NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
अंतरराष्ट्रीय
पाकिस्तान
अब यूरोपियन यूनियन घेरेगा मसूद अज़हर को
इस बार जर्मनी EU में मसूद के खिलाफ प्रस्ताव लाने जा रही है. जर्मनी इस प्रस्ताव को लेकर कई सदस्य देशों के संपर्क में है.
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
20 Mar 2019
MASOOD AJAHAR
image courtesy- daily express

जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में 14 फरवरी को हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने कूटनीतिक तौर पर दुनियाभर में पाकिस्तान को घेरने का काम किया. काफी हद तक भारत अपनी इस रणनीति में सफल रहा, पहले संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में फ्रांस, अमेरिका और ब्रिटेन ने जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर के खिलाफ प्रस्ताव पेश किया लेकिन UNSC में चीन के वीटो पावर के कारण मौलाना मसूद अजहर ग्लोबल आतंकी घोषित होने से रह गया. अब यूरोपियन यूनियन में भी ऐसा ही प्रस्ताव पेश होगा. इस बार जर्मनी EU में मसूद के खिलाफ प्रस्ताव लाने जा रही है. जर्मनी इस प्रस्ताव को लेकर कई सदस्य देशों के संपर्क में है.

जर्मनी का अगर ये प्रस्ताव काम करता है तो यूरोप के करीब 28 देशों में मसूद अजहर के ट्रैवल करने पर बैन लग जाएगा. जर्मनी ने इस प्रस्ताव को अभी सिर्फ पेश किया है, इसी पर किसी तरह के समाधान का प्रस्ताव पास नहीं हुआ है.

जर्मनी के सूत्रों का कहना है कि सभी 28 देश अपनी तरफ से पूरी कोशिश करेंगी की पाकिस्तानी आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करें. जिसे भारत की बड़ी कूटनीतिक जीत के तौर पर देखा जा रहा है.

आपको बता दें कि अभी कुछ दिन पहले ही फ्रांस ने भी जैश-ए-मोहम्मद के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की थी. फ्रांस ने अपने देश में मौजूद जैश पर आर्थिक प्रतिबंध लगाया था और अन्य देशों से भी ऐसा ही करने की अपील की थी.

पुलवामा में हुए आतंकी हमले में भारत के 40 जवान शहीद हुए थे, जिसके बाद भारत ने फ्रांस, अमेरिका और ब्रिटेन के साथ मिलकर जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मौलाना मसूद अजहर के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र में प्रस्ताव पेश किया था. हालांकि, चीन ने एक बार फिर मसूद अजहर को ग्लोबल आतंकी घोषित होने से बचा लिया.

इनपुट- समाचार एजेंसी 

 

MASOOD AZAHAR
PAKISATN TERRORISM
TERRIORISM IN WORLD
European Union
germany (7591
PULWAMA ATTCAK

Related Stories

नवउदारवाद और धुर-दक्षिणपंथ की अजीबोगरीब सांठ-गांठ

अति-दक्षिणपंथ को कौन रोक सकता है?

कार्टून क्लिक : कश्मीर और ईयू सांसदों का दौरा

ईयू के सांसदों का कश्मीर दौरा, बांग्लादेश क्रिकेट खिलाड़ियों की हड़ताल कायम और अन्य

सिर्फ़ कश्मीर ही नहीं, देश का लोकतंत्र ख़तरे में है: ग़ुलाम नबी आज़ाद

वोटबैंक की राजनीति से राष्ट्रीय सुरक्षा पर ख़तरा!


बाकी खबरें

  • rakeh tikait
    लाल बहादुर सिंह
    यूपी चुनाव: किसान-आंदोलन के गढ़ से चली परिवर्तन की पछुआ बयार
    11 Feb 2022
    पहले चरण के मतदान की रपटों से साफ़ है कि साम्प्रदायिक ध्रुवीकरण वोटिंग पैटर्न का निर्धारक तत्व नहीं रहा, बल्कि किसान-आंदोलन और मोदी-योगी का दमन, कुशासन, बेरोजगारी, महंगाई ही गेम-चेंजर रहे।
  • BJP
    वर्षा सिंह
    उत्तराखंड चुनाव: भाजपा के घोषणा पत्र में लव-लैंड जिहाद का मुद्दा तो कांग्रेस में सत्ता से दूर रहने की टीस
    11 Feb 2022
    “बीजेपी के घोषणा पत्र का मुख्य आकर्षण कथित लव जिहाद और लैंड जिहाद है। इसी पर उन्हें वोटों का ध्रुवीकरण करना है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी घोषणा पत्र पर अपनी प्रतिक्रिया में लव-लैड जिहाद को…
  • LIC
    वी. श्रीधर
    LIC आईपीओ: सोने की मुर्गी कौड़ी के भाव लगाना
    11 Feb 2022
    जैसा कि मोदी सरकार एलआईसी के आईपीओ को लांच करने की तैयारी में लगी है, जो कि भारत में निजीकरण की अब तक की सबसे बड़ी कवायद है। ऐसे में आशंका है कि इस बेशक़ीमती संस्थान की कीमत को इसके वास्तविक मूल्य से…
  • china olampic
    चार्ल्स जू
    कैसे चीन पश्चिम के लिए ओलंपिक दैत्य बना
    11 Feb 2022
    ओलंपिक का इतिहास, चीन और वैश्विक दक्षिण के संघर्ष को बताता है। यह संघर्ष अमेरिका और दूसरे साम्राज्यवादी देशों द्वारा उन्हें और उनके तंत्र को वैक्लपिक तंत्र की मान्यता देने के बारे में था। 
  • Uttarakhand
    मुकुंद झा
    उत्तराखंड चुनाव : जंगली जानवरों से मुश्किल में किसान, सरकार से भारी नाराज़गी
    11 Feb 2022
    पूरे राज्य के किसानों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य, मंडी, बढ़ती खेती लागत के साथ ही पहाड़ों में जंगली जानवरों का प्रकोप और लगातार बंजर होती खेती की ज़मीन जैसे तमाम मुद्दे लिए अहम हैं, जिन्हें इस सरकार ने…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License