NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
टेक्सास में गर्भपात प्रतिबंध के बाद अमेरिका में आक्रोश
टेक्सास प्रांत की विधायिका द्वारा एक नया क़ानून "हर्टबीट बिल" पारित किया गया है। यह प्रभावी रूप से छह सप्ताह में गर्भावस्था को कानूनी रूप से समाप्त करने के मार्ग को सीमित करके गर्भपात पर प्रतिबंध लगाता है।
पीपल्स डिस्पैच
03 Sep 2021
टेक्सास में गर्भपात प्रतिबंध के बाद अमेरिका में आक्रोश

डेमोक्रेटिक पार्टी और राष्ट्रपति जो बाइडेन ने टेक्सास के गर्भपात प्रतिबंध का विरोध करने की इच्छा व्यक्त की है। हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव की स्पीकर नैन्सी पेलोसी ने प्रेस से बात करते हुए गुरुवार 2 सितंबर को कहा कि ये सदन चर्चा करेगा और कानून पर मतदान करेगा जो राज्यों को टेक्सास गर्भपात प्रतिबंध जैसे कानूनों को लागू करने से रोकेगा।

अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार 1 सितंबर को टेक्सास राज्य द्वारा हाल ही में पारित एक अत्यधिक विवादास्पद गर्भपात विरोधी कानून को अवरुद्ध करने के लिए दायर एक याचिका को खारिज कर दिया। सुप्रीम कोर्ट में कन्जर्वेटिव मेजोरिटी द्वारा 5 -4 वोट से निर्णय लिया गया जिसे महिलाओं अधिकार आंदोलनों और प्रजनन अधिकार कार्यकर्ताओं द्वारा निंदा की गई है क्योंकि इसने 1973 के रो बनाम वेडे के आदेश द्वारा हुई महत्वपूर्ण प्रगति को नजरअंदाज कर दिया है।

टेक्सास के इस हर्टबीट बिल पर मई 2021 में हस्ताक्षर किया गया था और फौरन ही रिप्रोडक्टिव राइट्स एडवोकेसी ग्रुप जैसे नेशनल लैटिना इंस्टीट्यूट फॉर रिप्रोडक्टिव जस्टिस, सेंटर फॉर रिप्रोडक्टिव राइट्स और अन्य संगठनों द्वारा इसे चुनौती दी गई। टेक्सास इस तरह के कानून को पारित करने वाला पहला राज्य नहीं है। 13 अन्य राज्यों ने 2013 के बाद से इसी तरह के कानून पारित किए हैं जिसे रो बनाम वेडे द्वारा दिए आदेश के तहत संघीय अदालत द्वारा रोक दिया गया।

बलात्कार, अनाचार या चिकित्सीय आपात स्थितियों को छोड़कर ये कानून पहले छह हफ्तों के भीतर गर्भावस्था को समाप्त करने के लिए कानूनी रूप से स्वीकार्य मार्ग को सीमित करके सभी गर्भपात को प्रभावी ढंग से प्रतिबंधित करता है। चूंकि ज्यादातर महिलाओं को छह सप्ताह के भीतर शायद ही कभी महसूस होता है कि वे गर्भवती हैं ऐसे में ये कानून कानूनी गर्भपात के लिए लगभग सभी उपलब्ध विकल्पों को प्रभावी ढंग से समाप्त कर देता है। नए कानून में डॉक्टरों और गर्भपात सेवा प्रदाताओं को भ्रूण में हृदय संबंधी गतिविधि की जांच करने और स्पष्ट होने पर गर्भपात पर रोक लगाने की भी आवश्यकता है। हृदय संबंधी गतिविधि की जांच के चलते इस कानून का नाम "हर्टबीट बिल" रखा गया।

पार्टी फॉर सोशलिज्म एंड लिबरेशन (पीएसएल) से जुड़े एक प्रकाशन ब्रेकिंग द चेन्स के अनुसार ये नया कानून सरकार के माध्यम से आपराधिक अदालतों के बजाय नागरिकों द्वारा दायर मुकदमों के माध्यम से नागरिक अदालतों पर कानून लागू करने का बोझ भी डालेगा। ब्रेकिंग द चेन्स ने कहा, "यह राज्य को कानूनी दोष से बचने की अनुमति देता है"।

ये कानून नागरिकों को गर्भपात सेवा प्रदाताओं या कोई ऐसा व्यक्ति के बारे में रिपोर्ट करने को प्रोत्साहित करता है जिसके बारे में माना जाता है कि उसने गर्भपात के लिए मदद की होगी। ऐसे नागरिक को 10,000 अमेरिकी डॉलर का इनाम देने की व्यवस्था है।

America
texas
Texas abortion ban

Related Stories

और फिर अचानक कोई साम्राज्य नहीं बचा था

क्या दुनिया डॉलर की ग़ुलाम है?

यूक्रेन में छिड़े युद्ध और रूस पर लगे प्रतिबंध का मूल्यांकन

पड़ताल दुनिया भर कीः पाक में सत्ता पलट, श्रीलंका में भीषण संकट, अमेरिका और IMF का खेल?

लखनऊ में नागरिक प्रदर्शन: रूस युद्ध रोके और नेटो-अमेरिका अपनी दख़लअंदाज़ी बंद करें

यूक्रेन पर रूस के हमले से जुड़ा अहम घटनाक्रम

यूक्रेन की बर्बादी का कारण रूस नहीं अमेरिका है!

कोविड -19 के टीके का उत्पादन, निर्यात और मुनाफ़ा

अमेरिका और चीन के राष्ट्रपति के बीच वार्ता का दांव और अफ़ग़ानिस्तान के बहाने शांति का दौर

क्या बंदूक़धारी हमारे ग्रह को साँस लेने देंगे


बाकी खबरें

  • Banaras
    न्यूज़क्लिक टीम
    यूपी चुनाव : बनारस में कौन हैं मोदी को चुनौती देने वाले महंत?
    28 Feb 2022
    बनारस के संकटमोचन मंदिर के महंत पंडित विश्वम्भर नाथ मिश्र बीएचयू IIT के सीनियर प्रोफेसर और गंगा निर्मलीकरण के सबसे पुराने योद्धा हैं। प्रो. मिश्र उस मंदिर के महंत हैं जिसकी स्थापना खुद तुलसीदास ने…
  • Abhisar sharma
    न्यूज़क्लिक टीम
    दबंग राजा भैया के खिलाफ FIR ! सपा कार्यकर्ताओं के तेवर सख्त !
    28 Feb 2022
    न्यूज़चक्र के आज के एपिसोड में वरिष्ठ पत्रकार Abhisar Sharma Ukraine में फसे '15,000 भारतीय मेडिकल छात्रों को वापस लाने की सियासत में जुटे प्रधानमंत्री' के विषय पर चर्चा कर रहे है। उसके साथ ही वह…
  • रवि शंकर दुबे
    यूपी वोटिंग पैटर्न: ग्रामीण इलाकों में ज़्यादा और शहरों में कम वोटिंग के क्या हैं मायने?
    28 Feb 2022
    उत्तर प्रदेश में अब तक के वोटिंग प्रतिशत ने राजनीतिक विश्लेषकों को उलझा कर रख दिया है, शहरों में कम तो ग्रामीण इलाकों में अधिक वोटिंग ने पेच फंसा दिया है, जबकि पिछले दो चुनावों का वोटिंग ट्रेंड एक…
  • banaras
    सतीश भारतीय
    यूपी चुनाव: कैसा है बनारस का माहौल?
    28 Feb 2022
    बनारस का रुझान कमल खिलाने की तरफ है या साइकिल की रफ्तार तेज करने की तरफ?
  • एस एन साहू 
    उत्तरप्रदेश में चुनाव पूरब की ओर बढ़ने के साथ भाजपा की मुश्किलें भी बढ़ रही हैं 
    28 Feb 2022
    क्या भाजपा को देर से इस बात का अहसास हो रहा है कि उसे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से कहीं अधिक पिछड़े वर्ग के समर्थन की जरूरत है, जिन्होंने अपनी जातिगत पहचान का दांव खेला था?
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License