NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
अमेरिका
अफ़गानिस्तान में युद्ध अपराधों की जांच को लेकर आईसीसी पर अमेरिका का प्रतिबंध
डोनाल्ड ट्रम्प ने 2003 के आक्रमण के बाद से अफ़गानिस्तान में अमेरिका के नेतृत्व वाली सेना द्वारा किए गए युद्ध अपराधों की जांच का विरोध किया है।
पीपल्स डिस्पैच
12 Jun 2020
ICC

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने गुरुवार 11 जून को अंतर्राष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय (आईसीसी) पर प्रतिबंध लगा दिया है। इन प्रतिबंधों से आईसीसी जांचकर्ताओं को अमेरिका में आने से रोक दिया जाएगा और यूएस में आईसीसी कर्मचारियों के स्वामित्व वाली सभी संपत्तियों को भी रोक दिया जाएगा। इन प्रतिबंधों को लागू करने वाले एग्जक्यूटिव ऑर्डर 13926 पर ट्रम्प द्वारा हस्ताक्षर किया गया। अफ़गानिस्तान में अमेरिका के नेतृत्व वाली सैनिकों द्वारा युद्ध-अपराधों की आईसीसी की जांच को लेकर ये आदेश लाया गया।

राष्ट्रपति द्वारा प्रतिबंध के आदेश पर हस्ताक्षर किए जाने के कुछ समय बाद यूएस स्टेट सेक्रेटरी माइक पोम्पिओ ने आईसीसी को "कंगारू कोर्ट" बताया। व्हाइट हाउस के एक प्रेस स्टेटमेंट में यह कहा गया कि आईसीसी की "कार्रवाई अमेरिकी लोगों के अधिकारों पर हमला है और हमारी राष्ट्रीय संप्रभुता पर अतिक्रमण करने की आशंका है।"

अमेरिकी अधिकारियों द्वारा यह भी आरोप लगाया गया है कि अमेरिका के विरोधियों द्वारा आईसीसी का चालाकी से इस्तेमाल किया जा रहा है। अमेरिकी अटॉर्नी जनरल विलियम बर्र ने कहा कि "रूस जैसी विदेशी शक्तियां... अपने स्वयं के एजेंडे को आगे बढ़ाने में आईसीसी का इस्तेमाल कर रही हैं।" इस फैसले को ट्रम्प प्रशासन में ताजे घटनाक्रम के तौर पर एकतरफा तरीक़े से अमेरिका को अंतरराष्ट्रीय राजनयिक मंचों और प्लेटफार्मों से वापस लेने के रूप में देखा जा रहा है।

ट्रम्प प्रशासन ने यह दलील देते हुए आईसीसी द्वारा ऐसी किसी भी जांच का लगातार विरोध किया है कि अमेरिका रोम संधि का हस्ताक्षरकर्ता नहीं है और आईसीसी के अधिकार क्षेत्र से बाहर है। ट्रम्प प्रशासन ने हाल ही में आईसीसी के मुख्य अभियोजक फतोउ बेन्सौडा के यूएस वीजा को रद्द कर दिया था ताकि आगे की जांच को रोका जा सके। गुरुवार को दिए गए एक बयान में आईसीसी ने अमेरिकी प्रतिबंधों प्रतिक्रिया दिया है और आरोप लगाया कि यह "क़ानून के शासन में हस्तक्षेप करने का एक अस्वीकार्य प्रयास" है।

बयान में कहा गया है, "आईसीसी पर हमला भी अत्याचार अपराधों के पीड़ितों के हितों के ख़िलाफ़ हमले को बताता है। कई पीड़ितों के लिए ये न्यायालय न्याय की आख़िरी उम्मीद को दर्शाता है।"

फतोउ बेन्सौडा अमेरिकी सेना द्वारा अफ़गानिस्तान में युद्ध अपराधों की ट्रायल-पूर्व जांच का नेतृत्व कर रहे हैं जिसको लेकर नवंबर 2017 से सबूत और बयान एकट्ठा किए गए। आईसीसी द्वारा एक औपचारिक जांच 3 मार्च 2020 को तब शुरु किया गया जब एक पीठासीन न्यायाधीश ने पाया कि प्राथमिक जांच अफ़गानिस्तान में युद्ध अपराध के उचित आधार को दर्शाता है।

USA
Donand Trump
icc
international criminal court
America
Afghanistan

Related Stories

भारत में धार्मिक असहिष्णुता और पूजा-स्थलों पर हमले को लेकर अमेरिकी रिपोर्ट में फिर उठे सवाल

और फिर अचानक कोई साम्राज्य नहीं बचा था

हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शक्ति संतुलन में हो रहा क्रांतिकारी बदलाव

अमेरिकी आधिपत्य का मुकाबला करने के लिए प्रगतिशील नज़रिया देता पीपल्स समिट फ़ॉर डेमोक्रेसी

भोजन की भारी क़िल्लत का सामना कर रहे दो करोड़ अफ़ग़ानी : आईपीसी

क्या दुनिया डॉलर की ग़ुलाम है?

छात्रों के ऋण को रद्द करना नस्लीय न्याय की दरकार है

अमेरिका ने रूस के ख़िलाफ़ इज़राइल को किया तैनात

तालिबान को सत्ता संभाले 200 से ज़्यादा दिन लेकिन लड़कियों को नहीं मिल पा रही शिक्षा

यूक्रेन में छिड़े युद्ध और रूस पर लगे प्रतिबंध का मूल्यांकन


बाकी खबरें

  • निखिल करिअप्पा
    कर्नाटक : कच्चे माल की बढ़ती क़ीमतों से प्लास्टिक उत्पादक इकाईयों को करना पड़ रहा है दिक़्क़तों का सामना
    02 May 2022
    गलाकाट प्रतियोगिता और कच्चे माल की क़ीमतों में बढ़ोत्तरी ने लघु औद्योगिक इकाईयों को बहुत ज़्यादा दबाव में डाल दिया है।
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    बिजली संकट को लेकर आंदोलनों का दौर शुरू
    02 May 2022
    पूरा देश इन दिनों बिजली संकट से जूझ रहा है। कोयले की प्रचुर मात्रा होने के बावजूद भी पावर प्लांट में कोयले की कमी बनी हुई है। इसे लेकर देश के कई इलाके में विरोध शुरू हो गए हैं।  
  • सतीश भारतीय
    मध्यप्रदेश के कुछ इलाकों में सैलून वाले आज भी नहीं काटते दलितों के बाल!
    02 May 2022
    भारतीय संविधान का अनुच्छेद 14 भारत के हर नागरिक को समानता का दर्जा देता है। मगर हक़ीक़त यह है कि आजादी के 75 वर्ष बाद भी दलित आवाम असमानताओं में जीने को विवश है। आज भी ऊंची जाति ने दलित समाज को सिर के…
  • पीपल्स डिस्पैच
    "एएलबीए मूल रूप से साम्राज्यवाद विरोधी है": सच्चा लोरेंटी
    02 May 2022
    एएलबीए मूवमेंट्स की तीसरी कंटिनेंटल असेंबली के दौरान संबद्ध मंचों ने एकता स्थापित करने और साम्राज्यवाद व पूंजीवाद के ख़िलाफ़ एक साथ लड़ने की अहमियत के बारे में चर्चा की।
  • राजु कुमार
    6 से 9 जून तक भोपाल में होगी 17वीं अखिल भारतीय जन विज्ञान कांग्रेस
    02 May 2022
    “भारत का विचार : वैज्ञानिक स्वभाव, आत्मनिर्भरता और विकास“ के साथ-साथ देश की वर्तमान चुनौतियों पर मंथन एवं संवाद के लिए 600 से अधिक जन विज्ञान कार्यकर्ता एवं वैज्ञानिक शिरकत करेंगे।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License