NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
अमेरिका
अमेरिकी पेशेवर बास्केटबॉल खिलाड़ियों ने पुलिस हत्याओं को लेकर हड़ताल शुरू की
एनबीए और डब्ल्यूएनबीए के एथलीटों ने घोषणा की कि वे नस्लवाद और पुलिस हत्याओं के ख़िलाफ़ जारी संघर्ष से अलग नहीं होंगे और आगामी खेलों में नहीं खेलेंगे।
पीपल्स डिस्पैच
27 Aug 2020
अमेरिकी पेशेवर बास्केटबॉल

मिल्वौकी बक्स के बास्केटबॉल खिलाड़ियों ने बुधवार 26 अगस्त को ऑरलैंडो मैजिक के ख़िलाफ़ आगामी खेल में न खेलने की घोषणा को लेकर एक भावनात्मक प्रेस कॉन्फ्रेंस किया। उनकी ये घोषणा विस्कॉन्सिन के केनोशा में पुलिस अधिकारियों द्वारा रविवार 29 अगस्त को 29 वर्षीय जैकब ब्लेक को क्रूर तरीक़े से गोली मारने के बाद हुई है। गोली मारने की इस पूरे घटनाक्रम को एक पड़ोसी ने रिकॉर्ड किया था जो इंटरनेट पर वायरल हो गया था।

ब्लेक को गोली मारने की घटना पुलिस हिंसा और नस्लवाद के ख़िलाफ़ राष्ट्रव्यापी आंदोलन के दौरान हुई जो 25 मई को मिनियापोलिस में पुलिस अधिकारियों द्वारा जॉर्ज फ्लॉयड की हत्या के बाद भड़का है। संरचनात्मक परिवर्तन के लिए प्रदर्शनकारियों द्वारा लगातार मांगों के बावजूद फ्लॉयड की हत्या के बाद से अश्वेत लोगों के ख़िलाफ़ पुलिस द्वारा हिंसा बंद नहीं हुई है और जो लोग विरोध करने के लिए सड़कों पर उतरे हैं उन्होंने हिंसा, दमन और क़ानूनी मुक़दमा का सामना किया है।

गत रात अपने बयान में खिलाड़ियों ने कहा: "पिछले चार महीनों ने हमारे अफ्रीकी अमेरिकी समुदायों के सामने चल रहे नस्लीय अन्याय को उजागर किया है... पिछले कुछ दिनों से हमारे गृह राज्य विस्कॉन्सिन में हमने जैकब ब्लेक का भयानक वीडियो देखा है जिन्हें केनोशा में एक पुलिस अधिकारी द्वारा उनके पीठ पर सात बार गोली मारी गई। बदलाव के लिए बड़े पैमाने पर आग्रह के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई है इसलिए हमारा ध्यान आज बास्केटबॉल पर नहीं हो सकता है।”

बक्स की घोषणा के बाद एनबीए ने 26 अगस्त के लिए निर्धारित सभी प्लेऑफ खेलों को निलंबित करने का फैसला किया। इस बीच, अधिक से अधिक खिलाड़ियों ने नस्लवाद के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शनों के समर्थन में और ठोस बदलाव तुरंत करने की मांग की।

लॉस एंजेलिस लेकर्स के बास्केटबॉल लीजेंड लेब्रोन जेम्स ने ट्विटर पर लिखा, “F *** THIS MAN !!!! हम बदलाव की मांग करते हैं। इससे परेशान है।"

डब्ल्यूएनबीए के खिलाड़ियों ने 26 अगस्त को होने वाले खेलों में नहीं खेलने का सामूहिक निर्णय भी लिया और ब्लैक लाइव्स मैटर्स विरोध के समर्थन में और नस्लवाद के ख़िलाफ़ प्रेस को बयान दिए। वाशिंगटन मिस्टिक्स के एरियल एटकिन्स ने ईएसपीएन के रिपोर्टर को बताया, "[लोगों] को यह समझने की आवश्यकता है कि जब हम में से अधिकांश [डब्ल्यूएनबीए खिलाड़ी] घर जाते हैं तब भी हम इस अर्थ में अश्वेत हैं कि हमारे परिवार मायने रखते हैं। हम केवल बास्केटबॉल खिलाड़ी नहीं हैं ... हमें यह समझने की ज़रुरत है कि ये क्षण हमसे बहुत बड़ा है।"

America
basketball players
us basketball players on strike
police killings in US

Related Stories

और फिर अचानक कोई साम्राज्य नहीं बचा था

क्या दुनिया डॉलर की ग़ुलाम है?

यूक्रेन में छिड़े युद्ध और रूस पर लगे प्रतिबंध का मूल्यांकन

पड़ताल दुनिया भर कीः पाक में सत्ता पलट, श्रीलंका में भीषण संकट, अमेरिका और IMF का खेल?

लखनऊ में नागरिक प्रदर्शन: रूस युद्ध रोके और नेटो-अमेरिका अपनी दख़लअंदाज़ी बंद करें

यूक्रेन पर रूस के हमले से जुड़ा अहम घटनाक्रम

यूक्रेन की बर्बादी का कारण रूस नहीं अमेरिका है!

कोविड -19 के टीके का उत्पादन, निर्यात और मुनाफ़ा

अमेरिका और चीन के राष्ट्रपति के बीच वार्ता का दांव और अफ़ग़ानिस्तान के बहाने शांति का दौर

क्या बंदूक़धारी हमारे ग्रह को साँस लेने देंगे


बाकी खबरें

  • एम. के. भद्रकुमार
    भारत को अब क्वाड छोड़ देना चाहिए! 
    15 Mar 2022
    राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) जेक सुलिवन के बयान में अमेरिका के बढ़ते खतरे का भारत की रक्षा क्षमताओं और उसकी राष्ट्रीय सुरक्षा पर महत्त्वपूर्ण असर पड़ेगा। 
  • Kashmir press club
    राज कुमार
    जम्मू-कश्मीर में मीडिया का गला घोंट रही सरकार : प्रेस काउंसिल
    15 Mar 2022
    ग़ौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ़्ती ने सितंबर 2021 में प्रेस काउंसिल ऑफ़ इंडिया को एक पत्र लिखा था और मांग की थी कि काउंसिल एक फ़ैक्ट फ़ाइंडिंग टीम भेजकर जम्मू-कश्मीर में…
  • Jharkhand
    अनिल अंशुमन
    झारखंड: हेमंत सरकार ने आदिवासी समूहों की मानी मांग, केंद्र के ‘ड्रोन सर्वे’ कार्यक्रम पर लगाईं रोक
    15 Mar 2022
    ‘ड्रोन सर्वे’ और ‘ज़मीन की डिजिटल मैपिंग’ कार्यक्रम के खिलाफ आवाज़ उठा रहे सभी आदिवासी संगठनों ने सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है।
  • अजय कुमार
    रूस पर लगे आर्थिक प्रतिबंध का भारत के आम लोगों पर क्या असर पड़ेगा?
    15 Mar 2022
    आर्थिक जानकारों का कहना है कि सरकार चाहे तो कच्चे तेल की वजह से बढ़े हुए ख़र्च का भार ख़ुद सहन कर सकती है।
  • रौनक छाबड़ा
    ईपीएफओ ब्याज दर 4-दशक के सबसे निचले स्तर पर, केंद्रीय ट्रेड यूनियनों ने आम हड़ताल से पहले खोला मोर्चा 
    15 Mar 2022
    ईपीएफओ के केंद्रीय न्यासी बोर्ड ने शनिवार को वित्त वर्ष 2021-22 के लिए अपनी मौजूदा ब्याज दर को 8.5% से घटाकर 8.1% करने की सिफारिश की है। 
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License