NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
भगवान की गलती?
महेश कुमार
23 Jan 2015

देश का प्रशासन ऐसे लोगों के हाथ में है जो कुछ भी कह सकते हैं। सत्ता का सुख और सत्ता के तेवर भाजपा के नेताओं के इतने सर चढ़ कर बोलेंगे इसका अंदाजा शायद उस मीडिया को नहीं था जिसने इसके समर्थन में अपने सभी सिद्धांतों को सिरे चढ़ा दिया। और इसका अंदाजा उन लोगों को भी नहीं था जिन लोगों ने तथाकथित विकास के नारे की आड़ में अपना वोट भाजपा को दिया। यह बड़ी ही शर्मनाक बात है कि गोवा के मुख्यमंत्री लक्ष्मीकांत पारसेकर ने विकलांगों को भगवान की गलती बताया है। बयान में उन्होंने कहा कि ऐसे लोग भगवान की लापरवाही होते हैं। विकलांग लोगों के साथ इससे भद्दा कोई मज़ाक नहीं हो सकता कि एक प्रदेश के मुख्यमंत्री इस तरह का बेहूदा बयान भी दे सकते हैं। इस तरह के तौहीन भरे बयान भाजपा और संघ के नेताओं की तरफ से लगातार जारी हैं। ये बातें भोलेपन या बेवकूफी में नहीं कही जा रही हैं। यह हम सब जानते हैं की यह बात बेवकूफी भरी है,लेकिन भाजपा के और संघ के गूढ़ ज्ञान पर यकीन किया जाए तो ये साहब अपनी विचारधारा के आधार पर सही फरमा रहे थे।

                                                                                                                                         

क्योंकि ऐसी ताकतों का मानना है कि समाज में जो भी खराब है वह भगवान की देन है फिर चाहे वह विकलांग हो, गरीब हो, या फिर जातीय आधार पर शोषित तबका हो। और इनके धार्मिक गुरु और इनके द्वारा समर्थित ब्राह्मणवादी जातीय व्यवस्था सदियों से इन विचारों का प्रचार प्रसार करती आई हैं। वे हमेशा गरीब और दलितों को ये बताते आये हैं कि ईश्वर ने ही आपको बनाया है और उन्ही की बनायी व्यवस्था में हम सब रह रहे हैं। यानी शोषण पर आधारित बनायी व्यवस्था ईश्वर ने बनायी है तो इस पर किसी को ऐतराज़ करने का हक नहीं है। ये सब तो भगवान की लापरवाही या उनके आदेश से बनी हैं, इसलिए इनको सुधारना इनके आपे की बात नहीं है।

इस तरह के विचार से ये ताकतें सत्ता में रहने के बावजूद जनता में आपसी भाईचारे और सामान समाज की समझ को अग्रसर नहीं होने देती हैं। इनके विचारक समाज में बराबरी की बात न कर समाज में व्याप्त भेदभाव को ज्यादा बढाने की बात करते हैं। बत्रानामा यानी शिक्षा के भगवाकरण के अभियान के महानायक भी इसी एजेंडे को आगे बढ़ा रहे हैं; जनता को गुमराह करने के लिए उनके ये तर्क कि हजारों साल पहले सर्जरी से कटा सर जोड़ दिया जाता था, वैदिक काल में शल्य चिकित्सा होती थी, परमाणु तकनीक महाभारत के समय मौजूद थी, प्रमेय का अविष्कार भारत ने किया था, देश में रहने सभी लोग हिन्दू है आदि।ये सब विचार संघ की विचारधारा को आगे बढाने के एजेंडे का हिस्सा है। सता और संघ की राजनीती का घालमेल बड़े पैमाने पर हो रहा है।

आम आदमी अपनी परेशानियों के विरुद्ध कहीं आंदोलित न हो जाए इसलिए पूरे समाज में इस तरह की भ्रामक विचारों को फैलाने की कोशिश की जा रही है। इसलिए इसके लिए अगर भगवान् को भी लपेटना पड़े तो इसमें किसी को कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए। अब हमारे देश में प्रचार माध्यमों का ताना-बाना बदल रहा है। बड़े-बड़े कॉर्पोरेट घराने मीडिया को अपना गुलाम बना रहे हैं। हाल ही में अम्बानी के एक चैनल ने पंकज श्रीवास्तव नाम के पत्रकार को इसलिए निकाल दिया क्योंकि वे दिल्ली में भाजपा के समर्थन में  झूठे आंकड़े दिखा रहे थे और विपक्षी पार्टी ‘आप’ को पूरी तरह नज़रन्दाज़ कर रहे थे जबकि ज्यादातर सर्वेक्षण में ‘आप’ स्थिति मज़बूत बतायी जा रही है। इससे कोई भी अन्दाज़ लगा सकता है कि बयार किस ओर बह रही है।

 

डिस्क्लेमर:- उपर्युक्त लेख मे व्यक्त किए गए विचार लेखक के व्यक्तिगत हैं, और आवश्यक तौर पर न्यूज़क्लिक के विचारो को नहीं दर्शाते ।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

आप
पंकज श्रीवास्तव
अम्बानी
महाभारत
परमाणु तकनीक
शल्य चिकित्सा
वैदिक काल
शिक्षा के भगवाकरण
बत्रानामा
जातीय व्यवस्था
ब्राह्मणवादी
संघ
भाजपा
मुख्यमंत्री लक्ष्मीकांत पारसेकर
गोवा

Related Stories

#श्रमिकहड़ताल : शौक नहीं मज़बूरी है..

अपने ही पैसे के लिए तरस रहे हैं दिल्ली जल बोर्ड के कर्मचारी, 15 को हल्ला बोल

आपकी चुप्पी बता रहा है कि आपके लिए राष्ट्र का मतलब जमीन का टुकड़ा है

अबकी बार, मॉबलिंचिग की सरकार; कितनी जाँच की दरकार!

आरक्षण खात्मे का षड्यंत्र: दलित-ओबीसी पर बड़ा प्रहार

झारखंड बंद: भूमि अधिग्रहण बिल में संशोधन के खिलाफ विपक्ष का संयुक्त विरोध

झारखण्ड भूमि अधिग्रहण संशोधन बिल, 2017: आदिवासी विरोधी भाजपा सरकार

यूपी: योगी सरकार में कई बीजेपी नेताओं पर भ्रष्टाचार के आरोप

मोदी के एक आदर्श गाँव की कहानी

क्या भाजपा शासित असम में भारतीय नागरिकों से छीनी जा रही है उनकी नागरिकता?


बाकी खबरें

  • अजय कुमार
    शहरों की बसावट पर सोचेंगे तो बुल्डोज़र सरकार की लोककल्याण विरोधी मंशा पर चलाने का मन करेगा!
    25 Apr 2022
    दिल्ली में 1797 अवैध कॉलोनियां हैं। इसमें सैनिक फार्म, छतरपुर, वसंत कुंज, सैदुलाजब जैसे 69 ऐसे इलाके भी हैं, जो अवैध हैं, जहां अच्छी खासी रसूखदार और अमीर लोगों की आबादी रहती है। क्या सरकार इन पर…
  • रश्मि सहगल
    RTI क़ानून, हिंदू-राष्ट्र और मनरेगा पर क्या कहती हैं अरुणा रॉय? 
    25 Apr 2022
    “मौजूदा सरकार संसद के ज़रिये ज़बरदस्त संशोधन करते हुए RTI क़ानून पर सीधा हमला करने में सफल रही है। इससे यह क़ानून कमज़ोर हुआ है।”
  • मुकुंद झा
    जहांगीरपुरी: दोनों समुदायों ने निकाली तिरंगा यात्रा, दिया शांति और सौहार्द का संदेश!
    25 Apr 2022
    “आज हम यही विश्वास पुनः दिलाने निकले हैं कि हम फिर से ईद और नवरात्रे, दीवाली, होली और मोहर्रम एक साथ मनाएंगे।"
  • रवि शंकर दुबे
    कांग्रेस और प्रशांत किशोर... क्या सोचते हैं राजनीति के जानकार?
    25 Apr 2022
    कांग्रेस को उसकी पुरानी पहचान दिलाने के लिए प्रशांत किशोर को पार्टी में कोई पद दिया जा सकता है। इसको लेकर एक्सपर्ट्स क्या सोचते हैं।
  • विजय विनीत
    ब्लैक राइस की खेती से तबाह चंदौली के किसानों के ज़ख़्म पर बार-बार क्यों नमक छिड़क रहे मोदी?
    25 Apr 2022
    "चंदौली के किसान डबल इंजन की सरकार के "वोकल फॉर लोकल" के नारे में फंसकर बर्बाद हो गए। अब तो यही लगता है कि हमारे पीएम सिर्फ झूठ बोलते हैं। हम बर्बाद हो चुके हैं और वो दुनिया भर में हमारी खुशहाली का…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License