NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
नज़रिया
व्यंग्य
राजनीति
कार्टून क्लिक में भाजपा का इतिहास: मीठा-मीठा मोदी का, खारा-खारा मुग़लों का..
भाजपा ने भाजपा को जानिए प्रोग्राम शुरू किया है। लेकिन भाजपा के इतिहास को कैसे जानना है उसकी टेक्निक थोड़ी अलग है गुरु..
आज का कार्टून
06 Apr 2022
Irfan
कार्टून- इरफ़ान

भाजपा अपना 42वाँ स्थापना दिवस मना रही है। हर कार्यक्रम को अपने प्रचार के लिए इंवेंट बनाने वाली भाजपा इस मौक़े को कैसे छोड़ सकती थी। इसलिए भाजपा ने एक कार्यक्रम शुरू किया है। जिसका नाम रखा है- भाजपा को जानिए…

इसमें भाजपा के इतिहास के बारे में दुनिया को बताया जाएगा। लेकिन भाजपा का इतिहास है क्या? भाजपा के बारे में जानना क्या है? क्या ये जानना है कि 60₹ का पेट्रोल 120 रुपए में और 50 रुपए का डीज़ल अब 100 रुपए से अधिक में मिल रहा है। क्या ये जानना है कि बेरोज़गारी में अब तक के सबसे उच्च स्तर पर भारत आ गया है। 

भाजपा राज में रेलवे का निजीकरण ऐसा हुआ कि बुजुर्गों के लिए भी टिकटें महँगी होने लगीं। उसमें सस्ता हुआ तो सिर्फ़ इंटरनेट, वो भी शायद इसलिए कि समय-समय पर साँस लेने के लिए, जीवन जी लेने के लिए, हवाओं के लिए बहने के लिए, जामुन के पेड़ पर जामुन आने के लिए, पूरब से सूरज निकलने के लिए, मोदी जी का धन्यवाद किया जा सके।

लेकिन जब हिसाब माँगा जाए तो मुग़लों और कांग्रेस को ज़िम्मेदार ठहरा दिया जाए। जैसे एक गीत-लेखक ने कहा- भुखमरी से 35 लाख लोगों की जान गई लेकिन शाहजहाँ ताजमहल बनवा रहा था। इस ओजस्वी बात को सुनकर बग़ल में बैठा सेंट्रल विस्टा प्रोग्राम मुस्कुरा रहा था। और बोला- ऐसे ही जानना है भाजपा के बारे में। मीठा-मीठा मोदी का, खारा-खारा मुग़लों का… जय हो

ये भी पढ़ें: कार्टून क्लिक:  ‘रोज़गार अभियान’ कब शुरू होगा सरकार जी!

Irfan ka cartoon
cartoon click
cartoon click newsclick

Related Stories

कार्टून क्लिक: आधे रास्ते में ही हांफ गए “हिंदू-मुस्लिम के चैंपियन”

कार्टून क्लिक: पर्यटन की हालत पर क्यों मुस्कुराई अर्थव्यवस्था!

बना रहे रस: वे बनारस से उसकी आत्मा छीनना चाहते हैं

दिल्ली में सरकार मतलब एलजी, और एलजी मतलब...!

कार्टून क्लिक: यही है मोदी जी के ‘आत्मनिर्भर’ का मतलब, समझिए...!

कार्टून क्लिक: शुक्रिया पाकिस्तान! तुम हमारे चुनाव में हमेशा काम आते हो

कार्टून क्लिक : कश्मीर और ईयू सांसदों का दौरा

कार्टून क्लिक : राज्यपाल का डर!


बाकी खबरें

  • जब जज ही निशाने पर हों, तो फिर आरटीआई एक्टिविस्ट, व्हिसलब्लोअर की क्या बिसात
    सर्वेश माथुर
    जब जज ही निशाने पर हों, तो फिर आरटीआई एक्टिविस्ट, व्हिसलब्लोअर की क्या बिसात
    02 Sep 2021
    भ्रष्टाचार को जड़ से ख़त्म करने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर एक समन्वित कार्रवाई की ज़रूरत है, जो कि सड़ रही व्यवस्था की मुख्य वजह है।
  • उनके तालिबान तालिबान, हमारे वाले संत?
    बादल सरोज
    उनके तालिबान तालिबान, हमारे वाले संत?
    02 Sep 2021
    "उनके तालिबान तालिबान हमारे तालिबान संत" का दोहरापन कही नहीं ले जाएगा। भेड़िये सिर्फ भेड़िये होते हैं और लाखों वर्ष का विवरण और हजारों वर्ष की सभ्यता गवाह है कि भेड़ियों ने कभी गांव नहीं बसाये।
  • रिपब्लिक भारत ने ‘तालिबान का क्रूर चेहरा’ दिखाते हुए BSP नेता हाजी याक़ूब क़ुरैशी की फ़ोटो दिखायी
    प्रियंका झा
    रिपब्लिक भारत ने ‘तालिबान का क्रूर चेहरा’ दिखाते हुए BSP नेता हाजी याक़ूब क़ुरैशी की फ़ोटो दिखायी
    02 Sep 2021
    रिपब्लिक भारत के एक शो का एक स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर शेयर किया जा रहा है. लोग कह रहे हैं कि चैनल ने तालिबान के संस्थापक मुल्ला उमर के बेटे मुल्ला याक़ूब के नाम के साथ यूपी से बसपा के नेता हाजी…
  • 5 सितंबर की महापंचायत से पहले बोले किसान नेता- मुज़फ़्फ़रनगर में दंगों की राजनीति को दफ़न कर देंगे
    रवि कौशल
    5 सितंबर की महापंचायत से पहले बोले किसान नेता- मुज़फ़्फ़रनगर में दंगों की राजनीति को दफ़न कर देंगे
    02 Sep 2021
    एसकेएम के नेताओं को आशा है कि उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में चलाए गए सघन अभियान के बाद महापंचायतों में बहुत भीड़ उमड़ेगी।
  • सुधार नहीं, केवल संकेत भर
    शशि कुमार झा
    सुधार नहीं, केवल संकेत भर
    02 Sep 2021
    चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में 20.1 फीसदी वृद्धि की वजह रही बेस इफेक्ट यानी पिछले वर्ष की समान अवधि की नकारात्मक विकास दर से तुलना देश की अर्थव्यवस्था अभी महामारी की शुरुआत के स्तर पर ही बमुश्किल…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License