NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
फिल्में
कला
समाज
भारत
राजनीति
भारतीय सिनेमा के एक युग का अंत : नहीं रहे हमारे शहज़ादे सलीम, नहीं रहे दिलीप कुमार
‘‘भारतीय सिनेमा का इतिहास जब भी लिखा जाएगा, वह हमेशा 'दिलीप कुमार से पहले, और दिलीप कुमार के बाद' होगा...”
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
07 Jul 2021
dilip kumar

भारतीय उपमहाद्वीप और सिनेमा के सबसे मशहूर ओ मारूफ़ दिग्गज कलाकार दिलीप कुमार हमारे बीच नहीं रहे। आज बुधवार सुबह साढ़े सात बजे उनका निधन हो गया। वे 98 वर्ष के थे और काफी समय से बीमार चल रहे थे।

अमिताभ बच्चन ने उनके लिए सही ही कहा है कि ‘‘ भारतीय सिनेमा का इतिहास जब भी लिखा जाएगा, वह हमेशा 'दिलीप कुमार से पहले, और दिलीप कुमार के बाद' होगा...”

अपनी लाज़वाब अदाकारी से भारतीय सिनेमा में अमिट छाप छोड़ने वाले दिग्गज अभिनेता का बुधवार की सुबह मुंबई के अस्पताल में निधन हुआ। उनके परिवार के सदस्यों और उनका इलाज कर रहे चिकित्सकों ने यह जानकारी दी।

दिलीप कुमार का एक पुराना नाम यूसुफ़ ख़ान था। समाचार एजेंसी पीटीआई-भाषा लिखती है कि कुमार का असली नाम यूसुफ़ ख़ान था। बहुत लोग ऐसा ही लिखते हैं, लेकिन वास्तव में कहा जाए तो यही सच है कि उनका असली नाम दिलीप कुमार ही था। देश-दुनिया उन्हें इसी नाम से जानती है, तो यही उनका असली नाम कहा जाऩा चाहिए। भले ही स्कूली या घर का नाम यूसुफ़ ख़ान रहा हो। इसके अलावा दूसरा नाम था- ‘ट्रेजेडी किंग’। जी हां दिलीप साहब हिंदी फिल्म जगत में ‘ट्रेजेडी किंग’ के नाम से ही मशहूर थे।

इसके अलावा अगर कोई तीसरा नाम था या हो सकता है तो वह है शहज़ादा सलीम। जी हां, मुगले-आज़म का शहज़ादा सलीम। अगर इस फ़िल्म में पृथ्वीराज कपूर ने अकबर के किरदार में जान डाली थी तो दिलीप कुमार ने परदे पर सलीम का किरदार ज़िंदा कर दिया था।

98 वर्ष के दिलीप साहब का जन्म 11 दिसम्बर 1922 को पेशावर में हुआ था। वह पिछले मंगलवार से यहां स्थित हिंदुजा अस्पताल की गैर-कोविड गहन चिकित्सा इकाई (आईसीयू) में भर्ती थे। उनके आधिकारिक ट्विटर अकाउंट पर जानकारी दी गई कि अभिनेता का अंतिम संस्कार शाम पांच बजे सांताक्रूज मुंबई के जुहू कब्रिस्तान में किया जाएगा।

उनका इलाज कर रहे डॉ. जलील पारकर ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ‘‘लंबी बीमारी के कारण सुबह साढ़े सात बजे उनका निधन हो गया।’’

दिलीप कुमार के परिवार में उनकी पत्नी एवं मशहूर अदाकारा सायरा बानो हैं। 

दिलीप कुमार के पारिवारिक मित्र फैसल फारूकी ने अभिनेता के आधिकारिक ट्विटर अकाउंट पर सुबह आठ बजकर एक मिनट पर लिखा, ‘‘भारी मन और बेहद दु:ख के साथ, मैं यह घोषणा कर रहा हूं कि कुछ मिनट पहले हमारे प्यारे दिलीप साहब का निधन हो गया। हम अल्लाह के बंदे हैं और हमें उनके पास ही लौटकर जाना होता है।’’

अदाकारा सायरा बानो के पति दिलीप कुमार को सांस लेने में तकलीफ के कारण पिछले महीने छह जून को भी इसी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उस समय उनके फेफड़ों के बाहर तरल पदार्थ एकत्र हो गया, जिसे चिकित्सकों ने सफलतापूर्वक निकाल दिया था और पांच दिन बाद उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई थी।

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित कई हस्तियों ने उनके निधन पर शोक जताया है।

राष्ट्रपति ने कुमार के निधन पर शोक जताते हुए ट्वीट किया, ‘‘ दिलीप कुमार उभरते भारत का इतिहास खुद में समेटे थे। अभिनेता के आकर्षण ने सभी सीमाओं को पार किया और पूरे उपमहाद्वीप में उन्हें प्यार मिला। उनके निधन से एक युग का अंत हो गया। दिलीप साहब भारत के दिल में हमेशा जिंदा रहेंगे। उनके परिवार और असंख्य प्रशंसकों के प्रति संवेदनाएं।’’

प्रधानमंत्री मोदी ने ट्वीट किया, ‘‘दिलीप कुमार जी को सिनेमा जगत के दिग्गज के रूप में याद किया जाएगा। वह अद्वितीय प्रतिभा के धनी थे और इस वजह से सभी पीढ़ियों के दर्शकों के चहेते थे। उनका निधन हमारी सांस्कृतिक दुनिया के लिए नुकसान है। उनके परिवार, मित्रों और असंख्य चाहने वालों के प्रति मेरी संवेदनाएं।’’

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्वीट किया, " दिलीप कुमार जी के परिवार, मित्रों और प्रशंसकों के प्रति मेरी गहरी संवेदना है। भारतीय सिनेमा में उनके अद्भुत योगदान को आने वाली पीढ़ियां याद करेंगी।"

हिंदी फिल्मों के सबसे लोकप्रिय अभिनेताओं में गिने जाने वाले दिलीप कुमार ने 1944 में ‘ज्वार भाटा’ फिल्म से अपने कॅरियर की शुरुआत की थी और अपने पांच दशक लंबे कॅरियर में ‘मुगल-ए-आजम’, ‘देवदास’, ‘नया दौर’ तथा ‘राम और श्याम’ जैसी अनेक हिट फिल्में दीं। वह आखिरी बार 1998 में आई फिल्म ‘किला’ में नजर आए थे।

दिलीप कुमार के निधन से शोकाकुल बॉलीवुड ने कहा : सिनेमा जगत के एक युग का अंत

बेहतरीन अदाकारी से विभिन्न किरदारों को अविस्मरणीय बना देने वाले दिग्गज अभिनेता दिलीप कुमार के निधन को शोकाकुल हुए बॉलीवुड ने सिनेमा के एक युग का अंत करार दिया है।

अमिताभ बच्चन, अक्षय कुमार, अजय देवगन, मनोज बाजपेयी सहित कई शख्सियतों ने उनके निधन पर शोक व्यक्त किया है।

मेगास्टार अमिताभ बच्चन ने ट्वीट किया, ‘‘ भारतीय सिनेमा का इतिहास जब भी लिखा जाएगा, वह हमेशा 'दिलीप कुमार से पहले, और दिलीप कुमार के बाद' होगा...उनकी आत्मा की शांति के लिए मेरी दुआ और परिवार को इस क्षति को सहन करने की शक्ति देने के लिए प्रार्थना करता हूं।’’

अक्षय कुमार ने ट्वीट किया, ‘‘ दुनिया के लिए कई हीरो हो सकते हैं, लेकिन हम अभिनेताओं के लिए केवल वही एक हीरो थे। दिलीप कुमार सर सिनेमा जगत का एक युग भी अपने साथ ले गए। परिवार के साथ मेरी संवेदनाएं हैं। ओम शांति।’’

अजय देवगन ने दिलीप कुमार के साथ एक तस्वीर साझा करते हुए लिखा, ‘‘ दिग्गज अभिनेता के साथ कुछ पल बिताए, जिनमें से कुछ बेहद निजी थे, तो कुछ सार्वजनिक...... लेकिन इस पल के लिए तैयार नहीं था। एक संस्थान..एक शाश्वत अभिनेता। दिल टूट गया है। सायरा जी के प्रति मेरी गहरी संवेदनाए।’’

अभिनेता मनोज बाजपेयी ने भी कुमार के निधन पर दुख व्यक्त किया और लिखा, ‘‘ आप जैसा कोई नहीं हो सकता.... यहां से आगे का आपका सफर अच्छा हो.... भगवान आपकी आत्मा को शांति दे।’’

दक्षिण भारतीय फिल्मों के अभिनेता चिरंजीवी ने भी दिलीप कुमार को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा, ‘‘ भारतीय फिल्म जगत के एक युग का अंत हो गया। दिलीप कुमार साहब के निधन से बेहद दुखी हूं। भारत के महान अभिनेताओं में से एक.... अभिनय के संस्थान और एक राष्ट्रीय निधि।’’

मशहूर तेलुगु अभिनेता जूनियर एनटीआर ने ट्वीट किया, ‘‘ भारतीय सिनेमा के विकास में दिलीप कुमार का योगदान बहुमूल्य है। भगवान आपकी आत्मा को शांति दे। आपकी हमेशा याद आएगी सर, और बहुत याद आएगी ।’’

सुनील शेट्टी, जॉन अब्राहम, रवीना टंडन, तापसी पन्नू, सनी देओल, सोनू सूद, निमरत कौर फिल्मकार हंसल मेहता, सुभाष घई जैसी फिल्म जगत से जुड़ी कई हस्तियों ने दिलीप कुमार के निधन पर शोक व्यक्त किया है।

(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ)

dilip kumar
film
indian cinema
mugal e azam
sayra bano
Amitabh Bachchan
bollywood
president ramnath kovind
Narendra modi
Rahul Gandhi

Related Stories

बॉलीवुड को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है बीजेपी !

ओटीटी से जगी थी आशा, लेकिन यह छोटे फिल्मकारों की उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा: गिरीश कसारावल्ली

फ़िल्म निर्माताओं की ज़िम्मेदारी इतिहास के प्रति है—द कश्मीर फ़ाइल्स पर जाने-माने निर्देशक श्याम बेनेगल

कलाकार: ‘आप, उत्पल दत्त के बारे में कम जानते हैं’

भाजपा सरकार के प्रचार का जरिया बना बॉलीवुड

हिटलर से प्रेरित है 'कश्मीर फाइल्स’ की सरकारी मार्केटिंग, प्रधानमंत्री से लेकर कार्यकर्ता तक

कश्मीर फाइल्स: आपके आंसू सेलेक्टिव हैं संघी महाराज, कभी बहते हैं, और अक्सर नहीं बहते

"लव स्टोरी": महज़ एक प्रेम कथा नहीं?

तमिल फिल्म उद्योग की राजनीतिक चेतना, बॉलीवुड से अलग क्यों है?

भारतीय सिनेमा के महानायक की स्मृति में विशेष: समाज और संसद में दिलीप कुमार


बाकी खबरें

  • Hijab controversy
    भाषा
    हिजाब विवाद: बेंगलुरु के कॉलेज ने सिख लड़की को पगड़ी हटाने को कहा
    24 Feb 2022
    सूत्रों के अनुसार, लड़की के परिवार का कहना है कि उनकी बेटी पगड़ी नहीं हटायेगी और वे कानूनी राय ले रहे हैं, क्योंकि उच्च न्यायालय और सरकार के आदेश में सिख पगड़ी का उल्लेख नहीं है।
  • up elections
    असद रिज़वी
    लखनऊ में रोज़गार, महंगाई, सरकारी कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन रहे मतदाताओं के लिए बड़े मुद्दे
    24 Feb 2022
    लखनऊ में मतदाओं ने अलग-अलग मुद्दों को लेकर वोट डाले। सरकारी कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन की बहाली बड़ा मुद्दा था। वहीं कोविड-19 प्रबंधन, कोविड-19 मुफ्त टीका,  मुफ्त अनाज वितरण पर लोगों की अलग-अलग…
  • M.G. Devasahayam
    सतीश भारतीय
    लोकतांत्रिक व्यवस्था में व्याप्त खामियों को उजाकर करती एम.जी देवसहायम की किताब ‘‘चुनावी लोकतंत्र‘‘
    24 Feb 2022
    ‘‘चुनावी लोकतंत्र?‘‘ किताब बताती है कि कैसे चुनावी प्रक्रियाओं की सत्यता को नष्ट करने के व्यवस्थित प्रयासों में तेजी आयी है और कैसे इस पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
  • Salempur
    विजय विनीत
    यूपी इलेक्शनः सलेमपुर में इस बार नहीं है मोदी लहर, मुकाबला मंडल-कमंडल के बीच होगा 
    24 Feb 2022
    देवरिया जिले की सलेमपुर सीट पर शहर और गावों के वोटर बंटे हुए नजर आ रहे हैं। कोविड के दौर में योगी सरकार के दावे अपनी जगह है, लेकिन लोगों को याद है कि ऑक्सीजन की कमी और इलाज के अभाव में न जाने कितनों…
  • Inequality
    प्रभात पटनायक
    आर्थिक असमानता: पूंजीवाद बनाम समाजवाद
    24 Feb 2022
    पूंजीवादी उत्पादन पद्धति के चलते पैदा हुई असमानता मानव इतिहास में अब तक पैदा हुई किसी भी असमानता के मुकाबले सबसे अधिक गहरी असमानता है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License