NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
फ़िलीपींस में पत्रकार की हत्या, पहले हमले में बचे गए थे
जब से रोड्रिगो डुटेर्टे सत्ता में आए हैं तब से पत्रकारों पर ये 18वां जानलेवा हमला है जिसमें पत्रकार विर्जिलियो मैगानेस मारे गए।
पीपल्स डिस्पैच
11 Nov 2020
फ़िलीपींस

फिलिपिंस के 62 वर्षीय पत्रकार विर्जिलियो मैगानेस की मंगलवार 10 नवंबर को गोली मारकर हत्या कर दी गई। पुलिस द्वारा अभी तक हमलावर की पहचान नहीं की जा सकी है। हमलावरों ने पंगसीनन प्रांत के विल्लासिस शहर में उनके घर के बाहर छह बार गोलियां मारी। वर्ष 2016 में मैगानस पर जब इसी तरह का जानलेवा हमला किया था तो वे बच गए थे। पिछले हमले के दौरान जब हमलावरों ने गोली मारी थी तो उस दौरान वे मृत होने जैसा दिखा कर बच गए। इस हमले के हमलावरों की भी पहचान नहीं हुई है। पिछले हमले की जांच आज भी जारी है।

ख़बरों के अनुसार हमलावरों ने घटना स्थल के पास एक नोट छोड़ा जिसमें लिखा था, "मैं ड्रग बेचने वाला हूं, मेरा पीछा मत करो।" फिलीपींस में असाधारण हत्याओं के पीड़ितों पर इस तरह के नोट आम थे। अधिकार समूहों ने पहले कहा था कि डुटेर्टे की प्रेसिडेंसी के "ड्रग्स पर युद्ध" ने इस तरह की हत्याओं को छिपा दिया। शव पर पड़े नोट की मौजूदगी ने उनकी रिपोर्टिंग पर राजनीतिक रूप से प्रेरित हमले में हत्या की चिंताओं को बढ़ा दिया है।

मैगानेस की हत्या की ख़बर सामने आने के बाद फिलीपींस में पत्रकारों के बीच नाराज़गी फैल गई। नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स ऑफ फिलीपींस (एनयूजेपी) जिसमें मैगानेस सदस्य थे उसने अपने सहयोगी की हत्या की कड़ी निंदा की है। एनयूजेपी की ओर से जारी एक बयान में कहा गया कि रोड्रिगो डुटेर्टे के राष्ट्रपति बनने के बाद यह 18वां ऐसा हमला है जिसमें पत्रकारों की हत्या हुई।

बयान में लिखा गया है, "विर (विर्जिलियो) डुटर्टे प्रशासन के दौरान मारे गए ये 18 वें पत्रकार हैं और 1986 के बाद से 190वें पत्रकार हैं। उनकी मृत्यु इस सरकार के खोखली अहांकार पर एक कलंक है कि देश में प्रेस की स्वतंत्रता मौजूद और बेहतर है।" इस समूह ने पिछली हत्या के प्रयास में अधिकारियों की निष्क्रियता की ओर भी ईशारा किया। इसने कहा कि उक्त "घटना सुलझाया नहीं गया और विर को सुरक्षा नहीं दी गई।"

Philippines
journalist in philippines
journalist killed
Attack on press
Press freedom

Related Stories

धनकुबेरों के हाथों में अख़बार और टीवी चैनल, वैकल्पिक मीडिया का गला घोंटती सरकार! 

दिल्ली : फ़िलिस्तीनी पत्रकार शिरीन की हत्या के ख़िलाफ़ ऑल इंडिया पीस एंड सॉलिडेरिटी ऑर्गेनाइज़ेशन का प्रदर्शन

इज़रायल को फिलिस्तीनी पत्रकारों और लोगों पर जानलेवा हमले बंद करने होंगे

भारत को मध्ययुग में ले जाने का राष्ट्रीय अभियान चल रहा है!

भारत में ‘वेंटिलेटर पर रखी प्रेस स्वतंत्रता’, क्या कहते हैं वैकल्पिक मीडिया के पत्रकार?

प्रेस स्वतंत्रता पर अंकुश को लेकर पश्चिम में भारत की छवि बिगड़ी

Press Freedom Index में 150वें नंबर पर भारत,अब तक का सबसे निचला स्तर

प्रेस फ्रीडम सूचकांक में भारत 150वे स्थान पर क्यों पहुंचा

नागरिकों से बदले पर उतारू सरकार, बलिया-पत्रकार एकता दिखाती राह

बलिया पेपर लीक मामला: ज़मानत पर रिहा पत्रकारों का जगह-जगह स्वागत, लेकिन लड़ाई अभी बाक़ी है


बाकी खबरें

  • hisab kitab
    न्यूज़क्लिक टीम
    महामारी के दौर में बंपर कमाई करती रहीं फार्मा, ऑयल और टेक्नोलोजी की कंपनियां
    26 May 2022
    वर्ल्ड इकॉनोमिक फोरम की वार्षिक बैठक में ऑक्सफैम इंटरनेशनल ने " प्रोफिटिंग फ्रॉम पेन" नाम से रिपोर्ट पेश की। इस रिपोर्ट में उन ब्यौरे का जिक्र है जो यह बताता है कि कोरोना महामारी के दौरान जब लोग दर्द…
  • bhasha singh
    न्यूज़क्लिक टीम
    हैदराबाद फर्जी एनकाउंटर, यौन हिंसा की आड़ में पुलिसिया बर्बरता पर रोक लगे
    26 May 2022
    ख़ास बातचीत में वरिष्ठ पत्रकार भाषा सिंह ने बातचीत की वरिष्ठ अधिवक्ता वृंदा ग्रोवर से, जिन्होंने 2019 में हैदराबाद में बलात्कार-हत्या के केस में किये फ़र्ज़ी एनकाउंटर पर अदालतों का दरवाज़ा खटखटाया।…
  • अनिल अंशुमन
    बिहार : नीतीश सरकार के ‘बुलडोज़र राज’ के खिलाफ गरीबों ने खोला मोर्चा!   
    26 May 2022
    बुलडोज़र राज के खिलाफ भाकपा माले द्वारा शुरू किये गए गरीबों के जन अभियान के तहत सभी मुहल्लों के गरीबों को एकजुट करने के लिए ‘घर बचाओ शहरी गरीब सम्मलेन’ संगठित किया जा रहा है।
  • नीलांजन मुखोपाध्याय
    भाजपा के क्षेत्रीय भाषाओं का सम्मान करने का मोदी का दावा फेस वैल्यू पर नहीं लिया जा सकता
    26 May 2022
    भगवा कुनबा गैर-हिंदी भाषी राज्यों पर हिंदी थोपने का हमेशा से पक्षधर रहा है।
  • सरोजिनी बिष्ट
    UPSI भर्ती: 15-15 लाख में दरोगा बनने की स्कीम का ऐसे हो गया पर्दाफ़ाश
    26 May 2022
    21 अप्रैल से विभिन्न जिलों से आये कई छात्र छात्रायें इको गार्डन में धरने पर बैठे हैं। ये वे छात्र हैं जिन्होंने 21 नवंबर 2021 से 2 दिसंबर 2021 के बीच हुई दरोगा भर्ती परीक्षा में हिस्सा लिया था
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License