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फ़िलीपींस में पत्रकार की हत्या, पहले हमले में बचे गए थे
जब से रोड्रिगो डुटेर्टे सत्ता में आए हैं तब से पत्रकारों पर ये 18वां जानलेवा हमला है जिसमें पत्रकार विर्जिलियो मैगानेस मारे गए।
पीपल्स डिस्पैच
11 Nov 2020
फ़िलीपींस

फिलिपिंस के 62 वर्षीय पत्रकार विर्जिलियो मैगानेस की मंगलवार 10 नवंबर को गोली मारकर हत्या कर दी गई। पुलिस द्वारा अभी तक हमलावर की पहचान नहीं की जा सकी है। हमलावरों ने पंगसीनन प्रांत के विल्लासिस शहर में उनके घर के बाहर छह बार गोलियां मारी। वर्ष 2016 में मैगानस पर जब इसी तरह का जानलेवा हमला किया था तो वे बच गए थे। पिछले हमले के दौरान जब हमलावरों ने गोली मारी थी तो उस दौरान वे मृत होने जैसा दिखा कर बच गए। इस हमले के हमलावरों की भी पहचान नहीं हुई है। पिछले हमले की जांच आज भी जारी है।

ख़बरों के अनुसार हमलावरों ने घटना स्थल के पास एक नोट छोड़ा जिसमें लिखा था, "मैं ड्रग बेचने वाला हूं, मेरा पीछा मत करो।" फिलीपींस में असाधारण हत्याओं के पीड़ितों पर इस तरह के नोट आम थे। अधिकार समूहों ने पहले कहा था कि डुटेर्टे की प्रेसिडेंसी के "ड्रग्स पर युद्ध" ने इस तरह की हत्याओं को छिपा दिया। शव पर पड़े नोट की मौजूदगी ने उनकी रिपोर्टिंग पर राजनीतिक रूप से प्रेरित हमले में हत्या की चिंताओं को बढ़ा दिया है।

मैगानेस की हत्या की ख़बर सामने आने के बाद फिलीपींस में पत्रकारों के बीच नाराज़गी फैल गई। नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स ऑफ फिलीपींस (एनयूजेपी) जिसमें मैगानेस सदस्य थे उसने अपने सहयोगी की हत्या की कड़ी निंदा की है। एनयूजेपी की ओर से जारी एक बयान में कहा गया कि रोड्रिगो डुटेर्टे के राष्ट्रपति बनने के बाद यह 18वां ऐसा हमला है जिसमें पत्रकारों की हत्या हुई।

बयान में लिखा गया है, "विर (विर्जिलियो) डुटर्टे प्रशासन के दौरान मारे गए ये 18 वें पत्रकार हैं और 1986 के बाद से 190वें पत्रकार हैं। उनकी मृत्यु इस सरकार के खोखली अहांकार पर एक कलंक है कि देश में प्रेस की स्वतंत्रता मौजूद और बेहतर है।" इस समूह ने पिछली हत्या के प्रयास में अधिकारियों की निष्क्रियता की ओर भी ईशारा किया। इसने कहा कि उक्त "घटना सुलझाया नहीं गया और विर को सुरक्षा नहीं दी गई।"

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Attack on press
Press freedom

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