NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
इराक के लोगों ने देश में अमेरिकी सैनिकों की मौजूदगी के ख़िलाफ़ रैली का आह्वान किया
क़ासिम सुलेमानी और अबू महदी अल मुहंदिस की 3 जनवरी की हत्या के बाद संसद ने एक प्रस्ताव पारित किया है जिसमें सरकार से कहा गया है कि वह देश से विदेशी सैनिकों की वापसी की प्रक्रिया शुरू करे।
पीपल्स डिस्पैच
15 Jan 2020
इराक

इराकी सैरून में इराक के सबसे बड़े संसदीय ब्लॉक के नेता मुक्तदा अल सदर ने देश में अमेरिकी सैनिकों की मौजूदगी के ख़िलाफ़ आगामी शुक्रवार को एक रैली का आह्वान किया है जिसमें लाखों लोग शामिल होने की संभावना है।

उन्होंने ट्वीट किया कि '' सेना को तैनात कर के इराक की ज़मीन, संप्रभुता और आसमान का हर दिन उल्लंघन किया जा रहा है।' उनके इस आह्वान को अन्य मिलिशिया और राजनीतिक समूह के नेताओं द्वारा समर्थन किया गया है। इन नेताओं में संसद में सादिकून ब्लॉक के नेता कातिब हिजबुल्ला और पॉपुलर मोबिलाइजेशन फोर्सेस (पीएमएफ) के घटक शामिल हैं।

 

मुक्तदा अल-सदर ने इराक में सरकार से विदेशी सेनाओं के निष्कासन की प्रक्रिया शुरू करने वाले 5 जनवरी के संसदीय प्रस्ताव को एक "कमजोर" कार्रवाई बताया। इसके बजाय वे 3 जनवरी को अमेरिकी ड्रोन हमले में जनरल क़़ासिम सुलेमानी और अबू महदी अल-मुहंदिस की हत्या के बाद देश से "विदेशी सैनिकों का निष्कासन" चाहते हैं।

कातिब हिजबुल्ला और पीएमएफ 30 दिसंबर से अमेरिकी सैनिकों के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। इस दिन अमेरिका ने उनके ठिकानों पर हमला किया जिसमें उनके 25 कैडर मारे गए। उन्होंने 31 दिसंबर को बगदाद के अधिक सुरक्षा वाले ग्रीन जोन में अमेरिकी दूतावास पर एक बड़ा विरोध प्रदर्शन भी किया था।

 

2014 में इस्लामिक स्टेट या दाइश के खिलाफ अपनी लड़ाई में इराकी बलों की सहायता के लिए इराक में 5000 विशेष अमेरिकी सेना तैनात की गई थी। साल 2017 में आईएस की हार ने उन्हें यहां फिर से रहने के लिए किसी भी वैध आधार से वंचित कर दिया है।

 

अमेरिकी सेनाओं पर इज़राइल के साथ सहयोग करने और इराकी संप्रभुता का उल्लंघन करने का आरोप लगाया गया है। ये सेना मानवाधिकारों के कई उल्लंघन में भी शामिल रहे हैं।

पीएमएफ के घटकों ने पहले ही इराकी सेना को क्रॉस फायर में नुकसान से बचने के लिए अपने अमेरिकी सेना से दूर रहने के लिए कहा है। कई मिलिशिया द्वारा इन सेनाओं के ख़िलाफ़ उच्च सुरक्षा वाले ग्रीन ज़़ोन के भीतर मिसाइल से कई हमले किए गए हैं। बगदाद के पास ताजी सैन्य शिविर पर हुए एक हमले में दो कत्युशा रॉकेटों दागे गए जिसमें कई लोगों के हताहत होने की ख़बर है। 

Iraq
American soldiers
America

Related Stories

और फिर अचानक कोई साम्राज्य नहीं बचा था

क्या दुनिया डॉलर की ग़ुलाम है?

यूक्रेन में छिड़े युद्ध और रूस पर लगे प्रतिबंध का मूल्यांकन

पड़ताल दुनिया भर कीः पाक में सत्ता पलट, श्रीलंका में भीषण संकट, अमेरिका और IMF का खेल?

लखनऊ में नागरिक प्रदर्शन: रूस युद्ध रोके और नेटो-अमेरिका अपनी दख़लअंदाज़ी बंद करें

यूक्रेन पर रूस के हमले से जुड़ा अहम घटनाक्रम

यूक्रेन की बर्बादी का कारण रूस नहीं अमेरिका है!

कोविड -19 के टीके का उत्पादन, निर्यात और मुनाफ़ा

अमेरिका और चीन के राष्ट्रपति के बीच वार्ता का दांव और अफ़ग़ानिस्तान के बहाने शांति का दौर

क्या बंदूक़धारी हमारे ग्रह को साँस लेने देंगे


बाकी खबरें

  • yogi
    विजय विनीत
    अखिलेश बनाम योगीः यूपी की चुनावी लड़ाई में अब पूजा-अनुष्ठान, तंत्र-मंत्र और जाप की एंट्री!
    07 Jan 2022
    यूपी में सत्ता की चाबी हथियाने के लिए सियासी लड़ाई के तौर-तरीकों में पूजा-पाठ, तंत्र-मंत्र, टोना-टोटका के साथ अब जाप का पाखंड भी शामिल हो गया है। अखिलेश यादव के समर्थकों ने हरदोई के एक दुर्गा मंदिर…
  • banaras
    विजय विनीत
    बनारस में विहिप और बजरंग दल बेलगाम, गंगा घाटों के किनारे लगाए 'ग़ैर-हिंदुओं के प्रवेश प्रतिबंध' के पोस्टर
    07 Jan 2022
    बनारस में जो नदी आठों पहर अमनपसंद लोगों के पांव पखारती रही है, उस गंगा के आंचल में विहिप और बजरंग दल ने ग़ैर-हिंदुओं के प्रवेश पर प्रतिबंध वाले विवादित पोस्टर लगाए हैं। ये संगठन अब अपनी काली…
  • US
    जॉन मार्शल
    एक साल पहले हुए कैपिटॉल दंगे ने अमेरिका को किस तरह बदला या बदलने में नाकाम रहा
    07 Jan 2022
    सत्ता के शांतिपूर्ण हस्तांतरण को अमेरिकी लोकतंत्र की एक शानदार मिसाल के तौर पर देखा जाता रहा है। लेकिन, यह व्यापक धारणा 6 जनवरी, 2021 को अपनी बुनियाद के साथ हिल गयी थी।
  • Punjab security lapse
    लाल बहादुर सिंह
    पीएम को राजनीतिक लाभ के लिए पंजाब और किसानों के ख़िलाफ़ भावनाएं भड़काने से बाज़ आना चाहिए
    07 Jan 2022
    पंजाब का 5 जनवरी का नाटकीय घटनाक्रम आने वाले दिनों की बड़ी घटनाओं का ट्रेलर साबित हो सकता है।
  • Cofee beans
    निखिल करिअप्पा
    अरेबिका कॉफ़ी के दाम सबसे ज़्यादा, पर छोटे किसान को नहीं मिल रहा फ़ायदा
    07 Jan 2022
    भारी बारिश और फ़सल के नुकसान के कारण उन छोटे किसानों को बड़ा घाटा हुआ है जो बड़े पैमाने पर रोबस्टा कॉफ़ी उगाते हैं।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License