NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
शिक्षा
भारत
राजनीति
इलाहाबाद विवि: छात्रसंघ बचाने के लिए 50 दिन से आंदोलन, 7 दिन से आमरण अनशन, फिर भी सुनवाई नहीं
इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छात्र 50 से ज्यादा दिनों से आंदोलनरत हैं और पिछले 7 दिन से छात्रसंघ बहाली की मांग के साथ आमरण अनशन पर बैठे हैं। अनशन पर बैठे निवर्तमान छात्रसंघ महामंत्री शिवम सिंह समेत दूसरे छात्र नेताओं की तबीयत भी बिगड़ गई है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
28 Sep 2019
hunger strike

इलाहाबाद विश्वविद्यालय में छात्रसंघ बहाली की मांग पर निवर्तमान पदाधिकारियों के साथ छात्र अड़े हुए हैं। ये छात्र 50 से ज्यादा दिनों से आंदोलनरत हैं और पिछले 7 दिन से आमरण अनशन पर बैठे हैं।

आपको बता दें कि छात्रसंघ बचाने के लिए नौ छात्र नेताओं ने आमरण अनशन शुरू किया था। अनशन के तीसरे दिन दो छात्र नेताओं की तबीयत खराब हो गई थी और दोनों का अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

शुक्रवार सुबह को निवर्तमान छात्रसंघ महामंत्री शिवम सिंह को अचानक बेचैनी होने लगी और तबीयत तेजी से बिगड़ने लगी। मौके पर पहुंची चिकित्सकों की टीम उन्हें पुलिस बल की देखरेख में बेली अस्पताल ले गई।

वहीं, छात्रसंघ अध्यक्ष उदय प्रकाश यादव, उपाध्यक्ष अखिलेश यादव और पूर्व अध्यक्ष अवनीश यादव समेत अनशन पर बैठे अन्य छात्रों को भी ब्लडप्रेशर की दिक्कत शुरू हो गई है।
IMG-20190928-WA0005 (1).jpg
छात्रों की तबीयत बिगड़ने से इविवि परिसर में तनाव लगातार बढ़ रहा है। चीफ प्रॉक्टर प्रो. रामसेवक दुबे और डीएसडब्ल्यू प्रो. हर्ष कुमार की ओर से छात्रसंघ अध्यक्ष उदय प्रकाश यादव को पत्र लिखकर आमरण अनशन समाप्त करने के लिए फिर अपील की गई है।

हालांकि छात्र कुलपति से मिलना चाहते हैं लेकिन अभी तक उन्हें मिलने का वक्त नहीं दिया गया है।

अमर उजाला की एक रिपोर्ट के मुताबिक, कुलपति से छात्रों के पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने मिलने के लिए समय मांगा था लेकिन अब तक समय नहीं मिला। संयुक्त संघर्ष समिति के मुख्य संयोजक अतेंद्र सिंह को डीएसडब्ल्यू प्रो. हर्ष कुमार और डॉ. राकेश सिंह ने पत्र लिखकर बताया है कि चीफ प्रॉक्टर छुट्टी पर गए हैं। वह शनिवार शाम तक वापस आएंगे और कुलपति को आपकी भावनाओं से अवगत कराएंगे। छात्रों का कहना है कि कुलपति उनसे मिलना ही नहीं चाहते और इविवि प्रशासन अब बहानेबाजी पर उतर आया है।

न्यूज़क्लिक की बातचीत में छात्रसंघ महामंत्री शिवम सिंह कहते हैं, 'छात्रसंघ बहाली की मांग को लेकर हमारा आंदोलन जारी रहेगा। शनिवार से पांच दूसरे छात्र नेता आमरण अनशन पर बैठेंगे। तय किया गया कि दो अक्टूबर को गांधी जयंती पर बालसन चौराहे पर बापू की प्रतिमा पर माल्यार्पण करके छात्रसंघ भवन के सामने स्थित शहीद लाल पद्मधर की प्रतिमा तक रैली निकाली जाएगी। मांगें पूरी न होने पर अगले चरण में मानव संसाधन विकास मंत्रालय के सामने अनिश्चितकालीन धरना दिया जाएगा।'

आपको बता दें कि कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय में छात्रसंघ की बहाली की मांग को लेकर छात्रों के आंदोलन की पृष्ठभूमि में भाजपा सरकार पर निशाना साधा है।
IMG-20190928-WA0003.jpg
उन्होंने एक एक खबर शेयर करते हुए ट्वीट किया, ‘इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छात्र 50 दिनों से आंदोलनरत हैं और पिछले 6 दिन से छात्रसंघ बहाली की मांग के साथ आमरण अनशन पर बैठे हैं। उनकी मांगे अनसुनी हैं और उनका दमन किया जा रहा है।’ प्रियंका ने ट्वीट किया, ‘भाजपा सरकार विद्यार्थियों से छात्रसंघ छीनने के लिए इतनी आतुर क्यों है?’

बारिश में भी डटे हुए हैं छात्र, पूर्व नेता भी समर्थन में

प्रयागराज में हो रही भारी बारिश के बीच भी छात्रसंघ बहाली की मांग को लेकर छात्र नेताओं का प्रदर्शन जारी है। आंदोलन करने वाले छात्रों का कहना है कि यदि छात्रसंघ का हिंसा से संबंध होता तो वह 48 दिनों का शांतिपूर्ण धरना और अनशन पर न रहता। आपको बता दें कि इलाहाबाद विश्वविद्यालय छात्रसंघ का बेहद गौरवशाली इतिहास रहा है। लेकिन अभी विश्वविद्यालय प्रशासन की दलील है कि छात्रसंघ की वजह से कैंपस में आए दिन अराजकता का माहौल रहता था इसलिए इसे खत्म किया जा रहा है।

विश्वविद्यालय की कार्यपरिषद की बैठक में छात्र संघ की जगह छात्र परिषद का मॉडल लागू किए जाने पर अंतिम मुहर लग गई है। हालांकि इसके बाद से ही छात्र नेता आंदोलनरत हैं।

छात्रसंघ आंदोलन का समर्थन कर रहे पूर्व छात्र नेता रमेश यादव कहते हैं, 'विश्वविद्यालय में छात्र संघ के साथ प्रशासन जो कर रहा है वह एक काला अध्याय है। जब भी इतिहास लिखा जाएगा तो इस बात की चर्चा होगी कि केंद्र की भारी बहुमत के साथ सत्ता में आई मोदी सरकार ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय में छात्र संघ की पुरानी परंपरा को खत्म करने का काम किया।'

आपको बता दें कि छात्रसंघ प्रत्यक्ष चुनाव प्रणाली है जिसमें छात्र अपने मत का इस्तेमाल कर सीधे अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और महामंत्री आदि का चुनाव करते हैं, जबकि छात्र परिषद अप्रत्यक्ष चुनाव प्रणाली है। इसमें पहले कक्षावार प्रतिनिधि चुने जाते हैं और यही प्रतिनिधि पदाधिकारियों का चुनाव करते हैं।

ALLAHABAD
Allahabad University: Students' Union
Student Protests
heavy rains
yogi sarkar
BJP
hunger strike

Related Stories

मूसेवाला की हत्या को लेकर ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन, कांग्रेस ने इसे ‘राजनीतिक हत्या’ बताया

बिहार : नीतीश सरकार के ‘बुलडोज़र राज’ के खिलाफ गरीबों ने खोला मोर्चा!   

आशा कार्यकर्ताओं को मिला 'ग्लोबल हेल्थ लीडर्स अवार्ड’  लेकिन उचित वेतन कब मिलेगा?

दिल्ली : पांच महीने से वेतन व पेंशन न मिलने से आर्थिक तंगी से जूझ रहे शिक्षकों ने किया प्रदर्शन

आईपीओ लॉन्च के विरोध में एलआईसी कर्मचारियों ने की हड़ताल

जहाँगीरपुरी हिंसा : "हिंदुस्तान के भाईचारे पर बुलडोज़र" के ख़िलाफ़ वाम दलों का प्रदर्शन

दिल्ली: सांप्रदायिक और बुलडोजर राजनीति के ख़िलाफ़ वाम दलों का प्रदर्शन

आंगनवाड़ी महिलाकर्मियों ने क्यों कर रखा है आप और भाजपा की "नाक में दम”?

NEP भारत में सार्वजनिक शिक्षा को नष्ट करने के लिए भाजपा का बुलडोजर: वृंदा करात

नौजवान आत्मघात नहीं, रोज़गार और लोकतंत्र के लिए संयुक्त संघर्ष के रास्ते पर आगे बढ़ें


बाकी खबरें

  • bihar
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    बिहार में नवजात शिशुओं के लिए ख़तरनाक हुआ मां का दूध, शोध में पाया गया आर्सेनिक
    27 Feb 2022
    “बिहार के जिन 6 जिलों में मां के दूध में आर्सेनिक की मात्रा काफ़ी अधिक पाई गई है वहां की महिलाओं को इसके लिए अपने दूध की जांच कराना बहुत ज़रूरी है ताकि उनके बच्चे स्वस्थ और सुरक्षित रह सकें।”
  • inter faith
    काशिफ काकवी
    अंतर-धार्मिक विवाह: एक उच्च न्यायालय, दो एक जैसे मामले, लेकिन फ़ैसले अलग-अलग!
    27 Feb 2022
    एक मामले में जहाँ मध्य प्रदेश की अदालत पूरी तरह से एक अंतर-धार्मिक जोड़े के बचाव में आ गई, लेकिन इसी प्रकार के दूसरे मामले में, पूरा केस लड़की की भलाई पर एक पखवाड़े की रिपोर्ट के वास्ते लंबित है।
  • hafte ki baat
    न्यूज़क्लिक टीम
    यूपी में कौन आगे, कौन पीछे और यूक्रेन पर रूसी हमले का सच
    26 Feb 2022
    यूपी में मतदान के पांचवे चरण से ऐन पहले बडा सवाल है: चुनावी जंग में कौन आगे है और कौन पीछे? क्या होगा नतीजा? #HafteKiBaat के नये एपिसोड में यूक्रेन पर रूसी हमले का सच बता रहे हैं वरिष्ठ पत्रकार…
  • delhi violence
    मुकुंद झा
    दिल्ली दंगों के दो साल: इंसाफ़ के लिए भटकते पीड़ित, तारीख़ पर मिलती तारीख़
    26 Feb 2022
    जिनके घर के कमाने वाले इस दंगे में मारे गए वो आज भी अपने लिए इंसाफ ढूंढ रहे हैं। इसी के लिए आज यानी 26 फरवरी 2022 को दंगा पीड़ितों, नागरिक समाज के लोगों, सीपीआई(एम) की दिल्ली कमेटी के आह्वान पर बहुत…
  • ukraine
    एपी/भाषा
    रूस-यूक्रेन अपडेट: कीव में सड़कों पर घमासान,लोगों से शरण लेने की अपील
    26 Feb 2022
    रूसी सैनिकों ने शनिवार तड़के यूक्रेन की राजधानी कीव में प्रवेश किया और सड़कों पर घमासान शुरू हो गया है, जबकि स्थानीय अधिकारियों ने लोगों से छुप जाने की अपील की है। इस बीच यूक्रेन के राष्ट्रपति…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License