NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
हैदराबाद मुठभेड़ की एसआईटी जांच की मांग वाली याचिका पर विचार करेगा सुप्रीम कोर्ट
याचिका में दावा किया गया है कि यह मुठभेड़ ‘फर्जी’ थी और इस घटना में संलिप्त संबंधित पुलिस अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जानी चाहिए।
भाषा
09 Dec 2019
supreme court

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट बुधवार को विचार करेगा कि क्या हैदराबाद में पशु चिकित्सक से सामूहिक बलात्कार और उसकी हत्या के चारों आरोपियों की कथित मुठभेड़ में हुई मौत की घटना की जांच एसआईटी से कराने के लिये दायर याचिका पर सुनवाई की जाये।

प्रधान न्यायाधीश एसए बोबडे की अध्यक्षता वाली पीठ ने सोमवार को इस मामले की शीघ्र सुनवाई करने के वकील जी एस मणि के अनुरोध का संज्ञान लिया। मणि ने कहा कि इस मुठभेड़ में शामिल पुलिस अधिकारियों के खिलाफ स्वतंत्र जांच के लिये दायर याचिका पर तत्काल सुनवाई की जरूरत है।

एक अन्य अधिवक्ता मनोहर लाल शर्मा ने भी इसी तरह की याचिका दायर की है जिसमें उच्चतम न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश की निगरानी में विशेष जांच दल की जांच कराने का अनुरोध किया गया है।

याचिका में मणि और वकील प्रदीप कुमार यादव ने दावा किया है कि यह मुठभेड़ ‘फर्जी’ थी और इस घटना में संलिप्त संबंधित पुलिस अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जानी चाहिए।

तेलंगाना पुलिस का कहना है कि शुक्रवार को पुलिस के साथ मुठभेड़ में चारों आरोपी मारे गये। यह घटना शुक्रवार को सुबह साढ़े छह बजे उस समय हुई जब पुलिस इस अपराध की जांच के सिलसिले में इन आरोपियों को घटना स्थल पर ले गयी थी।

साइबराबाद पुलिस का कहना है कि दो आरोपियों ने पुलिसकर्मी से हथियार छीन लिए थे और गोलियां चलानी शुरू कर दी थीं जिसके बाद पुलिस ने ‘जवाबी कार्रवाई’ में गोलियां चलाईं।

चारों आरोपी हैदराबाद के निकट उसी राष्ट्रीय राजमार्ग 44 पर मारे गये जहां 26 वर्षीय पशु चिकित्सक का बुरी तरह जला हुआ शव मिला था। मणि और यादव ने अपनी जनहित याचिका में कहा है कि पशु चिकित्सक से सामूहिक बलात्कार और हत्या के आरोप में गिरफ्तार इन आरोपियों का कोई भी समर्थन नहीं कर रहा है।

याचिका में कहा गया है कि पुलिस आयुक्त स्तर के उच्च अधिकारियों और जांच एजेन्सी द्वारा कानून अपने हाथ में लेकर फर्जी मुठभेड़ में बलात्कार के चारों आरोपियों को मार गिराना बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है।

याचिका के अनुसार, ‘पुलिस जैसी जांच एजेन्सी सहित किसी को भी कानून की प्रक्रिया का पालन किये बगैर किसी आरोपी को सजा देने का अधिकार नहीं है। सिर्फ अदालत ही आरोपियों को स्वतंत्र और निष्पक्ष सुनवाई का अवसर प्रदान कर सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करते हुये दोषी को उम्र कैद या मौत की सजा दे सकती है।’

Hyderabad Encounter
Supreme Court
Telangana Police
Hyderabad Rape Case
Rape and Murder

Related Stories

ज्ञानवापी मस्जिद के ख़िलाफ़ दाख़िल सभी याचिकाएं एक दूसरे की कॉपी-पेस्ट!

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

आर्य समाज द्वारा जारी विवाह प्रमाणपत्र क़ानूनी मान्य नहीं: सुप्रीम कोर्ट

समलैंगिक साथ रहने के लिए 'आज़ाद’, केरल हाई कोर्ट का फैसला एक मिसाल

2019 में हुआ हैदराबाद का एनकाउंटर और पुलिसिया ताक़त की मनमानी

मायके और ससुराल दोनों घरों में महिलाओं को रहने का पूरा अधिकार

जब "आतंक" पर क्लीनचिट, तो उमर खालिद जेल में क्यों ?

विचार: सांप्रदायिकता से संघर्ष को स्थगित रखना घातक

सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक आदेश : सेक्स वर्कर्स भी सम्मान की हकदार, सेक्स वर्क भी एक पेशा

तेलंगाना एनकाउंटर की गुत्थी तो सुलझ गई लेकिन अब दोषियों पर कार्रवाई कब होगी?


बाकी खबरें

  • सरोजिनी बिष्ट
    विधानसभा घेरने की तैयारी में उत्तर प्रदेश की आशाएं, जानिये क्या हैं इनके मुद्दे? 
    17 May 2022
    ये आशायें लखनऊ में "उत्तर प्रदेश आशा वर्कर्स यूनियन- (AICCTU, ऐक्टू) के बैनर तले एकत्रित हुईं थीं।
  • जितेन्द्र कुमार
    बिहार में विकास की जाति क्या है? क्या ख़ास जातियों वाले ज़िलों में ही किया जा रहा विकास? 
    17 May 2022
    बिहार में एक कहावत बड़ी प्रसिद्ध है, इसे लगभग हर बार चुनाव के समय दुहराया जाता है: ‘रोम पोप का, मधेपुरा गोप का और दरभंगा ठोप का’ (मतलब रोम में पोप का वर्चस्व है, मधेपुरा में यादवों का वर्चस्व है और…
  • असद रिज़वी
    लखनऊः नफ़रत के ख़िलाफ़ प्रेम और सद्भावना का महिलाएं दे रहीं संदेश
    17 May 2022
    एडवा से जुड़ी महिलाएं घर-घर जाकर सांप्रदायिकता और नफ़रत से दूर रहने की लोगों से अपील कर रही हैं।
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    कोरोना अपडेट: देश में 43 फ़ीसदी से ज़्यादा नए मामले दिल्ली एनसीआर से सामने आए 
    17 May 2022
    देश में क़रीब एक महीने बाद कोरोना के 2 हज़ार से कम यानी 1,569 नए मामले सामने आए हैं | इसमें से 43 फीसदी से ज्यादा यानी 663 मामले दिल्ली एनसीआर से सामने आए हैं। 
  • एम. के. भद्रकुमार
    श्रीलंका की मौजूदा स्थिति ख़तरे से भरी
    17 May 2022
    यहां ख़तरा इस बात को लेकर है कि जिस तरह के राजनीतिक परिदृश्य सामने आ रहे हैं, उनसे आर्थिक बहाली की संभावनाएं कमज़ोर होंगी।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License