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अमेरिका
अमेरिकी जनजातीय समाज तांबे की खदान के लिए ट्रम्प की मंजूरी को लेकर चिंतित
अमेरिकी प्रांत एरिज़ोना में जनजातीय नेताओं ने हाल ही में पाया कि महत्वपूर्ण पर्यावरणीय समीक्षा की समय सीमा को दिसंबर 2020 तक बढ़ा दिया गया है।
पीपल्स डिस्पैच
09 Dec 2020
अमेरिकी जनजातीय समाज

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की निवर्तमान अमेरिकी सरकार खनन वाले विवादास्पद भूमि सौदे को जल्द मंजूरी देने जा रही है। एरिज़ोना प्रांत के आदिवासी नेताओं ने आरोप लगाया है कि ट्रम्प प्रशासन ओक फ़्लैट लैंड में लगभग 10 वर्ग किलोमीटर या 2,400 एकड़ भूमि को पृथक करने के लिए पर्यावरणीय स्वीकृति देने की योजना बना रहा है जो टोंटो नेशनल फॉरेस्ट के अधीन आता है।

इस भूखंड को ऑस्ट्रेलियन माइनिंग कॉर्पोरेशन रियो टिंटो और बीएचपी समूह के संयुक्त उद्यम रिज़ॉल्यूशन कॉपर द्वारा संचालित एक तांबे की खान के लिए अदला-बदली की जा सकती है। रियो टिंटो इस साल की शुरुआत में ऑस्ट्रेलिया में खनन विस्तार के लिए 46,000 साल पुराने आदिवासी स्थल को नष्ट करने के एक बड़े विवाद में शामिल था।

सरकार और रियो टिंटो द्वारा खदान के लिए तेजी से आगे बढ़ाने की मंजूरी के आरोपों से इनकार करने के बावजूद सरकारी दस्तावेज कुछ और ही बता रहे हैं। सितंबर महीने में सैन कार्लोस अपाचे जनजाति के नेताओं को बताया गया था कि इस साइट के लिए अंतिम पर्यावरणीय प्रभाव सर्वेक्षण की तारीख को दिसंबर 2020 तक आगे बढ़ा दिया गया था।

जनजातीय कार्यकर्ताओं और पर्यावरण समूहों ने लगातार इस भूखंड को लेकर इस उद्यम के खिलाफ लड़ाई लड़ी है। यदि अंतिम ईआईएस रिपोर्ट इस साल के अंत तक पूरी हो जाती है तो यह ट्रम्प प्रशासन को खदान को मंजूरी देने के लिए हरी झंडी दे देगा।

प्रस्तावित खदान के खिलाफ आंदोलन का समन्वय करने वाले समूह अपाचे स्ट्रॉन्गहोल्ड द्वारा कॉल ऑफ एक्शन में कहा गया है, "अगर ट्रम्प के कार्यालय छोड़ने से पहले पर्यावरण की समीक्षा पूरी हो जाती है तो ये जनजाति खदान को रोकने में असमर्थ हो सकते हैं।"

जनवरी के मध्य में अपना कार्यकाल पूरा करने वाला ट्रम्प प्रशासन ओक फ्लैट में तांबे की खानों को खोलने के लिए जोर दे रहा है। बड़े पैमाने पर स्थानीय भूमि और पवित्र स्थलों के 7,000 एकड़ भूमि के अधीन आने वाले इस तांबे के भंडार का 1995 में अयस्कों की खोज के बाद से खनन निगमों द्वारा मांग की जाती रही है।

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