NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
असम के मंत्री ने पत्रकार को ‘गायब’ करने की धमकी दी, कांग्रेस ने उम्मीदवारी रद्द करने की मांग की
पुलिस के अनुसार एक पत्रकार ने मोरीगांव जिले के जगीरोड थाने में प्रदेश के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री पीयूष हजारिका के खिलाफ शिकायत दर्ज करायी है लेकिन अब तक प्राथमिकी दर्ज नहीं की गयी है।
भाषा
02 Apr 2021
पीयूष हजारिका
Image courtesy : Hindustan

गुवाहाटी/मोरीगांव: असम सरकार के एक मंत्री ने अलग अलग समाचार चैनलों के दो पत्रकारों को ‘‘गायब’’ करने की कथित तौर पर धमकी दी है जिन्होंने मंत्री की पत्नी के विवादास्पद चुनावी भाषण की रिपोर्टिंग की थी। इसके तुरंत बाद कांग्रेस ने मांग की कि विधानसभा चुनाव के लिये उनकी उम्मीदवारी रद्द की जाए।

पुलिस के अनुसार उनमें से एक पत्रकार ने मोरीगांव जिले के जगीरोड थाने में प्रदेश के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री पीयूष हजारिका के खिलाफ शिकायत दर्ज करायी है लेकिन अब तक प्राथमिकी दर्ज नहीं की गयी है।

असमी समाचार चैनल प्रतिदिन टाइम ने एक ऑडियो क्लिप प्रसारित किया था, जिसमें हजारिका को पत्रकार नजरूल इस्लाम से बातचीत करते सुना जा सकता है। इस बातचीत के दौरान मंत्री ने नजरूल और एक अन्य पत्रकार तुलसी को उनके घरों से घसीट कर बाहर निकालने और ‘‘गायब ’’ करने की धमकी दी।

भाजपा उम्मीदवार ने फोन पर बातचीत में कहा कि वह दुखी हैं क्योकि उन लोगों ने उनकी पत्नी एमी बरूआ के विवादास्पद बयान की रिपोर्टिंग की, जो उन्होंने एक चुनावी सभा के दौरान दिया था। यह बातचीत अब वायरल हो रही है।

इस संबंध में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष रिपुन बोरा ने राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को एक ज्ञापन दिया और मंत्री की उम्मीदवारी रद्द करने तथा उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने की मांग की।

Piyush Hazarika
Assam
journalist
Press freedom

Related Stories

असम में बाढ़ का कहर जारी, नियति बनती आपदा की क्या है वजह?

धनकुबेरों के हाथों में अख़बार और टीवी चैनल, वैकल्पिक मीडिया का गला घोंटती सरकार! 

दिल्ली : फ़िलिस्तीनी पत्रकार शिरीन की हत्या के ख़िलाफ़ ऑल इंडिया पीस एंड सॉलिडेरिटी ऑर्गेनाइज़ेशन का प्रदर्शन

असम : विरोध के बीच हवाई अड्डे के निर्माण के लिए 3 मिलियन चाय के पौधे उखाड़ने का काम शुरू

भारत को मध्ययुग में ले जाने का राष्ट्रीय अभियान चल रहा है!

भारत में ‘वेंटिलेटर पर रखी प्रेस स्वतंत्रता’, क्या कहते हैं वैकल्पिक मीडिया के पत्रकार?

प्रेस स्वतंत्रता पर अंकुश को लेकर पश्चिम में भारत की छवि बिगड़ी

Press Freedom Index में 150वें नंबर पर भारत,अब तक का सबसे निचला स्तर

प्रेस फ्रीडम सूचकांक में भारत 150वे स्थान पर क्यों पहुंचा

नागरिकों से बदले पर उतारू सरकार, बलिया-पत्रकार एकता दिखाती राह


बाकी खबरें

  • सोनिया यादव
    यूपी: दाग़ी उम्मीदवारों को लेकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी, लेकिन सच्चाई क्या है?
    19 Jan 2022
    सत्ताधारी बीजेपी खुद को जहां सबसे ज्यादा स्वच्छ और ईमानदार छवि वाली पार्टी तो वहीं विरोधियों को गुंडाराज वाली पार्टी बता रही है। हालांकि अगर आंकड़ों पर नज़र डालें तो इनके दावों से उलट 'हम्माम में सब…
  • Cows
    गौरव गुलमोहर
    यूपी गौशाला पड़ताल: तेज़ ठंड और भूख से तड़प-तड़प कर मर रही हैं गाय
    19 Jan 2022
    झाँसी की घुघुआ गौशाला में पिछले 10 दिन में लगभग 20 से अधिक गायें भूख और ठंड से मर चुकी हैं। रोज 2 से 3 गायें मर रही हैं। ज़िंदा गायों की हालत भी कुछ अच्छी नहीं है।
  • BIHAR IN UP
    रवि शंकर दुबे
    यूपी चुनाव: सियासत की पटरी पर आमने-सामने खड़ा हो गया बिहार का डबल इंजन!
    19 Jan 2022
    बिहार के राजनीतिक दिग्गज अब यूपी में दम दिखाने के लिए तैयार हैं, एक ओर जहां जेडीयू ने बीजेपी से अलग बगावती तेवर अपना लिए हैं, वहीं मुकेश साहनी और चिराग पासवान ने भी ताल ठोक दी है।
  • women
    श्रुति एमडी
    तमिलनाडु: महिलाओं के लिए बनाई जा रही नीति पर चर्चा नाकाफ़ी
    19 Jan 2022
    मसौदा नीति में बढ़ते लिंगानुपात को संबोधित किये जाने की आवश्यकता सहित घरेलू कार्यों में लैंगिक विषमता को अनुमानित करने के लिए एक सर्वेक्षण करने, एकल महिला मुखिया एवं वंचित परिवारों के लिए सामाजिक…
  • mayawati
    कृष्ण सिंह
    बसपा के बहुजन आंदोलन के हाशिये पर पहुंचने के मायने?
    19 Jan 2022
    जिस बहुजन आंदोलन और उसकी राजनीति का कांशीराम ने सपना देखा और उसे हक़ीक़त में बदला था, वह आज गहरी निराशा और बिखराव के रास्ते पर है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License