, क्योंकि उनका स्वास्थ्य तेजी से खराब होने लगा था। भले ही उनका घर जिला मुख्यालय से मात्र 10 किमी की दूरी पर है, लेकिन बिस्तरों की किल्लत के कारण उन्हें वेंटीलेटर उपलब्ध न हो सका। बाद में उनके रिश्तेदारों ने उन्हें पास के कोल्हापुर जिले में स्थानांतरित कर दिया, जहाँ पर अंततः उन्हें एक निजी अस्पताल में दाखिला मिल गया।  

इस बारे में लवू के छोटे भाई उमेश सारंग का कहना था “सारे जिले में एक भी वेंटीलेटर बेड उपलब्ध नहीं था। हमने सभी निजी अस्पतालों से संपर्क साधा था। इसलिए हमारे पास मरीज की जान को खतरे में डालकर चार घंटे की सड़क यात्रा कराकर कोल्हापुर ले जाने के सिवाय कोई विकल्प नहीं बचा था। 

महाराष्ट्र के बाकी के छोटे जिलों और दूर-दराज के कस्बों में भी हालात इसी प्रकार से खराब बने हुए हैं। खबरों के मुताबिक लोगों को आईसीयू बेड, वेंटीलेटर, ऑक्सीजन, रेमडेसिविर इंजेक्शन इत्यादि उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं। राज्य में रोजाना 50,000 से अधिक नए मामलों की रिपोर्टिंग की वजह से राज्य सरकार के सामने स्वास्थ्य सेवा प्रणाली को सुचारू रूप से चला पाने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।

सरकार ने जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे ग्रामीण स्तर पर नए कोविड-19 केंद्रों को स्थापित करें। चंद्रपुर में 865 ग्रामीणों को आइसोलेशन सेंटर और छोटे कोविड-19 केंद्र शुरू करने के लिए कहा गया है, जहाँ पर जो मरीज गंभीर रूप से बीमार नहीं हैं, उनका स्थानीय स्तर पर इलाज किया जा सकता है।

एक सेवानिवृत्त राज्य सरकार के अधिकारी, दत्तात्रेय कडू पाटिल ने अहमदनगर के राहुरी तहसील में अपने गृहनगर देवलाली प्रवर में 50-बेड वाले कोविड-19 उपचार केंद्र की शुरुआत की है। इस केंद्र को शुरू करने के लिए उन्होंने तहसील प्रमुख से इजाजत ले ली थी। न्यूज़क्लिक  के साथ फोन पर बातचीत के दौरान पाटिल ने बताया कि “दो दिनों के भीतर ही सारे बेड फुल हो चुके थे। सिर्फ हल्के लक्षणों वाले मरीजों को ही यहाँ पर भर्ती कराया जा रहा है। अभी तक कुल 80 मरीज यहाँ से ठीक होकर अपने घर जा चुके हैं। सेंटर अभी भी मरीजों से अटा पड़ा है।”

इस बीच राज्य सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे लॉकडाउन नियमों का कड़ाई से पालन करें। रविवार को मीडिया के साथ अपनी बात में उप मुख्यमंत्री, अजीत पवार ने कहा “हम हर जगह पर बुनियादी ढाँचे का निर्माण कर रहे हैं। सभी जिलाधिकारियों एवं अभिभावक मंत्रियों को सभी आवश्यक कदम उठाने के लिए कहा गया है। लेकिन इसके साथ ही हम लोगों से भी अपील करते हैं कि वे अनावश्यक रूप से अपने घरों से बाहर न निकलें। वायरस को रोकने के लिए फ़िलहाल हमें सभी संभावित गतिविधियों पर लगाम लगाये रखने की आवश्यकता है।”

अंग्रेज़ी में प्रकाशित मूल आलेख को पढ़ने के लिए नीचे दिये गये लिंक पर क्लिक करें

COVID-19: Rural Maharashtra in Crisis as Hospitals Run Out of ICU Beds, Essential Medicines

maharashtra government
COVID 19 Second Wave
COVID 19 in Maharashtra
Ventilator Shortage
ICU Shortage
Rural Maharashtra
COVID 19 Medicines

Related Stories

बिहार: कोविड-19 के ख़िलाफ़ लड़ाई में आड़े आते लोगों का डर और वैक्सीन का अभाव

यूपी में कोरोनावायरस की दूसरी लहर प्रवासी मजदूरों पर कहर बनकर टूटी

कोविड-19: बिहार के उन गुमनाम नायकों से मिलिए, जो सरकारी व्यवस्था ठप होने के बीच लोगों के बचाव में सामने आये

कोविड-19: दूसरी लहर अभी नहीं हुई ख़त्म

कोविड-19 : कोल्हापुरी चप्पलें बनाने वाले लॉकडाउन से गहरे संकट में, कई संक्रमित

कोविड-19: बंद पड़े ग्रामीण स्वास्थ्य केन्द्र चीख-चीखकर बिहार की विकट स्थिति को बयां कर रहे हैं 

कोविड-19: स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार उत्तर भारत में मौतों के आंकड़ों को कम बताया जा रहा है

केंद्र सरकार की वैक्सीन नीति अलोकतांत्रिक और असंवैधानिक है

कोविड-19: लॉकडाउन के दूसरे चरण में पश्चिम बंगाल के 2.5 लाख से अधिक जूट मिल श्रमिकों पर टूटा मुसीबतों का पहाड़

'हम कोरोना से बच भी गए तो ग़रीबी से मर जायेंगे' : जम्मू-कश्मीर के कामगार लड़ रहे ज़िंदा रहने की लड़ाई


बाकी खबरें

  • सबरंग इंडिया
    जेके पुलिस ने जारी की 'अनटोल्ड कश्मीर फाइल्स', हर धर्म के लोग कश्मीरी उग्रवाद का शिकार हुए
    09 Apr 2022
    कहावत है कि सच को बहुत देर तक नहीं झुठलाया जा सकता है। जी हां, ‘द कश्मीर फाइल्स’ फिल्म पर मचे हो-हल्ले और विवाद के बीच जम्मू कश्मीर पुलिस ने अनटोल्ड कश्मीर फाइल्स (Untold Kashmir Files) जारी की है।…
  • ज़ाहिद खान
    प्रलेस : फ़ासिज़्म के ख़िलाफ़ फिर बनाना होगा जनमोर्चा
    09 Apr 2022
    9 अप्रैल, प्रगतिशील लेखक संघ के स्थापना दिवस पर विशेष: प्रलेस का किस तरह से गठन हुआ?, संगठन के पीछे क्या उद्देश्य थे? इस संगठन के विस्तार में क्या-क्या परेशानियां पेश आईं?, प्रगतिशील लेखक संघ से जुड़े…
  • bhasha singh
    न्यूज़क्लिक टीम
    बेशर्म नंगई पर उतरा तंत्र, नफ़रती एजेंटों की पौ-बारा
    08 Apr 2022
    खोज ख़बर में वरिष्ठ पत्रकार भाषा सिंह ने मध्यप्रदेश में पत्रकार व अन्य लोगों को थाने में अर्द्धग्न करने की घटना को लोकतंत्र के लिए शर्मनाक बताया और पीड़ित पत्रकार कनिष्क तिवारी से बात की। महंगाई में…
  • एजाज़ अशरफ़
    गुजरात दंगे और मोदी के कट्टर आलोचक होने के कारण देवगौड़ा की पत्नी को आयकर का नोटिस?
    08 Apr 2022
    नरेन्द्र मोदी सरकार स्पष्ट रूप से हिंदुत्व के कट्टर आलोचक के साथ राजनीतिक हिसाब चुकता कर रही है, इस उम्मीद के साथ कि ऐसा करके वह उन्हें भाजपा को चुनौती देने से रोक सकेगी। 
  • abhisar
    न्यूज़क्लिक टीम
    बीजेपी शासित एमपी और उत्तर प्रदेश में पत्रकारों पर ज़ुल्म क्यों ?
    08 Apr 2022
    बोल के लब आज़ाद हैं तेरे के आज के एपिसोड में वरिष्ठ पत्रकार अभिसार शर्मा चर्चा कर रहे हैं मध्य प्रदेश पुलिस द्वारा पत्रकारों के साथ हुई अभद्र घटना पर। स्थानीय यूट्यूब पत्रकार कनिष्क तिवारी ने बताया…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License