NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
साहित्य-संस्कृति
स्वास्थ्य
भारत
राजनीति
तिरछी नज़र : सुगंध प्रेमी कोरोना वायरस और दुर्गंध द्वारा उससे बचाव
हमारे यहां विज्ञान कुछ कहे इससे पहले ही अविज्ञान शुरू हो जाता है। लोगों ने बीमारी से पहले ही उपचार बताना शुरू कर दिया। बहुत से लोगों के लिए तो गौमूत्र पान और गोबर लेपन रामबाण औषधि की तरह से है।
डॉ. द्रोण कुमार शर्मा
29 Mar 2020
Tirchi nazar

पूरे विश्व को कोरोना वायरस परेशान कर रहा है। जहां यह परेशानी पहले शुरू हुई, वहां समाप्त होने को है। जहां थोड़ा देर में शुरू हुई वहां ऊंचाई पर है। हमारे यहां देर में शुरू हुई इसलिए अभी वाहियात हरकतें करने की गुंजाइश है। 

हमारे यहां विज्ञान कुछ कहे इससे पहले ही अविज्ञान शुरू हो जाता है। लोगों ने बीमारी से पहले ही उपचार बताना शुरू कर दिया। बहुत से लोगों के लिए तो गौमूत्र पान रामबाण औषधि की तरह से है। कोरोना ही नहीं, पहले या उसके आगे भी कभी भी कोई भी बीमारी होगी, गौमूत्र पान उसका भी इलाज है। तो उन्होंने गौमूत्र और गोबर (गौ-मल) को कोरोना का बचाव और इलाज बताना शुरू कर दिया। कोरोना से बचाव के लिए गौमूत्र को पीना होता है और गोबर का सारे शरीर पर लेप कर लेना चाहिए।

tirchhi nazar_2.PNG_0.jpeg

वैसे यह कितना भी अवैज्ञानिक हो, विज्ञान इसका कितना भी मजा़क उडा़ये पर मैं भी इस गौमूत्र और गोबर वाली थ्योरी पर बहुत विश्वास करता हूँ। बस प्रयोग करने का साहस नहीं होता है। इसका बहुत ही वैज्ञानिक आधार है। गौमूत्र पान से मुंह और सांस से इतनी दुर्गंध आयेगी कि कोविड-19 तो क्या कोई भी वायरस या बैक्टीरिया मुंह या नाक के राह शरीर में प्रवेश नहीं करेगा। शायद ऑक्सीजन भी प्रवेश करने से घबराये। इसी तरह गोबर के लेप से पूरे शरीर से इतनी बदबू आने लगेगी कि कोई भी वायरस या बैक्टीरिया तो छोड़ो, कोई आदमी, जानवर या जीव-जन्तु भी पास नहीं फटकेगा। ऐसे गौमूत्र पीते, गोबर पुते बदबू मार रहे व्यक्ति से कोई भी सिर्फ एक मीटर नहीं, तीन-चार मीटर दूर रहेगा।

वैसे इस वायरस का प्रकोप अगर चालीस बयालीस साल पहले आया होता तो इससे बचाव और इसके इलाज के लिए गौमूत्र से अधिक स्वमूत्र पान की महिमा गाई जाती। क्योंकि उस समय, सत्तर अठहत्तर में हमारे प्रधानमंत्री स्वमूत्र पान करते थे और अच्छे खासे स्वस्थ थे। वे अस्सी साल की उम्र के बाद भी इतनी तनी हुई कमर से चलते थे कि युवा भी शर्मा जाये। उनके प्रधानमंत्री बनने के बाद स्वमूत्र पान की महिमा पता चली। बहुत से लोगों ने स्वमूत्र पान शुरू कर दिया था। कोरोना यदि उनके समय में आया होता तो बहुत से लोग स्वमूत्र पान की महिमामंडन कर रहे होते। स्वमूत्र पान भी भले ही बेअसर गौमूत्र पान जितना होता पर हर एक को और हर समय उपलब्ध रहता।

वैसे भी अगर गंदगी और दुर्गंध से कोरोना भागता है तो सबसे अच्छा है कि रोज नहाना, मूंह धोना और बार बार हाथ धोना बंद कर दिया जाये। शरीर गंदा तो रहेगा ही, दो चार दिन में बदबू भी आने लगेगी। साबुन और पानी की बचत होगी, वह अलग। पांच सात दिन में जब त्वचा पर फोड़े फुंसियां निकलने लगेंगी तो लोग बाग भी आपसे एक नहीं दो तीन मीटर दूर रहेंगे। आपके पास आना भी पड़ा तो मुंह पर कपड़ा ढक कर आयेंगे। कोरोना आपसे दूर रहेगा। फोड़े फुंसी का इलाज तो हो ही जायेगा। गोली कैप्सूल से नहीं तो इंजेक्शन से। पर कोरोना का इलाज नामुमकिन है।

इस सिद्धांत से यह भी समझ आता है कि कोरोना के इस काल में मुंह को सुगंधित करनेवाले माउथवॉश और माउथ फ्रैशनर, सिर में लगाने वाले सुगंधित तेल, चेहरे और शरीर पर लगाने वाले सुगंधित पाउडर और क्रीम पर भी "जनता कर्फ्यू" लगना चाहिए। कोरोना का वायरस ज़रूर ही सुगंध प्रेमी होगा (तभी तो गोबर से दूर भागता है), और अतः सुगंधित प्रसाधनों के  प्रयोगकर्ता की ओर आकर्षित ही होगा। 

यह सुगंध प्रेमी वायरस दिल्ली में न फैले इसके लिए हम दिल्ली नगर निगम के द्वारा किये गये प्रयासों के अत्यधिक आभारी हैं। यह उसी की मेहरबानी है कि पूरी दिल्ली में उसने जगह जगह कूड़े और बदबू के ढेर लगने दिये हैं। लेकिन इंदौर वालों को अपने यहां हो रही साफ-सफाई की वजह से कोरोना से बचाव को लेकर अधिक सावधानी की आवश्यकता है।

लेखक का निवेदन: यह एक व्यंग्य है। एक व्यंजना। कृपया इसे शाब्दिक अर्थों में सत्य मत मानिये। शारिरिक स्वच्छता, हाथ धोना, सामाजिक दूरी जैसी चीजों का ध्यान रखें। कोरोना वायरस से बचाव में ये ही कारगर साबित हुए हैं।

(लेखक पेशे से चिकित्सक हैं।)

tirchi nazar
Satire
Political satire
Coronavirus
COVID-19

Related Stories

जनवादी साहित्य-संस्कृति सम्मेलन: वंचित तबकों की मुक्ति के लिए एक सांस्कृतिक हस्तक्षेप

लॉकडाउन-2020: यही तो दिन थे, जब राजा ने अचानक कह दिया था— स्टैचू!

तिरछी नज़र: सरकार-जी, बम केवल साइकिल में ही नहीं लगता

विज्ञापन की महिमा: अगर विज्ञापन न होते तो हमें विकास दिखाई ही न देता

तिरछी नज़र: बजट इस साल का; बात पच्चीस साल की

…सब कुछ ठीक-ठाक है

तिरछी नज़र: ‘ज़िंदा लौट आए’ मतलब लौट के...

तिरछी नज़र: ओमीक्रॉन आला रे...

कटाक्ष: नये साल के लक्षण अच्छे नजर नहीं आ रहे हैं...

तिरछी नज़र: ...चुनाव आला रे


बाकी खबरें

  • kafeel khan
    असद रिज़वी
    बीआरडी अस्पताल मामले में डॉ. कफ़ील खान को योगी सरकार ने किया बर्खास्त
    11 Nov 2021
    “मुझे योगी सरकार से शुरू से ही उम्मीद नहीं थी। मैंने हमेशा से न्यायालय पर भरोसा किया।जब मेरा कोई दोष नहीं है, तो इंसाफ़ आज नहीं तो कल मिलेगा ही मिलेगा।”
  • Kamala Nehru Hospital,
    न्यूज़क्लिक टीम
    कमला नेहरू अस्पताल, भोपाल: हादसे की रात क्या हुआ?
    11 Nov 2021
    भोपाल के सरकारी हमीदिया अस्पताल परिसर के कमला नेहरू अस्पताल में सोमवार को भीषण आग लगने के बाद से अब तक करीब 12 बच्चों की मौत हो गयी हैI
  • covid
    काशिफ़ काकवी
    मप्र : 90,000 से अधिक आशाकर्मियों को नहीं मिला वेतन
    11 Nov 2021
    स्वास्थ्य विभाग और एनएचएम द्वारा टीकाकरण के लिए आउटसोर्स किये गए सैकड़ों एएनएम कर्मियों और पैरामेडिकल टीकाप्रदाताओं को प्रतिदिन के हिसाब से 500 रूपये का भुगतान किया जाना था। लेकिन वास्तविकता यह है कि…
  • sun
    डेनियल रॉस
    क्या इंसानों को सूर्य से आने वाले प्रकाश की मात्रा में बदलाव करना चाहिए?
    11 Nov 2021
    सूर्य विकरण को तकनीक के ज़रिए प्रबंधित करना संभव है। लेकिन यहां नैतिक और राजनीतिक चिंताएं हैं।
  • Mafia makes poison by mixing pesticides in alcohol
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    शराब में कीटनाशक मिलाकर ज़हरीला बनाते हैं माफ़िया!
    11 Nov 2021
    मुज़फ़्फ़रपुर ज़िले के सकरा इलाके में हुई छापेमारी के दौरान मौके से अधिकारियों को कीटनाशक मिला है जिससे लगता है कि शराब बनाने में इन कीटनाशकों का इस्तेमाल किया जाता था।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License