NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अमेरिका
फिर से खुलने के बाद अमेरिका के स्कूलों में 3,000 से अधिक संक्रमणों का अनुमान
शिक्षकों और संबंधित लोगों द्वारा इकट्ठा किए गए आंकड़ों के अनुसार, जुलाई में स्कूलों के खुलने के बाद से अमेरिका भर में 900 से अधिक स्कूलों में संक्रमण के मामले सामने आए हैं।
पीपल्स डिस्पैच
19 Aug 2020
अमेरिका

शिक्षकों द्वारा स्वतंत्र रूप से इकट्ठा किए गए आंकड़ों में संयुक्त राज्य अमेरिका के 50 राज्यों में से 44 में राज्यों के स्कूलों में 3,000 से अधिक नए COVID-19 संक्रमणों का अनुमान है। ये आंकड़ा स्वतंत्र रूप से 35 स्वयंसेवकों के एक समूह द्वारा इकट्ठा किया गया है और देश भर के 900 से अधिक स्कूलों से जानकारी प्राप्त की हैं और ये लगातार बढ़ रही है।

इस आंकड़े में शिक्षक, छात्र और सहायक कर्मचारी शामिल हैं और प्रत्येक आंकड़े सावधानीपूर्वक प्रमाणिक स्रोत से लिए गए हैं। इस सूची में सार्वजनिक रूप से उपलब्ध संसाधनों का व्यापक उपयोग किया गया है, जिसमें स्थानीय समाचार रिपोर्टें और व्यक्तियों की रिपोर्टें भी शामिल हैं, और सावधानीपूर्वक इकट्ठा किया गया है।

स्कूलों में फैले COVID-19 के आंकड़ों का संकलन इस महीने के शुरू में कंसास के ओलाथे से एक हाई स्कूल शिक्षक अलीशा मॉरिस द्वारा शुरू किया गया था। मॉरिस को संघीय, राज्य और स्थानीय प्रशासनों की निष्क्रियता पर इस तरह के एक आंकड़ों की आवश्यकता महसूस हुई ताकि स्कूल के फिर से खुलने पर सुरक्षा की समस्या का पता लगाया जा सके।

ओलाथे वेस्ट हाई स्कूल में पढ़ाने वाली मॉरिस ने मीडिया को बताया कि उन्होंने स्कूलों में संक्रमण को लेकर उचित आंकड़े की अनुपस्थिति को बहुत स्पष्ट रुप से इंगित किया है। मॉरिस ने एबीसी न्यूज से कहा, "मुझे उम्मीद है कि शिक्षक इस सूचना को अपने ज़िला और स्कूल बोर्ड के सदस्यों तक पहुंचाने में सक्षम हैं ताकि निर्णय लेने में उन्हें मदद मिले।"

इस सूची में तेज़ी से वृद्धि हुई है और शिक्षकों, अभिभावकों और ट्रेड यूनियनों के लिए एक प्रमुख संसाधन बन गया है जो इस महामारी के बीच स्कूलों को फिर से खोलने के प्रयासों का दृढ़ता से विरोध कर रहे हैं।

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प प्रशासन और उनकी रिपब्लिकन पार्टी स्कूलों को फिर से खोलने और अर्थव्यवस्था को समग्र रूप से बढ़ाने पर ज़ोर देती रही है जिससे संक्रमण और मौत के मामले बढ़ रहे हैं। मंगलवार तक अमेरिका में 175,000 से अधिक मृत्यु के साथ 5.6 मिलियन संक्रमणों के मामले सामने आए हैं।

रिपब्लिकन नेताओं ने यह भी दावा किया है कि बच्चे संक्रमण के लिए व्यापक रूप से अतिसंवेदनशील नहीं है, हालांकि मंगलवार तक जांच में 400,000 से अधिक पॉजिटिव पाए गए हैं। हाल ही में आई अमेरिकन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, फिर से स्कूल खुलने के बाद जुलाई के अंतिम दो सप्ताह और अगस्त के पहले दो सप्ताह में कम से कम 97,000 मामले सामने आए हैं।

America
schools in america
covid 19 in america
schools reopen during covid 19

Related Stories

और फिर अचानक कोई साम्राज्य नहीं बचा था

क्या दुनिया डॉलर की ग़ुलाम है?

यूक्रेन में छिड़े युद्ध और रूस पर लगे प्रतिबंध का मूल्यांकन

पड़ताल दुनिया भर कीः पाक में सत्ता पलट, श्रीलंका में भीषण संकट, अमेरिका और IMF का खेल?

लखनऊ में नागरिक प्रदर्शन: रूस युद्ध रोके और नेटो-अमेरिका अपनी दख़लअंदाज़ी बंद करें

यूक्रेन पर रूस के हमले से जुड़ा अहम घटनाक्रम

यूक्रेन की बर्बादी का कारण रूस नहीं अमेरिका है!

कोविड -19 के टीके का उत्पादन, निर्यात और मुनाफ़ा

अमेरिका और चीन के राष्ट्रपति के बीच वार्ता का दांव और अफ़ग़ानिस्तान के बहाने शांति का दौर

क्या बंदूक़धारी हमारे ग्रह को साँस लेने देंगे


बाकी खबरें

  • न्यूज़क्लिक डेस्क
    लॉकडाउन-2020: यही तो दिन थे, जब राजा ने अचानक कह दिया था— स्टैचू!
    27 Mar 2022
    पुनर्प्रकाशन : यही तो दिन थे, जब दो बरस पहले 2020 में पूरे देश पर अनियोजित लॉकडाउन थोप दिया गया था। ‘इतवार की कविता’ में पढ़ते हैं लॉकडाउन की कहानी कहती कवि-पत्रकार मुकुल सरल की कविता- ‘लॉकडाउन—2020’।
  • डॉ. द्रोण कुमार शर्मा
    लीजिए विकास फिर से शुरू हो गया है, अब ख़ुश!
    27 Mar 2022
    ये एक सौ तीस-चालीस दिन बहुत ही बेचैनी में गुजरे। पहले तो अच्छा लगा कि पेट्रोल डीज़ल की कीमत बढ़ नहीं रही हैं। पर फिर हुई बेचैनी शुरू। लगा जैसे कि हम अनाथ ही हो गये हैं। जैसे कि देश में सरकार ही नहीं…
  • सुबोध वर्मा
    28-29 मार्च को आम हड़ताल क्यों करने जा रहा है पूरा भारत ?
    27 Mar 2022
    मज़दूर और किसान आर्थिक संकट से राहत के साथ-साथ मोदी सरकार की आर्थिक नीति में संपूर्ण बदलाव की भी मांग कर रहे हैं।
  • अजय कुमार
    महंगाई मार गई...: चावल, आटा, दाल, सरसों के तेल से लेकर सर्फ़ साबुन सब महंगा
    27 Mar 2022
    सरकारी महंगाई के आंकड़ों के साथ किराना दुकान के महंगाई आकड़ें देखिये तो पता चलेगा कि महंगाई की मार से आम जनता कितनी बेहाल होगी ?
  • जॉन पी. रुएहल
    क्या यूक्रेन मामले में CSTO की एंट्री कराएगा रूस? क्या हैं संभावनाएँ?
    27 Mar 2022
    अपने सैन्य गठबंधन, सामूहिक सुरक्षा संधि संगठन (सीएसटीओ) के जरिये संभावित हस्तक्षेप से रूस को एक राजनयिक जीत प्राप्त हो सकती है और अपने अभियान को आगे बढ़ाने के लिए उसके पास एक स्वीकार्य मार्ग प्रशस्त…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License