NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
गयाना : चुनाव नतीजों की घोषणा में देरी की वजह से चिंताएँ बढ़ीं
गयाना में राष्ट्रपति चुनाव 2 मार्च को हुए थे। चुनाव नतीजों की घोषणा में देरी की वजह से संभावित चुनावी धोखाधड़ी के मद्देनज़र देश में असंतोष फैल गया है।
पीपल्स डिस्पैच
06 Mar 2020
गयाना

गयाना चुनाव आयोग (जीईसीओएम) ने 2 मार्च को हुए राष्ट्रपति चुनाव के नतीजों की अभी तक घोषणा नहीं की है। इस देरी की वजह से देश में असंतोष फैल गया है और विभिन्न क्षेत्रों में चिंता बढ़ गई है। इसी दौरान, अ पार्टनर्शिप फॉर नेशनल यूनिटी एंड अलायंस फॉर चेंज (APNU-AFC) पार्टी के मौजूदा राष्ट्रपति डेविड ग्रांगर ने अपनी जीत घोषित कर दी है। वहीं दूसरी तरफ़ विपक्षी पार्टी पीपल्स प्रोग्रेसिव पार्टी(पीपीपी) के इरफ़ान अली ने संभावित धोखाधड़ी की आशंका जताई है।

पीपीपी ने गयाना चुनाव आयोग पर सवाल उठाते हुए कहा, "अगर सही गिनती होती है तो पीपीपी की सरकार बननी तय है।" पार्टी ने आगे कहा, "इस देरी से दोनों पार्टी में निराशा पैदा हो गई है। ऐसे भी लोग मौजूद हैं जो कहते हैं कि उन्हें गयाना चुनाव आयोग पर भरोसा नहीं है।"

पीपीपी ने यह आरोप 5 मार्च को लगाए हैं। इससे एक दिन पहले गयाना चुनाव आयोग के एक अधिकारी को वोटों के साथ छेड़खानी करते हुए पकड़ा गया था।

4 मार्च की रात को 18% वोटों की गिनती हो जाने के बाद चुनाव अधिकारियों ने अचानक वोटिंग बंद कर दी क्योंकि एक अधिकारी ने घर जाने की बात कह के बीच में अपना काम छोड़ दिया। हालांकि कुछ देर बाद ही उस अधिकारी को 4 अन्य अधिकारियों के साथ अंदर के एक कमरे में एक्सेल शीट भर के वोटों के साथ छेड़खानी करते हुए पकड़ा गया। नए आंकड़ों में APNU-AFC को हर मतदान केंद्र पर 100 वोटों की बढ़त दी गई थी।

कनाडा, अमेरिका और यूके के अंतर्राष्ट्रीय राजनयिकों ने भी इन नतीजों पर सवाल उठाए हैं। लिहाज़ा, चुनाव आयोग ने वोटों की गिनती फिर से शुरू करने का फ़ैसला लिया है।

हाल ही में अपने तटों से बड़ी मात्रा में तेल की खोज के बाद छोटे कैरेबियन राष्ट्र के लिए ये चुनाव बहुत महत्वपूर्ण हैं। इससे ग़रीब देश की अर्थव्यवस्था को बदलने की उम्मीद है।

साभार : पीपल्स डिस्पैच

Guyana
Election Results
David A. Granger
Guyana Election Commission
People's Progressive Party
PPP

Related Stories

विधानसभा चुनाव परिणाम: लोकतंत्र को गूंगा-बहरा बनाने की प्रक्रिया

पक्ष-प्रतिपक्ष: चुनाव नतीजे निराशाजनक ज़रूर हैं, पर निराशावाद का कोई कारण नहीं है

BJP से हार के बाद बढ़ी Akhilesh और Priyanka की चुनौती !

आधारभूत ढाँचे में विशाल निवेश का अर्थव्यवस्था पर प्रभाव

मोदी 1.0 के दौरान, कॉरपोरेट्स को 4.3 लाख करोड़ की रियायतें दी गईं

पाकिस्तान में चुनाव होना ही लोकतंत्र की जीत है


बाकी खबरें

  • एजाज़ अशरफ़
    दलितों में वे भी शामिल हैं जो जाति के बावजूद असमानता का विरोध करते हैं : मार्टिन मैकवान
    12 May 2022
    जाने-माने एक्टिविस्ट बताते हैं कि कैसे वे इस निष्कर्ष पर पहुंचे हैं कि किसी दलित को जाति से नहीं बल्कि उसके कर्म और आस्था से परिभाषित किया जाना चाहिए।
  • न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 2,827 नए मामले, 24 मरीज़ों की मौत
    12 May 2022
    देश की राजधानी दिल्ली में आज कोरोना के एक हज़ार से कम यानी 970 नए मामले दर्ज किए गए है, जबकि इस दौरान 1,230 लोगों की ठीक किया जा चूका है |
  • सबरंग इंडिया
    सिवनी मॉब लिंचिंग के खिलाफ सड़कों पर उतरे आदिवासी, गरमाई राजनीति, दाहोद में गरजे राहुल
    12 May 2022
    सिवनी मॉब लिंचिंग के खिलाफ एमपी के आदिवासी सड़कों पर उतर आए और कलेक्टर कार्यालय के घेराव के साथ निर्णायक आंदोलन का आगाज करते हुए, आरोपियों के घरों पर बुलडोजर चलाए जाने की मांग की।
  • Buldozer
    महेश कुमार
    बागपत: भड़ल गांव में दलितों की चमड़ा इकाइयों पर चला बुलडोज़र, मुआवज़ा और कार्रवाई की मांग
    11 May 2022
    जब दलित समुदाय के लोगों ने कार्रवाई का विरोध किया तो पुलिस ने उन पर लाठीचार्ज कर दिया। प्रशासन की इस कार्रवाई से इलाके के दलित समुदाय में गुस्सा है।
  • Professor Ravikant
    न्यूज़क्लिक टीम
    संघियों के निशाने पर प्रोफेसर: वजह बता रहे हैं स्वयं डा. रविकांत
    11 May 2022
    लखनऊ यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर रविकांत के खिलाफ आरएसएस से सम्बद्ध अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के कार्यकर्ता हाथ धोकर क्यों पड़े हैं? विश्वविद्यालय परिसरों, मीडिया और समाज में लोगों की…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License