NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
जन्मदिन विशेष: अदम, सौ में सत्तर नहीं सौ में नब्बे आदमी फ़िलहाल नाशाद है...
जनता के शायर अदम गोंडवी का आज जन्मदिन है। वो ऐसे नायाब शायर थे जिन्होंने ‘धरती की सतह पर’ खड़े होकर ‘समय से मुठभेड़’ की। वो आज होते तो सौ में सत्तर नहीं बल्कि कहते- सौ में नब्बे आदमी फ़िलहाल जब नाशाद है/ दिल पे रखकर हाथ कहिए देश क्या आज़ाद है। न्यूज़क्लिक ने उनकी याद में ये विशेष वीडियो फीचर तैयार किया है।
न्यूज़क्लिक प्रोडक्शन
22 Oct 2020

जनता के शायर अदम गोंडवी का आज जन्मदिन है। 22 अक्टूबर, 1947 को उत्तर प्रदेश के गोंडा ज़िले में परसपुर के आटा गांव में उनका जन्म हुआ। मां-बाप ने नाम रखा रामनाथ सिंह...लेकिन उन्होंने अपने लिए नाम चुना अदम गोंडवी। वो हर ग़रीब-मेहनतकश का दु:ख-दर्द महसूस करते थे और इसी को उन्होंने अपनी ग़ज़लों में ढाला। वो ऐसे नायाब शायर थे जिन्होंने ‘धरती की सतह पर’ खड़े होकर ‘समय से मुठभेड़’ की। न्यूज़क्लिक ने उनकी याद में 2018 में ये वीडियो फीचर तैयार किया। जिसे आज भी देखा-सुना जाना चाहिए।

Adam Gondvi
Adam Gondvi's Birthday
hindi poet
hindi poetry
अदम गोंडवी
जनता के शायर

Related Stories

कविता का प्रतिरोध: ...ग़ौर से देखिये हिंदुत्व फ़ासीवादी बुलडोज़र

देवी शंकर अवस्थी सम्मान समारोह: ‘लेखक, पाठक और प्रकाशक आज तीनों उपभोक्ता हो गए हैं’

गणेश शंकर विद्यार्थी : वह क़लम अब खो गया है… छिन गया, गिरवी पड़ा है

अदम गोंडवी : “धरती की सतह पर” खड़े होकर “समय से मुठभेड़” करने वाला शायर

हमें यह शौक़ है देखें सितम की इंतिहा क्या है : भगत सिंह की पसंदीदा शायरी

विशेष: ...मेरी कोशिश है कि ये सूरत बदलनी चाहिए

इतवार की कविता : तुम्हारी जाति क्या है कुमार अंबुज?

राही मासूम रज़ा : साझा भारतीय संस्कृति के भाष्यकार

एक दिन सुन लीजिए जो कुछ हमारे दिल में है...

फिर फिर याद आए विष्णु खरे


बाकी खबरें

  • जितेन्द्र कुमार
    बहस: क्यों यादवों को मुसलमानों के पक्ष में डटा रहना चाहिए!
    04 Apr 2022
    आरएसएस-बीजेपी की मौजूदा राजनीतिक तैयारी को देखकर के अखिलेश यादव को मुसलमानों के साथ-साथ दलितों की सुरक्षा की जिम्मेदारी यादवों के कंधे पर डालनी चाहिए।
  • एम.ओबैद
    बिहारः बड़े-बड़े दावों के बावजूद भ्रष्टाचार रोकने में नाकाम नीतीश सरकार
    04 Apr 2022
    समय-समय पर नीतीश सरकार भ्रष्टाचार को लेकर जीरो टॉलेरेंस नीति की बात करती रही है, लेकिन इसके उलट राज्य में भ्रष्टाचार की जड़ें गहरी होती जा रही हैं।
  • आज का कार्टून
    कार्टून क्लिक:  ‘रोज़गार अभियान’ कब शुरू होगा सरकार जी!
    04 Apr 2022
    उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को ‘स्कूल चलो अभियान’ की शुरुआत की। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने परीक्षा पे चर्चा की थी। लेकिन बेरोज़गारी पर कोई बात नहीं कर रहा है।…
  • जगन्नाथ कुमार यादव
    नई शिक्षा नीति, सीयूसीईटी के ख़िलाफ़ छात्र-शिक्षकों ने खोला मोर्चा 
    04 Apr 2022
    बीते शुक्रवार को नई शिक्षा नीति (एनईपी ), हायर एजुकेशन फंडिंग एजेंसी (हेफ़ा), फोर ईयर अंडरग्रेजुएट प्रोग्राम (FYUP),  सेंट्रल यूनिवर्सिटी कॉमन एंट्रेंस टेस्ट (सीयूसीईटी) आदि के खिलाफ दिल्ली…
  • अनिल सिन्हा
    नेहरू म्यूज़ियम का नाम बदलनाः राष्ट्र की स्मृतियों के ख़िलाफ़ संघ परिवार का युद्ध
    04 Apr 2022
    सवाल उठता है कि क्या संघ परिवार की लड़ाई सिर्फ़ नेहरू से है? गहराई से देखें तो संघ परिवार देश के इतिहास की उन तमाम स्मृतियों से लड़ रहा है जो संस्कृति या विचारधारा की विविधता तथा लोकतंत्र के पक्ष में…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License