NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
कोविड-19
समाज
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
अमेरिका
नए नेतृत्व के चयन के साथ क्यूबा की कम्युनिस्ट पार्टी की 8वीं पार्टी कांग्रेस का समापन हुआ
ऐतिहासिक क्रांतिकारी नेता राउल कास्त्रो रूज़ के पद छोड़ने के बाद मगेल डिआज़-कैनेल को पार्टी का पहला सचिव चुना गया
पीपल्स डिस्पैच
21 Apr 2021
Cuba

क्यूबा की कम्युनिस्ट पार्टी की आठवीं  कांग्रेस चार दिनों की गहन बहस, चर्चा और ज़ोरदार भाषणों के बाद 19 अप्रैल, 2021 को संपन्न हुई। "क्यूबा की क्रांति की ऐतिहासिक निरंतरता के लिए हुई कांग्रेस में 300 पार्टी कैडरों और नेताओं ने भाग लिया। यह फिदेल कास्त्रो की मृत्यु (25 नवंबर, 2016) के बाद पहली काँग्रेस थी।

मौजूदा कोविड-19 महामारी के बीच महीनों की तैयारियों और  पार्टी की बैठकों के बाद 16-19 अप्रैल तक इस कांग्रेस का आयोजन किया गया था। कांग्रेस के समापन पर राउल कास्त्रो ने क्यूबा की कम्युनिस्ट पार्टी के पहले सचिव के पद से इस्तीफा दे दिया। कांग्रेस ने मगेल डियाज-कैनेल को पहले नए सचिव के रूप में चुना गया। वह देश के राष्ट्रपति भी हैं।

ऐतिहासिक चार दिवसीय कांग्रेस, यूएस-प्रायोजित प्लेया-गिरोन के आक्रमण की 60वीं वर्षगांठ और उसके पश्चात अमेरिकी साम्राज्यवाद के खिलाफ क्यूबा की जीत के साथ-साथ फिदेल कास्त्रो द्वारा क्यूबा की क्रांति के समाजवादी स्वरूप की घोषणा, के अवसर पर आयोजित की गई थी।

यह कांग्रेस ऐसे समय पर हुई है जब क्यूबा द्वीप भी कोविड-19 के कारण पैदा हुई आर्थिक दिक्कतों और संक्रमण के दूसरे लहर से अछूता नहीं है जिसने पूरे इलाके को अपनी चपेट में लिया हुआ है। इसके अलावा, हाल ही में नवनिर्वाचित अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन के प्रशासन ने व्यक्त किया था कि वह संभावित रूप से क्यूबा के विरुद्ध की गई कार्यवाही का पुनर्मूल्यांकन करेगा और ट्रम्प प्रशासन द्वारा लिए गए कदमों को सामान्य करने की कोशिश करेगा। हालांकि अभी तक अमरीका इस पर आगे नहीं बढ़ा है। हर दिन क्यूबा अपने आतंकवाद के प्रायोजक की उपाधि में खंडन  और हेल्म्स-बर्टन अधिनियम के शीर्षक III को निलंबित करने का इंतजार करते रहते हैं, जिसका परिणाम पूरा देश और वहाँ के नागरिक भुगत रहे हैं।

हालांकि, प्रतिकूल परिस्थितियों के बावजूद, क्यूबा लगातार संघर्ष कर रहा है और अपने ऊपर लगी बंदिशों के बावजूद, उसने अपने  संघर्ष से न केवल अपने नागरिकों के अस्तित्व के लिए, बल्कि पूरे लैटिन अमरीका का पहला और एकमात्र टीका बनाकर पूरे मानव समाज के कल्याण का काम किया है।

कांग्रेस ने नए नेतृत्व का चुनाव करने के साथ-साथ देश के आर्थिक, राजनीतिक और संगठन क्षेत्र के भविष्य के लिए योजना बनाई है।

cuba
Cuba revolution
Fidel Castro

Related Stories

बदलाव और निरंतरता के बीच क्यूबा की कम्युनिस्ट पार्टी की 8वीं कांग्रेस

पोम्पिओ के भारत दौरे के ख़िलाफ़ प्रदर्शन


बाकी खबरें

  • street
    दमयन्ती धर
    गुजरात: नगर निगमों ने मांसाहारी खाद्य पदार्थ बेचने वाले ठेलों को प्रतिबंधित किया, हॉकर्स पहुंचे हाई कोर्ट
    06 Dec 2021
    अकेले अहमदाबाद में ही 6000 से ज्यादा, ठेले पर मांसाहारी खाद्य पदार्थ बेचने वाले विक्रेता हैं। इनमें से ज्यादातर उत्तर प्रदेश, बिहार और ओडिशा से आए लोग हैं, जिनका परिवार इस आय पर निर्भर है।
  • up
    सोनिया यादव
    यूपी: 69 हज़ार शिक्षक भर्ती मामले में युवाओं पर लाठीचार्ज, लेकिन घोटाले की जवाबदेही किसकी?
    06 Dec 2021
    69 हज़ार शिक्षक भर्ती का मामला पिछले तीन सालों से अधर में लटका हुआ है। निराश अभ्यर्थियों ने जब लखनऊ में धांधली और घोटाले के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया, तो पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज कर दिया।
  • Bihar
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    बिहारः 204 विद्यालयों के पास नहीं है अपना भवन, ज़मीन पर बैठकर बच्चे करते हैं पढ़ाई
    06 Dec 2021
    बिहार के वैशाली ज़िले में ऐसे 204 विद्यालय हैं जिनके पास अपना भवन नहीं है। कुछ जगहों पर बच्चों को पेड़ के पास पढ़ाया जा रहा है तो कहीं सामुदायिक भवन में कक्षाएँ चल रही हैं।
  • Babri Demolition
    सुमन गुप्ता
    6 दिसंबर महज़ एक तारीख़ रह गई : अयोध्या के चेहरे पर नहीं कोई शिकन
    06 Dec 2021
    याद उन्हें है, जिन्हें लगता है कि इस दिन 16वीं सदी की एक मस्जिद ताक़त के बल पर ढहा दी गई और कोई दंडित नहीं हुआ या फिर उन्हें जिन्हें यह एहसास है कि यह महज़ एक भवन को ढहाना नहीं था...।
  • Babri Masjid
    न्यूज़क्लिक टीम
    बाबरी विध्वंस की पूरी कहानी, क्या हुआ, कब हुआ, क्यों हुआ!
    06 Dec 2021
    6 दिसंबर 1992 को अयोध्या में बाबरी मस्जिद को ढहा दिया गया...भारत के लोकतंत्र के इतिहास में इसे एक बुरे दिन के तौर पर याद किया जाता है। जिस दिन सरेआम देश के संविधान की धज्जियां उड़ा दी गईं। हालांकि तब…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License