NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
शिक्षा
भारत
राजनीति
दिल्ली : स्कूलों में नया सत्र शुरू लेकिन शिक्षक आज भी सड़क पर
दिल्ली गेस्ट टीचर के संगठन DAAS के अध्यक्ष डॉ. गोविन्द ने बताया कि कई स्कूलों में शिक्षक गए तो लेकिन स्कूल के प्रिंसिपल ने उन्हें बायोमैट्रिक या फिर हाज़िरी वाले रजिस्टर में साइन नहीं करने दिया और उनसे एक सादे कागज़ पर साइन करवाया। जिससे वो नाराज़ हैं।
मुकुंद झा
01 Apr 2019
DELHI GUSET TEACHER

पूरे देश की तरह दिल्ली में भी आज  से स्कूलों के नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत हुई है लेकिन दिल्ली में आज भी दिल्ली के हज़ारों गेस्ट टीचर सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे हैं। ये शिक्षक पिछले एक महीने से अपनी नौकरी की सुरक्षा की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। परन्तु इनकी सुध लेने वाला कोई नहीं है। शिक्षकों का साफ कहना है जब तक उन्हें 60 साल की पॉलिसी यानी 60 वर्ष तक स्कूलों में पढ़ाने का अधिकार नहीं मिलता तब तक वो सड़कों पर उतरकर अपना विरोध जताते रहेंगे।

इस बीच शुक्रवार को एक बार फिर से  गेस्ट टीचर की सेवा जारी रखने की अनुमति नहीं मिलने और सुनवाई टलने से शिक्षकों में भारी निराशा है। नए शैक्षणिक सत्र की पहली कक्षा सोमवार से शुरू हुई। इस मामले की सुनवाई टल जाने से अधिकतर गेस्ट टीचर नाराज़ थे परन्तु अधिकतर शिक्षक स्कूल गए क्योंकि शिक्षा विभाग ने अंतिरम आदेश निकाल दिए थे। 

 इसे भी पढ़ें: - दिल्ली सरकार के बाद गेस्ट टीचर्स ने बीजेपी दफ़्तर घेरा, नौकरी की सुरक्षा की मांग

दिल्ली गेस्ट टीचर के संगठन DAAS  दिल्ली अतिथि शिक्षक संघ के अध्यक्ष डॉ. गोविन्द ने बताया कि कई स्कूलों में शिक्षक गए तो लेकिन स्कूल के प्रिंसिपल ने उन्हें बायोमैट्रिक या फिर हाज़िरी वाले रजिस्टर में साइन नहीं करने दिया और उनसे एक सादे कागज़ पर साइन करवाया। जिससे वो नाराज़ हैं। उन्होंने कहा शिक्षक बच्चों के भविष्य खरब न हो उसको लेकर चिंतित हैं इसलिए उन्होंने धरने पर बैठकर पेपर चेक किए और इसलिए वो आज स्कूल गए थे। 

इस बीच  प्रदर्शन कर रहे टीचरों के एक धड़े ने  भाजपा और आम आदमी पार्टी (आप) के रवैये से नाराज़ होकर दोनों पर्टियो के खिलाफ चुनाव लड़ने का फैसला किया है। इससे पहले अपने संघर्षों और वो क्यों प्रदर्शन कर रहे हैं? इसको लेकर एक पर्चा निकला और दिल्ली कनॉट प्लेस में पर्चा वितरण किया और लोगों से जन संपर्क किया जिसके माधयम से उन्होंने दिल्ली सरकार और भाजपा के दोहरे रवैये को जनता के सामने रखा। जिसके बाद शिक्षकों का कहना था कि जनता ने उनकी मांगों  और प्रदर्शन को समर्थन दिया है।  

धरने का 31वें दिन कल रविवार के दिन दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे शिक्षकों को हिरासत में ले लिया। इससे पहले भी प्रदर्शन कर  रहे है शिक्षकों को 15 वें दिन भी हिरासत में लिया गया था। 

इसे भी पढ़ें:  गेस्ट टीचर्स हटाने से दिल्ली की शिक्षा व्यवस्था चरमराई, आंदोलन तेज़

हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद नए सत्र के पहले दिन पहली अप्रैल को स्कूलों में एक भी नए नियमित शिक्षक नियुक्त नहीं हुए। 29 मार्च शुक्रवार को  जस्टिस नज्मी वजीरी को  मामले को लेकर सुनवाई  करनी थी जिसमे गेस्ट टीचर्स का कॉन्ट्रैक्ट को 31 अगस्त 2019 तक बढ़ाने की माँग दिल्ली सरकार ने की थी। लेकिन सुनवाई नहीं हो पाई और अब सुनवाई की नई तारीख  12 अप्रैल 2019 तय हुई है। सरकार ने अपनी अर्जी में हाईकोर्ट से 21,833 अतिथि शिक्षकों की सेवा अगले छह माह के लिए बढ़ाने की मांग की है। सरकार ने कहा है कि 9956 में से डीएसएसएसबी ने अबतक सिर्फ 400 नवनियुक्त शिक्षकों की सूची मुहैया कराई है, ऐसे में अतिथि शिक्षकों की सेवाएं बढ़ाने की जरूरत है। हाईकोर्ट ने पिछले साल 25 अक्टूबर को पारित आदेश में सरकार को सिर्फ 28 फरवरी, 2019 तक ही सेवाएं लेने की अनुमति दी थी। सरकार ने हाईकोर्ट को बताया कि शिक्षा विभाग और डीएसएसएसबी नियमित शिक्षकों की नियुक्ति का प्रयास करती रहती है, बावजूद शिक्षकों की कमी बनी रहती है। 

शुक्रवार को हाईकोर्ट में गेस्ट टीचर्स को रखने के लिए कोई दिशा-निर्देश नही दिए और 1 अप्रैल 2019 से नया सत्र शुरू हो गया।  ऐसे में शिक्षक सहित  डिपार्टमेंट भी  असमंजस की स्थिति में है। डिपार्टमेंट को लग रहा है कि पहले जैसी स्थिति फिर से न बन जाये जैसे कई स्कूलों में  1 मार्च के बाद सरकारी स्कूलों में बन गयी थी। डिपार्टमेंट को वार्षिक परीक्षा और CBSE बोर्ड के एग्जाम खुले मैदान में लेने पड़ गए थे। तो इस समय भी डिपार्टमेंट उसी डर में है कही फिर से स्कूलों की हालत वैसी ही ना हो जाये कि स्कूलो में बच्चे तो होंगे मगर उनको पढ़ाने के लिए टीचर्स नहीं होंगे।

आल इण्डिया गेस्ट टीचर एसोसियशन ने कहा है कि न तो दिल्ली सरकार चाहती है कि गेस्ट टीचर्स का कोई भविष्य हो और डिपार्टमेंट तो गेस्ट टीचर्स को एक मिनट भी रखना नहीं चाहता लेकिन इस समय दिल्ली सरकार और शिक्षा विभाग दोनों मजबूर हैं क्योंकि इनके बिना स्कूल नहीं चल पाएंगे। ऐसे में डिपार्टमेंट सिर्फ हमसे काम चलाना चाहता है क्योंकि 1 अप्रैल से स्कूलों में बच्चे आने शुरू हो गए। 

इस सब से वे वाकिफ हैं, वे कहते है कि ये संकट का समय है ऐसे में सभी के सहयोग की ज़रूरत है। एकता और धैर्य बनाये रखने की ज़रूरत है। उन्होंने कहा हमारा धरना अपने यथा स्थान पर जारी रहेगा।

इसे भी पढ़ें:गेस्ट टीचर्स ने अब सीधे केंद्र के खिलाफ मोर्चा खोला, राजनाथ के घर का होगा घेराव

Delhi
2019 आम चुनाव
2019 elections
delhi govt
LG
teachers protest
GuestTeacher Delhi
guest teacher

Related Stories

मुंडका अग्निकांड: 'दोषी मालिक, अधिकारियों को सजा दो'

मुंडका अग्निकांड: ट्रेड यूनियनों का दिल्ली में प्रदर्शन, CM केजरीवाल से की मुआवज़ा बढ़ाने की मांग

दिल्ली : फ़िलिस्तीनी पत्रकार शिरीन की हत्या के ख़िलाफ़ ऑल इंडिया पीस एंड सॉलिडेरिटी ऑर्गेनाइज़ेशन का प्रदर्शन

दिल्ली : पांच महीने से वेतन न मिलने से नाराज़ EDMC के शिक्षकों का प्रदर्शन

दिल्ली : पांच महीने से वेतन व पेंशन न मिलने से आर्थिक तंगी से जूझ रहे शिक्षकों ने किया प्रदर्शन

आईपीओ लॉन्च के विरोध में एलआईसी कर्मचारियों ने की हड़ताल

एमपी : ओबीसी चयनित शिक्षक कोटे के आधार पर नियुक्ति पत्र की मांग को लेकर आमरण अनशन पर बैठे

महानगरों में बढ़ती ईंधन की क़ीमतों के ख़िलाफ़ ऑटो और कैब चालक दूसरे दिन भी हड़ताल पर

दिल्ली: बर्ख़ास्त किए गए आंगनवाड़ी कर्मियों की बहाली के लिए सीटू की यूनियन ने किया प्रदर्शन

देशव्यापी हड़ताल के पहले दिन दिल्ली-एनसीआर में दिखा व्यापक असर


बाकी खबरें

  • Cuba
    ऋचा चिंतन
    वैश्विक एकजुटता के ज़रिये क्यूबा दिखा रहा है बिग फ़ार्मा आधिपत्य का विकल्प
    11 Jan 2022
    दुनिया को बिग फ़ार्मा के एकाधिकारवादी चलन का एक विकल्प सुझाते हुए क्यूबा मुनाफ़े से कहीं ज़्यादा अहमियत लोगों को देता है। यह सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली, राज्य से वित्त पोषित अनुसंधान को बढ़ावा देता…
  • covid
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 1,68,063 नए मामले, 277 मरीज़ों की मौत 
    11 Jan 2022
    देश में एक्टिव मामलों की संख्या बढ़कर 2.29 फ़ीसदी यानी 8 लाख 21 हज़ार 446 हो गयी है।
  • kashi
    विजय विनीत
    काशी विश्वनाथ कॉरिडोर: कैसे आस्था के मंदिर को बना दिया ‘पर्यटन केंद्र’
    11 Jan 2022
    काशी विश्वनाथ मंदिर के समीप सड़क के किनारे श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर का न्यास सुविधा केंद्र है। यहां एक हेल्प डेस्क है, जिसके बाहर कांच के गेट पर 300 रुपये में सुगम दर्शन का पोस्टर चस्पा किया गया है।…
  • security lapse
    शिव इंदर सिंह
    “मोदी की सुरक्षा में चूक या राजनीतिक ड्रामा?” क्या सोच रहे हैं पंजाब के लोग! 
    11 Jan 2022
    जिला लुधियाना के नौजवान किसान जगजीत सिंह का कहना है, “पहली बात तो किसान मोदी के काफिले से करीब एक किलोमीटर दूरी पर थे। दूसरी बात उनके पास कोई हथियार नहीं थे। वह कम से कम मोदी को काले झंडे दिखा सकते…
  • Rahul and Modi
    ओंकार पूजारी
    2022 तय कर सकता है कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों का भविष्य
    11 Jan 2022
    कमज़ोर कांग्रेस इतनी कमज़ोर नहीं है कि औपचारिक मोर्चे या भाजपा विरोधी ताक़तों की अनौपचारिक समझ के मामले में किसी भी अखिल भारतीय भाजपा विरोधी परियोजना से बाहर हो जाए।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License