NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
अमेरिका
अमेरिका में वोटिंग के अधिकार को लेकर चर्चा, इसमें फ़्लोरिडा और टेक्सास सबसे आगे
एक नया क़ानून टेक्सास रिपब्लिकन नीति निर्माताओं द्वारा पेश किया गया था जो मतदान प्रक्रिया में और अधिक बाधाएं डालेगा। वहीं इसी तरह का क़ानून फ़्लोरिडा द्वारा पारित किया गया जो मतदान के अधिकार पर संदेह पैदा करता है।
पीपल्स डिस्पैच
07 May 2021
अमेरिका में वोटिंग के अधिकार को लेकर चर्चा, इसमें फ़्लोरिडा और टेक्सास सबसे आगे

गुरुवार 6 मई को फ्लोरिडा के गवर्नर ने विवादास्पद मतदान बिल पर हस्ताक्षर कर दिया वहीं टेक्सास के नीति निर्माताओं ने इसी तरह का विवादास्पद बिल विधायिका में पेश किया है। फ्लोरिडा के रिपब्लिकन गवर्नर रॉन डे सैंटिस ने मेल-इन बैलट या बैलट ड्रॉप बॉक्स पर कई प्रतिबंधों पर हस्ताक्षर किए। इस दिन बाद में, रिपब्लिकन पार्टी के नीति निर्माता जिनका टेक्सास में बहुमत है उन्होंने एक बिल पेश किया जिससे राज्य विधानमंडल में बहस तेज हो गई।

अपने और रिपब्लिकन पार्टी के वोटिंग बिलों की हालिया स्थिति को लेकर कंजर्वेटिव मतदाताओं से अपील का संकेत देते हुए डे सैंटिस ने सार्वजनिक कार्यक्रम में इस वोटिंग बिल पर हस्ताक्षर किया जिसे फॉक्स न्यूज द्वारा लाइव दिखाया।

इस बिल के आलोचकों का कहना है कि ये कानून वरिष्ठ नागरिकों और वंचित अल्पसंख्यकों को वोट देने के लिए और अधिक कठिन बना देगा।

इसी तरह, टेक्सास के ऑम्निबस बिल एसबी7 और एचबी6 को एक साथ जोड़ा गया और गुरुवार को एक बिल के रूप में पेश किया गया। ये बिल राज्य के अधिकारियों को पोस्टल बैलट को सक्रिय रूप से बढ़ावा देने, शुरुआती मतदान को सीमित करने और "ड्राइव-थ्रू" वोटिंग से रोकेगा और मतदान केंद्रों में मतदाताओं के व्यवहार को नियंत्रित करने के लिए पक्षपाती चुनाव पर्यवेक्षकों को सशक्त बनाएगा।

ये दो बिल देश भर में विभिन्न राज्य विधायिकाओं में प्रस्तावित दर्जनों बिलों में से हैं जो "इलेक्शनल इंटीग्रिटी" के नाम पर बड़ी संख्या में लोगों को मतदान से प्रतिबंधित करेगा। इन बिलों का कंजर्वेटिव और दक्षिणपंथी समूहों द्वारा वकालत की गई और पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और उनके समर्थकों द्वारा आम चुनाव में धांधली के आरोपों के बाद रिपब्लिकन सांसदों द्वारा समर्थन किया गया।

ट्रम्प और रिपब्लिकन पार्टी के वरिष्ठ सदस्यों ने COVID-19 महामारी के मद्देनजर मतदाताओं को ऑफर किए गए प्रारंभिक मतदान प्रस्तावों और पोस्टल बैलट में व्यापक चुनावी धांधली के निराधार बयानों को आगे बढ़ाया है। ट्रम्प ने 2020 के आम चुनाव में अपनी और अपनी पार्टी की हार के लिए इस कथित धोखाधड़ी को जिम्मेदार ठहराया।

आलोचकों का कहना है कि प्रस्तावित परिवर्तनों से पक्षपातपूर्ण भय उत्पन्न हो सकता है और मतदान प्रतिशत को कम कर सकता है। अमेरिका में मतदान करने के मामले में टेक्सास को पहले से ही सबसे मुश्किल राज्य माना जाता है और वोट प्रतिशत के मामले में हमेशा पिछड़ा रहा सिवाए 2020 के आम चुनाव को छोड़कर जब महामारी से संबंधित नियमों ने मतदान को बढ़ावा दिया।

America
Florida and Texas

Related Stories

और फिर अचानक कोई साम्राज्य नहीं बचा था

क्या दुनिया डॉलर की ग़ुलाम है?

यूक्रेन में छिड़े युद्ध और रूस पर लगे प्रतिबंध का मूल्यांकन

पड़ताल दुनिया भर कीः पाक में सत्ता पलट, श्रीलंका में भीषण संकट, अमेरिका और IMF का खेल?

लखनऊ में नागरिक प्रदर्शन: रूस युद्ध रोके और नेटो-अमेरिका अपनी दख़लअंदाज़ी बंद करें

यूक्रेन पर रूस के हमले से जुड़ा अहम घटनाक्रम

यूक्रेन की बर्बादी का कारण रूस नहीं अमेरिका है!

कोविड -19 के टीके का उत्पादन, निर्यात और मुनाफ़ा

अमेरिका और चीन के राष्ट्रपति के बीच वार्ता का दांव और अफ़ग़ानिस्तान के बहाने शांति का दौर

क्या बंदूक़धारी हमारे ग्रह को साँस लेने देंगे


बाकी खबरें

  • बी. सिवरामन
    खाद्य मुद्रास्फीति संकट को और बढ़ाएगा रूस-यूक्रेन युद्ध
    04 Apr 2022
    सिर्फ़ भारत में ही नहीं, खाद्य मुद्रास्फीति अब वैश्विक मुद्दा है। यह बीजिंग रिव्यू के ताजा अंक की कवर स्टोरी है। संयोग से वह कुछ दिन पहले न्यूयॉर्क टाइम्स की भी एक प्रमुख कहानी बन गई।
  • राजेंद्र शर्मा
    कटाक्ष: सांप्रदायिकता का विकास क्या विकास नहीं है!
    04 Apr 2022
    वो नेहरू-गांधियों वाला पुराना इंडिया था, जिसमें सांप्रदायिकता को तरक्की का और खासतौर पर आधुनिक उद्योग-धंधों की तरक्की का, दुश्मन माना जाता था। पर अब और नहीं। नये इंडिया में ऐसे अंधविश्वास नहीं चलते।
  • विजय विनीत
    ग्राउंड रिपोर्ट: किसानों के सामने ही ख़ाक हो गई उनकी मेहनत, उनकी फसलें, प्रशासन से नहीं मिल पाई पर्याप्त मदद
    04 Apr 2022
    "हमारी ज़िंदगी ही खेती है। जब खेती बर्बाद होती है तो हमारी समूची ज़िंदगी तबाह हो जाती है। सिर्फ़ एक ज़िंदगी नहीं, समूचा परिवार तबाह हो जाता है। पक चुकी गेहूं की फसल की मडाई की तैयारी चल रही थी। आग लगी…
  • भाषा
    इमरान खान के ख़िलाफ़ अविश्वास प्रस्ताव खारिज किए जाने पर सुनवाई करेगा उच्चतम न्यायालय
    04 Apr 2022
    पाकिस्तान के राष्ट्रपति आरिफ अल्वी ने देश के प्रधानमंत्री इमरान खान की सिफारिश पर नेशनल असेंबली (एनए) को भंग कर दिया है। इससे कुछ ही देर पहले नेशनल असेंबली के उपाध्यक्ष कासिम सूरी ने प्रधानमंत्री के…
  • शिरीष खरे
    कोविड-19 टीकाकरण : एक साल बाद भी भ्रांतियां और भय क्यों?
    04 Apr 2022
    महाराष्ट्र के पिलखाना जैसे गांवों में टीकाकरण के तहत 'हर-घर दस्तक' के बावजूद गिने-चुने लोगों ने ही कोविड का टीका लगवाया। सवाल है कि कोविड रोधी टीकाकरण अभियान के एक साल बाद भी यह स्थिति क्यों?
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License