NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
जय हो! : ‘मेक इन इंडिया’ की भारी सफलता के बाद ‘मेक फॉर वर्ल्ड’
भारत के 74वें स्वतंत्रता दिवस पर लालकिले से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज ‘मेक फॉर वर्ल्ड’ का एक नया नारा दिया। आपको जानकारी है कि ‘अच्छे दिन’, ‘हर साल एक से दो करोड़ नौकरी’, ‘हर खाते में 15 लाख’ और ‘मेक इन इंडिया’ के जुमलों/नारों की भारी सफलता के बाद नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अब भारत ‘विश्व कल्याण’ की तरफ़ बढ़ रहा है।
आज का कार्टून
15 Aug 2020
cartoon click

भारत के 74वें स्वतंत्रता दिवस पर लालकिले से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज ‘मेक फॉर वर्ल्ड’ का एक नया नारा दिया। आपको जानकारी है कि ‘अच्छे दिन’, ‘हर साल एक से दो करोड़ नौकरी’, ‘हर खाते में 15 लाख’ और ‘मेक इन इंडिया’ के जुमलों/नारों की भारी सफलता के बाद नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अब भारत ‘विश्व कल्याण’ की तरफ़ बढ़ रहा है। यह नया नारा इसी को प्रदर्शित करता है।

हमेशा की तरह अपने ‘ऐतिहासिक’ भाषण में प्रधानमंत्री मोदी ने 'मेक इन इंडिया' के साथ 'मेक फॉर वर्ल्ड' (विश्व के लिए विनिर्माण) का नारा जोड़ते हुए भारत को आर्थिक नीतियों में सुधार और बुनियादी ढांचे के विकास के साथ विश्व आपूर्ति श्रृंखला में उत्पादन के एक प्रमुख केंद्र के रूप में प्रस्तुत करने का संकल्प पेश किया। मोदी ने कहा कि भारत में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश में 18 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। आज दुनिया की बहुत बड़ी-बड़ी कंपनियां भारत का रुख कर रही हैं। हमें ‘मेक इन इंडिया’ के साथ-साथ ‘मेक फॉर वर्ल्ड’ के मंत्र को लेकर आगे बढ़ना है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत अपनी 130 करोड़ जनता के समर्थन के साथ 'मेक फॉर वर्ल्ड' की दिशा में प्रगति करने का सामर्थ्य रखता है।

वैसे आपको बता दें कि देश का औद्योगिक उत्पादन इस बार जून में सालाना आधार पर 16.6 प्रतिशत घट गया। सरकारी आंकड़े के अनुसार मुख्य रूप से विनिर्माण, खनन और बिजली उत्पादन कम रहने से औद्योगिक उत्पादन में गिरावट आयी।

मंगलवार को जारी औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआई) आंकड़े के अनुसार जून महीने में विनिर्माण क्षेत्र के उत्पादन में 17.1 प्रतिशत जबकि खनन और बिजली उत्पादन में क्रमश: 19.8 प्रतिशत और 10 प्रतिशत की गिरावट आयी।

इसे पढ़ें : औद्योगिक उत्पादन सूचकांक में लगातार गिरावट से यह साफ़ है कि मंदी लंबे समय तक कायम रहेगी! 

पिछले चार महीनों में कमाई और नौकरियां नहीं रहने के चलते 80 लाख से ज़्यादा कामगारों ने अपने भविष्य निधि खातों से पैसा निकाल लिया है।

इसे पढ़ें : लॉकडाउन से कामगारों के भविष्य तबाह, ज़िंदा रहने के लिए ख़र्च कर रहे हैं अपनी जमापूंजी 

कृषि क्षेत्र ने अपने भीतर दस लाख अतिरिक्त कामग़ारों को समाहित कर लिया है, लेकिन फिर भी बेरोज़गारी दर 11 फ़ीसदी पर है। CMIE के अनुमानों के हिसाब से लॉकडाउन के पहले की तुलना में अब भी करीब़ 3 करोड़ लोगों के पास रोज़गार नहीं है।

इसे पढ़ें : अमीरों को दी गई छूट और 'अनलॉक' के बावजूद रोज़गार में नहीं हो रहा है सुधार 

इसे भी पढ़ें : मोदी के कृषि ढांचे में निवेश के पीछे का सच 

इसे भी ज़रूर देखें- आज़ाद भारत के सबसे बुरे दिन

independence day
Narendra modi
MAKE IN INDIA
Make for World
cartoon click
Irfan ka cartoon
cartoon

Related Stories

तिरछी नज़र: सरकार जी के आठ वर्ष

कटाक्ष: मोदी जी का राज और कश्मीरी पंडित

कार्टून क्लिक: उनकी ‘शाखा’, उनके ‘पौधे’

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

भारत के निर्यात प्रतिबंध को लेकर चल रही राजनीति

गैर-लोकतांत्रिक शिक्षानीति का बढ़ता विरोध: कर्नाटक के बुद्धिजीवियों ने रास्ता दिखाया

बॉलीवुड को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है बीजेपी !

गुजरात: भाजपा के हुए हार्दिक पटेल… पाटीदार किसके होंगे?

PM की इतनी बेअदबी क्यों कर रहे हैं CM? आख़िर कौन है ज़िम्मेदार?

छात्र संसद: "नई शिक्षा नीति आधुनिक युग में एकलव्य बनाने वाला दस्तावेज़"


बाकी खबरें

  • Gauri Lankesh pansare
    डॉ मेघा पानसरे
    वे दाभोलकर, पानसरे, कलबुर्गी या गौरी लंकेश को ख़ामोश नहीं कर सकते
    17 Feb 2022
    दाभोलकर, पानसरे, कलबुर्गी और गौरी को चाहे गोलियों से मार दिया गया हो, मगर उनके शब्द और उनके विचारों को कभी ख़ामोश नहीं किया जा सकता।
  • union budget
    टिकेंदर सिंह पंवार
    5,000 कस्बों और शहरों की समस्याओं का समाधान करने में केंद्रीय बजट फेल
    17 Feb 2022
    केंद्र सरकार लोगों को राहत देने की बजाय शहरीकरण के पिछले मॉडल को ही जारी रखना चाहती है।
  • covid
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में आज फिर 30 हज़ार से ज़्यादा नए मामले, 541 मरीज़ों की मौत
    17 Feb 2022
    देश में 24 घंटों में कोरोना के 30,757 नए मामले सामने आए है | देश में कोरोना संक्रमण के मामलों की संख्या बढ़कर 4 करोड़ 27 लाख 54 हज़ार 315 हो गयी है।
  • yogi
    एम.ओबैद
    यूपी चुनावः बिजली बिल माफ़ करने की घोषणा करने वाली BJP का, 5 साल का रिपोर्ट कार्ड कुछ और ही कहता है
    17 Feb 2022
    "पूरे देश में सबसे ज्यादा महंगी बिजली उत्तर प्रदेश की है। पिछले महीने मुख्यमंत्री (योगी आदित्यनाथ) ने 50 प्रतिशत बिजली बिल कम करने का वादा किया था लेकिन अभी तक कुछ नहीं किया। ये बीजेपी के चुनावी वादे…
  • punjab
    रवि कौशल
    पंजाब चुनाव : पुलवामा के बाद भारत-पाक व्यापार के ठप हो जाने के संकट से जूझ रहे सीमावर्ती शहर  
    17 Feb 2022
    स्थानीय लोगों का कहना है कि पाकिस्तान के साथ व्यापार के ठप पड़ जाने से अमृतसर, गुरदासपुर और तरनतारन जैसे उन शहरों में बड़े पैमाने पर बेरोज़गारी पैदा हो गयी है, जहां पहले हज़ारों कामगार,बतौर ट्रक…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License