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संकट की घड़ी में ऑनलाइन व्यापार करने वाली कई कंपनियों ने अपने हाथ खड़े किए
वॉलमार्ट के स्वामित्व वाले फ्लिपकार्ट ने बुधवार को कहा कि वह भारत में अस्थायी रूप से अपने परिचालन को बंद कर रहा है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
25 Mar 2020
Flipkart
Image Courtesy: NDTV

दिल्ली: अभी तक कोई भी सामान खरीदने के लिए ऑनलाइन-ऑनलाइन का बड़ा शोर था। ऐसी दुकानों को सबसे भरोसेमंद ‘अपनी दुकान’ बताया जा रहा था लेकिन इस संकट की घड़ी में अब बहुत सी ऑनलाइन व्यापार करने वाली कंपनियों ने अपने हाथ खड़े कर दिए हैं। हालांकि सरकार ने उनके व्यापार पर रोक नहीं लगाई है।

वॉलमार्ट के स्वामित्व वाले फ्लिपकार्ट ने बुधवार को कहा कि वह भारत में अस्थायी रूप से अपने परिचालन को बंद कर रहा है। कंपनी ने कोविड-19 महामारी को रोकने के लिए की गई 21 दिन की देशव्यापी बंदी के मद्देनजर यह फैसला किया है।

फ्लिपकार्ट ने एक ब्लॉग पोस्ट में कहा, "24 मार्च को गृह मंत्रालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए पूरे भारत में 21 दिनों के लॉकडाउन की घोषणा हुई है, इसलिए हम अस्थायी रूप से अपनी सेवाओं को निलंबित कर रहे हैं।"

ब्लॉग में आगे कहा गया "हम जितनी जल्दी हो सकेगा, आपकी सेवा करने के लिए वापस आएंगे।"

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को 21 दिनों के लिए पूरे देश में बंद की घोषणा की थी। भारत में कोरोना वायरस से अब तक लगभग 10 लोगों की मौत हो चुकी है और 500 से अधिक संक्रमित हैं।

इससे पहले अमेजन इंडिया ने मंगलवार को कहा था कि उसने अस्थायी रूप से कम प्राथमिकता वाले उत्पादों के ऑर्डर लेने बंद कर दिए हैं और वह स्वच्छता तथा अन्य उच्च प्राथमिकता वाले उत्पादों की आपूर्ति पर ध्यान केंद्रित कर रही है।

कहा जा रहा है कि देश में ई-कॉमर्स कंपनियों को उत्पादों की आपूर्ति में व्यवधान का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि, सरकार ने अपनी अधिसूचना में ई-कॉमर्स के माध्यम से खानेपीने, दवा और चिकित्सा उपकरणों सहित सभी आवश्यक सामानों की डिलीवरी की अनुमति दी है।

(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ) 

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