NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
अमेरिका
पाइपलाइन-विरोधी प्रदर्शनकारियों की बड़ी जीत, कीस्टोन एक्सएल परियोजना बंद
अमेरिका में आदिवासी समूहों और पर्यावरणविदों द्वारा शुरु किए गए दशकों के लंबे संघर्ष के बाद विवादास्पद कीस्टोन एक्सएल पाइपलाइन परियोजना को समाप्त कर दिया गया है।
पीपल्स डिस्पैच
11 Jun 2021
पाइपलाइन-विरोधी प्रदर्शनकारियों की बड़ी जीत, कीस्टोन एक्सएल परियोजना बंद

विवादास्पद कीस्टोन एक्सएल पाइपलाइन के डेवलपरों ने इस परियोजना को समाप्त करने की घोषणा की है। ये घोषणा गुरुवार 10 जून को कनाडा की तेल कंपनी टीसी एनर्जी द्वारा की गई। इससे संयुक्त राज्य अमेरिका में आदिवासी समूहों और पर्यावरणविदों द्वारा शुरु किए गए दशकों के लंबे संघर्ष का जीत के साथ अंत हो गया है।

लगभग 9 बिलियन अमेरिकी डॉलर की लागत वाली इस परियोजना को पहली बार 2008 में प्रस्तावित किया गया था और मौजूदा कीस्टोन पाइपलाइन प्रणाली की तुलना में कनाडा से अमेरिका के मध्य-पश्चिमी राज्यों में प्रति दिन 830,000 बैरल तेल परिवहन की क्षमता बढ़ाने की उम्मीद थी।

आदिवासी भूमि अधिकारों पर अतिक्रमण और पर्यावरण के लिए संभावित जोखिमों के लिए पर्यावरणविदों के साथ साथ अमेरिका में मूल अमेरिकियों द्वारा इस परियोजना का व्यापक रूप से विरोध किया गया था। कम से कम 2010 से जन आंदोलन इस पाइपलाइन के निर्माण का विरोध करता रहा है और बाद में अदालतों का दरवाजा खटखटाया है।

वर्षों तक पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के प्रशासन ने इसके व्यापक विरोध के कारण इस परियोजना को मंजूरी देने से इनकार किया था लेकिन डोनाल्ड ट्रम्प के प्रशासन ने 2017 में कीस्टोन एक्सएल को मंजूरी दे दी थी। ट्रम्प प्रशासन ने अमेरिका में अन्य विवादास्पद तेल पाइपलाइन और खनन परियोजनाओं को भी मंजूरी दी जिसका आज भी विरोध जारी है।

राष्ट्रपति जो बाइडेन सामाजिक संगठनों और आदिवासी लोगों का मांग पर ध्यान देते हुए इस साल फरवरी में परियोजना को दिए गए परमिट को रद्द कर दिया। इस परियोजना से टीसी एनर्जी की वापसी के हालिया फैसले पर आदिवासी संगठनों ने खुशी जाहिर की।

हमारे पोनका नेशन ( Ponca Nation) की ओर से हम इस लंबे समय से लंबित खबर का स्वागत करते हैं और उन सभी को धन्यवाद देते हैं जिन्होंने शिक्षित करने और इसे सफल होने से रोकने के लिए अथक संघर्ष किया। इस परियोजना से लड़ने वाले समूहों में से एक पोनका ट्राइब ऑफ नेबरस्का के चेयरमैन लैरी राइट जूनियर ने एक बयान में कहा, यह मदर लैंड के लिए एक बड़ा दिन है।

Keystone XL project
America
Tribal Groups

Related Stories

और फिर अचानक कोई साम्राज्य नहीं बचा था

क्या दुनिया डॉलर की ग़ुलाम है?

यूक्रेन में छिड़े युद्ध और रूस पर लगे प्रतिबंध का मूल्यांकन

पड़ताल दुनिया भर कीः पाक में सत्ता पलट, श्रीलंका में भीषण संकट, अमेरिका और IMF का खेल?

लखनऊ में नागरिक प्रदर्शन: रूस युद्ध रोके और नेटो-अमेरिका अपनी दख़लअंदाज़ी बंद करें

यूक्रेन पर रूस के हमले से जुड़ा अहम घटनाक्रम

यूक्रेन की बर्बादी का कारण रूस नहीं अमेरिका है!

कोविड -19 के टीके का उत्पादन, निर्यात और मुनाफ़ा

अमेरिका और चीन के राष्ट्रपति के बीच वार्ता का दांव और अफ़ग़ानिस्तान के बहाने शांति का दौर

क्या बंदूक़धारी हमारे ग्रह को साँस लेने देंगे


बाकी खबरें

  • JEWER
    मुकुंद झा
    जेवर एयरपोर्टः दूसरे फेज के लिए भूमि अधिग्रहण नहीं होगा आसान, किसानों की चार गुना मुआवज़े की मांग
    29 Dec 2021
    जेवर एयरपोर्ट के निर्माण के दूसरे फेज के लिए छह अन्य गांवों से 1,334 हेक्टेयर और भूमि के अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इसको लेकर किसानों ने विरोध शुरू कर दिया है।
  • कोरोना अपडेट: देश में 20 दिन बाद 9 हज़ार से ज़्यादा मामले दर्ज, ओमीक्रॉन के मामले बढ़कर 781 हुए
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में 20 दिन बाद 9 हज़ार से ज़्यादा मामले दर्ज, ओमीक्रॉन के मामले बढ़कर 781 हुए
    29 Dec 2021
    देश में कोरोना के मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है | देश में 20 दिन बाद कोरोना के 9 हज़ार से ज़्यादा मामले सामने आए हैं। वहीं मंगलवार को ओमीक्रॉन के सबसे ज्यादा यानी 128 नए मामले सामने आए हैं।
  • लड़कियों की शादी की क़ानूनी उम्र बढ़ाकर 21 साल करना बाल विवाह का समाधान नहीं
    सुमैया खान
    लड़कियों की शादी की क़ानूनी उम्र बढ़ाकर 21 साल करना बाल विवाह का समाधान नहीं
    29 Dec 2021
    इसकी बजाय सरकार को लड़कियों को शिक्षा के अवसर, स्वास्थ्य-सेवाएं एवं सुरक्षा प्रदान करने में और अधिक निवेश करना चाहिए। उन्हें अपना करियर चुनने में मदद करनी चाहिए।
  • एमएसपी कृषि में कॉर्पोरेट की घुसपैठ को रोकेगी और घरेलू खाद्य सुरक्षा को सुनिश्चित करेगी
    नवप्रीत कौर, सी सरतचंद
    एमएसपी कृषि में कॉर्पोरेट की घुसपैठ को रोकेगी और घरेलू खाद्य सुरक्षा को सुनिश्चित करेगी
    29 Dec 2021
    एक गारंटीशुदा एमएसपी प्रणाली सार्वजनिक भंडारण लागत/अपव्यय को भी कम करेगी बशर्ते इसे एक सार्वभौमिक सार्वजनिक वितरण प्रणाली द्वारा पूरक बनाया जाए।
  • डीजेबी: यूनियनों ने मीटर रीडर्स के ख़िलाफ़ कार्रवाई वापस लेने की मांग की, बिलिंग में गडबड़ियों के लिए आईटी कंपनी को दोषी ठहराया
    रौनक छाबड़ा
    डीजेबी: यूनियनों ने मीटर रीडर्स के ख़िलाफ़ कार्रवाई वापस लेने की मांग की, बिलिंग में गडबड़ियों के लिए आईटी कंपनी को दोषी ठहराया
    29 Dec 2021
    डीजेबी यूनियन ने मंगलवार यह आरोप लगाते हुए एक प्रदर्शन किया कि राष्ट्रीय राजधानी में इस समय पानी की बिलिंग की जो गड़बड़ियां सामने आ रही हैं,वह विप्रो की ओर से व्यवस्थित किये जा रहे राजस्व प्रबंधन…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License