NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
‘दि क्विंट’ पर छापा क्या डराने की कार्रवाई है?
“हम पूरी तरह से टैक्स संबंधी शिकायतों का जवाब देने वाली संस्था हैं..., हालांकि कोई भी दूसरा मेल/दस्तावेज़ देखने या उठाने की कोशिश न करें जिसमें गंभीर और संवेदनशील पत्रकारिता से जुड़ी सामग्री के होने की संभावना है।”- राघव बहल
न्यूजक्लिक रिपोर्ट
11 Oct 2018
दि क्विंट

समाचार पोर्टल “दि क्विंट” के दफ्तर और उसके मालिक राघव बहल के घर पर इनकम टैक्स का छापा पड़ा है। इसकी जानकारी खुद राघव बहल ने दी है। उन्होंने एडिटर्स गिल्ड को लिखे गए एक ट्वीट में इसको विस्तार से बताया है, साथ ही मीडिया घराने पर पड़े इस छापे में हस्तक्षेप की अपील भी की है।

अपने ट्वीट में राघव बहल ने कहा है कि “मेरे पास गिल्ड के साथ साझा करने के लिए एक बेहद गंभीर मामला है। आज सुबह जब मैं मुंबई में था उसी समय एक ‘सर्वे’ के लिए आईटी के अधिकारी मेरे निवास और “दि क्विंट” के दफ्तर में पहुंचे। हम पूरी तरह से टैक्स संबंधी शिकायतों का जवाब देने वाली संस्था हैं और सभी तरह के उचित दस्तावेजों तक हर तरह की पहुंच मुहैया कराई जाएगी। हालांकि, मैंने परिसर में पहुंचे अधिकारियों में से एक श्री यादव से बात की है। और उनसे पूरी मजबूती के साथ निवेदन किया है कि कोई भी दूसरा मेल/दस्तावेज देखने या उठाने की कोशिश न करें जिसमें गंभीर और संवेदनशील पत्रकारिता से जुड़ी सामग्री के होने की संभावना है। अगर वो ऐसा करते हैं तो हम उसके खिलाफ अत्यधिक कठोर कार्रवाई करने के लिए बाध्य होंगे।

मैं आशा करता हूं कि एडिटर्स गिल्ड इस पर हमें कोई जवाब देगा। और एक ऐसा उदाहरण स्थापित करेगा जिससे भविष्य में इस तरह से किसी पत्रकारिता संस्थान के साथ घटित न हो। उन्हें अपने स्मार्ट फोन को उन सामग्रियों की गैरआधिकारिक कापी नहीं लेनी चाहिए। मैं अब दिल्ली की ओर लौट रहा हूं।”

My note to the @IndEditorsGuild. pic.twitter.com/l1Gwmf1dDl

— Raghav Bahl (@Raghav_Bahl) October 11, 2018

इस मामले की तीखी प्रतिक्रिया हुई है। दि प्रिंट के संस्थापक संपादक शेखर गुप्ता ने इस पर गंभीर चिंता जाहिर की है। उन्होंने सीधे-सीधे सरकार से इसका जवाब मांगा है। उनका कहना है कि अगर सरकार जवाब नहीं देती है तो इसका मतलब है कि वो मीडिया को अपना निशाना बना रही है।

I.T raids on @TheQuint offices and its founder @Raghav_Bahl home are cause for serious concern. Taxman has the right to ask all questions, but raids look like intimidation. If there is justification, govt must explain quickly. Or it will be seen as targeting critical media.

— Shekhar Gupta (@ShekharGupta) October 11, 2018

अन्य कई वरिष्ठ पत्रकारों और कुछ राजनीतिक नेताओं ने भी इस कार्रवाई का विरोध करते हुए इसपर कड़ी प्रतिक्रिया दी है।

वरिष्ठ पत्रकार और एंकर रवीश कुमार ने भी अपने फेसबुक पेज पर लिखा है कि “अकबर की ख़बर को भटकाने के लिए रास्ता खोजा जा रहा है। पुराना तरीका रहा है कि आयकर विभाग से छापे डलवा दो। ताकि गोदी मीडिया को वैधानिक( legitimate) ख़बर मिल जाए। लगे कि छापा तो पड़ा है और हम इसे कवर कर रहे हैं। ख़बरों को मैनेज करने वालों को कुछ सूझ नहीं रहा है। इसलिए हिन्दी अख़बारों को अकबर की ख़बर से रोक दिया गया है। दूसरी तरफ आयकर के छापे डलवा कर दूसरी खबरों को बड़ा और प्रमुख बनने का अवसर बनाया जा रहा है। हाल के दिनों में quint वेबसाइट ने सरकार की आर्थिक नीतियों को लेकर आलोचनात्मक रिपोर्टिंग की है। अब इसके मालिक राघव बहल के यहां छापे की ख़बर आ रही है। इस तरह से मीडिया में सनसनी पैदा किया जा रहा है। विपक्ष के नेताओं के यहां छापे पड़ेंगे।”

the quint
income tax raids
ragav bahl
BJP government

Related Stories

यूपी चुनाव: नतीजों के पहले EVM को लेकर बनारस में बवाल, लोगों को 'लोकतंत्र के अपहरण' का डर

यूपी चुनाव: योगी आदित्यनाथ बार-बार  क्यों कर रहे हैं 'डबल इंजन की सरकार' के वाक्यांश का इस्तेमाल?

केंद्रीय बजट: SDG लक्ष्यों में पिछड़ने के बावजूद वंचित समुदायों के लिए आवंटन में कोई वृद्धि नहीं

पूंजीवाद के अंतर्गत वित्तीय बाज़ारों के लिए बैंक का निजीकरण हितकर नहीं

एमपी में एससी/एसटी के ख़िलाफ़ अत्याचार के 37,000 से अधिक मामले लंबित, दोष-सिद्धि की दर केवल 36 फ़ीसदी

कैसे भाजपा की डबल इंजन सरकार में बार-बार छले गए नौजवान!

गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने से आख़िर बदलेगा क्या?

गाय और जस्टिस शेखर: आख़िर गाय से ही प्रेम क्यों!

अदालत: सीबीआई को आज़ाद करो भाजपा सरकार !

सड़क संसद में किसान, भास्कर पर इनकम टैक्स छापे


बाकी खबरें

  • शिरीष खरे
    कोरोना लॉकडाउन के दो वर्ष, बिहार के प्रवासी मज़दूरों के बच्चे और उम्मीदों के स्कूल
    16 Apr 2022
    सरकारी स्कूलों में खास तौर से गरीब परिवारों के बच्चे बड़ी तादाद में आ रहे हैं। इनमें से कई बच्चे प्रवासी मजदूर परिवारों से हैं।
  • न्यायमूर्ति के चंद्रू
    जय भीम: माई जजमेंट इन द लाइट ऑफ़ अंबेडकर
    16 Apr 2022
    2 नवंबर, 2021 को दुनिया भर में विकिपीडिया में जिन शब्दों को सर्च किया गया था, उनमें सबसे लोकप्रिय शब्द जय भीम था।
  • मुकुंद झा
    दिल्ली पुलिस का ये कहना कि धर्म संसद में हेट स्पीच नहीं हुई, दुर्भाग्यपूर्ण है: पूर्व आईपीएस अधिकारी
    16 Apr 2022
    पूर्व आईपीएस अधिकारी विभूति नारायण राय ने न्यूज़क्लिक से बातचीत में दिल्ली पुलिस के रवैये पर नाराज़गी ज़ाहिर करते हुए इसे काफी दुर्भाग्यपूर्ण बताया और कहा कि पुलिस नफ़रती भाषण देने वालों पर कार्रवाई नहीं…
  • विजय विनीत
    प्रयागराज: घर में सोते समय माता-पिता के साथ तीन बेटियों की निर्मम हत्या!
    16 Apr 2022
    घटनास्थल को देखकर लग रहा था कि मरने से पहले सभी ने हमलावरों का प्रतिरोध किया था। चारों के शवों पर कपड़े अस्त-व्यस्त हो गए थे। इस वारदात को खुदकुशी का एंगल भी देने की कोशिश की गई है।
  • पी.रमन
    कैसे चुनावी निरंकुश शासकों के वैश्विक समूह का हिस्सा बन गए हैं मोदी और भाजपा
    16 Apr 2022
    मोदी और भाजपा को बड़े पैमाने पर कॉरपोरेट फंडिंग, बड़े बजट के सोशल मीडिया और ग्राउंड नेटवर्क और अंततः हिंदी समाचार चैनल के कट्टर एंकरों और मालिकों का समर्थन हासिल हो चुका है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License