NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
प्रगतिशील वर्गों का हंगरी के समलैंगिकता संबंधी क़ानून पर हमला
पीडोफ़िलिया से लड़ने की आड़ में हंगरी में दक्षिणपंथी सरकार ने एक क़ानून लागू किया है जो नाबालिगों तक एलजीबीटी के बारे में चर्चा करने वाली सामग्री के प्रसार पर रोक लगाता है।
पीपल्स डिस्पैच
18 Jun 2021
प्रगतिशील वर्गों का हंगरी के समलैंगिकता संबंधी क़ानून पर हमला

सोमवार को हंगरी के बुडापेस्ट प्राइड, हंगरियन एलजीबीटी अलायंस, लैब्रिस्ज़ लेस्बियन एसोसिएशन, प्रिज़्म कम्युनिटी आदि सहित कई समूहों ने बुडापेस्ट के कोसुथ स्क्वायर पर सरकार द्वारा प्रस्तावित एक बिल का विरोध किया जिसमें एलजीबीटीक्यू वर्गों के साथ भेदभाव और उत्पीड़न के अंश है। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया है कि सरकार सबसे घृणित तरीके से उन किशोरों को यौन शिक्षा से रोकने की कोशिश करती है जो इस बिल के माध्यम से अपनी सेक्सुअलिटी के बारे में स्पष्ट नहीं हैं।

हाल ही में, हंग्री की संसद - प्रधानमंत्री विक्टर ओर्बन के नेतृत्व वाली सत्तासीन फाइडेस्ज पार्टी सहित दक्षिणपंथी समूहों की पहल के अधीन- पीडोफिलिया (बाल यौन शोषण) पर अंकुश लगाने के लिए एक कानून पारित किया, जो उस सामग्री के प्रसार पर भी रोक लगाता है जो नाबालिगों के लिए समलैंगिकता और ट्रांसजेंडर पहचान के बारे में चर्चा करता है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, पीडोफिलिया एक्ट में कई खुले तौर पर होमोफोबिक और ट्रांसफोबिक प्रावधान हैं। जबकि ये कानून "नाबालिगों को किसी भी सामग्री तक पहुंच बनाने पर प्रतिबंध लगाने के लिए कहता है", यह विज्ञापनों, शिक्षा और किसी भी मीडिया सामग्री सहित जन्मजात लिंग के आधार पर लैंगिक पहचान से समलैंगिकता या विचलन के वर्णन को भी प्रतिबंधित करता है। यौन शिक्षा से संबंधित किसी भी स्कूल कार्यक्रम के लिए अधिकारियों से विशेष अनुमति की आवश्यकता होती है। एलजीबीटीक्यू,नारीवादी समूहों को मौजूदा परिस्थितियों में इस तरह की किसी भी चर्चा को आयोजित करने की अनुमति दिए जाने की संभावना नहीं है।

हालांकि, सरकार ने बाल शोषण के व्यापक आरोपों के बाद राजनयिकों, राजनेताओं आदि सहित उच्च स्तर के कई लोगों के खिलाफ बाल शोषण पर अंकुश लगाने के लिए सशक्त कार्रवाई करने का प्रयास किया है।, कन्जर्वेटिव फाइडेस्ज पार्टी ने पीडोफिलिया को समलैंगिकता से जोड़कर एलजीबीटीक्यू समुदाय को दबाने का इसे अवसर बनाया है। पीडोफिलिया पर अंकुश लगाने की आड़ में एलजीबीटीक्यू समुदाय के खिलाफ इस तरह की योजना को व्यापक रूप से विक्टर ओर्बन की नीतियों को जारी रखने के रूप में माना जाता है ताकि अगले साल होने वाले संसदीय चुनावों के लिए अपने दक्षिणपंथी, रूढ़िवादी वोट आधार को मजबूत किया जा सके।

देश में और पूरे यूरोप में एलजीबीटीक्यू समुदाय ने इस तरह के समलैंगिकता कानून को वह भी जून के एलजीबीटी प्राइड महीने में एलजीबीटी अधिकारों और इस समुदाय पर ओर्बन के हमले के एक निर्णय के रूप में पारित समझा है।

जबकि, एलजीबीटी सक्रियता दुनिया भर में दमन और उत्पीड़न का सामना करते हुए तेजी से आगे बढ़ रही है,अतिदक्षिणपंथी शासन इन यौन अल्पसंख्यकों के उद्धार के रास्ते में नई बाधाएं डाल रहे हैं जैसा कि हम पोलैंड, हंगरी आदि देशों में देखते हैं।

Hungary
Homosexuality law
LGBT
LGBTQ

Related Stories

समलैंगिक साथ रहने के लिए 'आज़ाद’, केरल हाई कोर्ट का फैसला एक मिसाल

रूसी तेल आयात पर प्रतिबंध लगाने के समझौते पर पहुंचा यूरोपीय संघ

छत्तीसगढ़ : युद्धग्रस्त यूक्रेन से लौटे मेडिकल छात्रों ने अपने दु:खद अनुभव को याद किया

भोपाल गैस त्रासदी के 37 साल : ब्रिटेन के LGBT+ एक्टिविस्ट ने डाउ से अन्याय का ख़ात्मा करने की अपील की

मैक्सिको के युकाटन प्रांत ने समलैंगिक विवाह को वैध किया

मैक्सिको के प्रांत बाजा कैलिफ़ोर्निया और सिनालोआ ने समान-लिंग विवाह को वैध किया  

लेखक को क्या करना चाहिए

मैं‌ ‌अभी‌ ‌भी‌ ‌यहीं‌ ‌हूँ‌,‌ ‌‌हालाँकि‌ ‌मेरा‌ ‌देश‌ ‌पश्चिम‌ की ओर ‌जा‌ ‌चुका‌ ‌है

समलैंगिक विवाह को हमारा कानून, समाज और मूल्य मान्यता नहीं देते: केंद्र ने अदालत से कहा

धारा-377 को निरस्त करने के दो साल: समाज के पूर्वाग्रहों से अब भी लड़ रहा एलजीबीटी समुदाय


बाकी खबरें

  • महंत की मौत और डेरों-मठों के अन्य रहस्यों पर पर्देदारी क्यों?
    न्यूज़क्लिक टीम
    महंत की मौत और डेरों-मठों के अन्य रहस्यों पर पर्देदारी क्यों?
    22 Sep 2021
    देश में आर्थिक सुधार हो रहा है, कुछ प्रशासनिक सुधार भी किया गया है और अब सरकार कृषि में सुधार का दावा कर रही है. फिर सरकार लोकतांत्रिक धार्मिक सुधार की पहल क्यों नहीं करती? #AajKiBaat के नये एपिसोड…
  • /farmers-agitation-completes-300-days-compensation-families-deceased-sanitation-workers-and-more
    न्यूज़क्लिक टीम
    किसान आंदोलन के 300 दिन पूरे, मृत सफाईकर्मियों के परिवारों को मुआवज़ा और अन्य ख़बरें
    22 Sep 2021
    न्यूज़क्लिक के डेली राउंडअप में आज हमारी नज़र रहेगी 300 दिन से जारी किसान आंदोलन, सेप्टिक टैंक में मरे मज़दूरों के परिवारों को मुआवज़ा और अन्य ख़बरों पर।
  • एम.ओबैद
    मासूम दलित के मंदिर में प्रवेश पर परिवार पर 25 हज़ार रूपये का जुर्माना!
    22 Sep 2021
    कर्नाटक के कोप्पल के मियापुरा गांव में दो साल का मासूम अपने जन्मदिन के मौके पर मंदिर के बाहर से पूजा करने के लिए पिता के साथ गया था, लेकिन वह मासूम मंदिर में प्रवेश कर गया।
  • haryana
    सत्यम श्रीवास्तव
    हरियाणा का नया भूमि अधिग्रहण कानून : किसानों पर एक और प्रहार
    22 Sep 2021
    हरियाणा में “भूमि अधिग्रहण, पुनर्स्थापन और पुनर्वास संशोधन कानून, 2021” पारित कर कथित विकास की परियोजनाओं के लिए किसानों से उनकी ज़मीनें हड़पने के लिए 2013 के केंद्रीय कानून की पूरी मंशा और प्रावधानों…
  • सोनिया यादव
    आख़िर क्यों सिर्फ़ कन्यादान, क्यों नहीं कन्यामान?
    22 Sep 2021
    मोहे के नए विज्ञापन में आलिया पितृसत्तात्मक समाज के रीति-रिवाजों और परंपराओं पर सवाल उठा रही हैं। और 'कन्यादान' की जगह 'कन्यामान' का नया आइडिया दे रही हैं, जो रूढ़िवाद की बेड़ियों को तोड़ने के साथ ही…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License