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इराक के लोगों ने देश में अमेरिकी सैनिकों की मौजूदगी के ख़िलाफ़ रैली का आह्वान किया
क़ासिम सुलेमानी और अबू महदी अल मुहंदिस की 3 जनवरी की हत्या के बाद संसद ने एक प्रस्ताव पारित किया है जिसमें सरकार से कहा गया है कि वह देश से विदेशी सैनिकों की वापसी की प्रक्रिया शुरू करे।
पीपल्स डिस्पैच
15 Jan 2020
इराक

इराकी सैरून में इराक के सबसे बड़े संसदीय ब्लॉक के नेता मुक्तदा अल सदर ने देश में अमेरिकी सैनिकों की मौजूदगी के ख़िलाफ़ आगामी शुक्रवार को एक रैली का आह्वान किया है जिसमें लाखों लोग शामिल होने की संभावना है।

उन्होंने ट्वीट किया कि '' सेना को तैनात कर के इराक की ज़मीन, संप्रभुता और आसमान का हर दिन उल्लंघन किया जा रहा है।' उनके इस आह्वान को अन्य मिलिशिया और राजनीतिक समूह के नेताओं द्वारा समर्थन किया गया है। इन नेताओं में संसद में सादिकून ब्लॉक के नेता कातिब हिजबुल्ला और पॉपुलर मोबिलाइजेशन फोर्सेस (पीएमएफ) के घटक शामिल हैं।

 

मुक्तदा अल-सदर ने इराक में सरकार से विदेशी सेनाओं के निष्कासन की प्रक्रिया शुरू करने वाले 5 जनवरी के संसदीय प्रस्ताव को एक "कमजोर" कार्रवाई बताया। इसके बजाय वे 3 जनवरी को अमेरिकी ड्रोन हमले में जनरल क़़ासिम सुलेमानी और अबू महदी अल-मुहंदिस की हत्या के बाद देश से "विदेशी सैनिकों का निष्कासन" चाहते हैं।

कातिब हिजबुल्ला और पीएमएफ 30 दिसंबर से अमेरिकी सैनिकों के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। इस दिन अमेरिका ने उनके ठिकानों पर हमला किया जिसमें उनके 25 कैडर मारे गए। उन्होंने 31 दिसंबर को बगदाद के अधिक सुरक्षा वाले ग्रीन जोन में अमेरिकी दूतावास पर एक बड़ा विरोध प्रदर्शन भी किया था।

 

2014 में इस्लामिक स्टेट या दाइश के खिलाफ अपनी लड़ाई में इराकी बलों की सहायता के लिए इराक में 5000 विशेष अमेरिकी सेना तैनात की गई थी। साल 2017 में आईएस की हार ने उन्हें यहां फिर से रहने के लिए किसी भी वैध आधार से वंचित कर दिया है।

 

अमेरिकी सेनाओं पर इज़राइल के साथ सहयोग करने और इराकी संप्रभुता का उल्लंघन करने का आरोप लगाया गया है। ये सेना मानवाधिकारों के कई उल्लंघन में भी शामिल रहे हैं।

पीएमएफ के घटकों ने पहले ही इराकी सेना को क्रॉस फायर में नुकसान से बचने के लिए अपने अमेरिकी सेना से दूर रहने के लिए कहा है। कई मिलिशिया द्वारा इन सेनाओं के ख़िलाफ़ उच्च सुरक्षा वाले ग्रीन ज़़ोन के भीतर मिसाइल से कई हमले किए गए हैं। बगदाद के पास ताजी सैन्य शिविर पर हुए एक हमले में दो कत्युशा रॉकेटों दागे गए जिसमें कई लोगों के हताहत होने की ख़बर है। 

Iraq
American soldiers
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