NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
स्वाज़ीलैंड: गिरफ़्तार लोकतंत्र समर्थकों को रिहा किया गया
पुलिस के मुताबिक़ छापे में ज़ब्त किए गए लोकतंत्र के लिए आह्वान करने वाले दस्तावेज़ों को विवादास्पद माना जा सकता है।
पीपल्स डिस्पैच
26 Dec 2019
CPS

लोकतंत्र के समर्थक पांच नेताओं को स्वाज़ीलैंड पुलिस ने रिहा कर दिया है। पुलिस ने शुक्रवार यानी 20 दिसंबर को इन नेताओं को गिरफ्तार किया था। 20 दिसंबर की सुबह की गई छापेमारी के बाद ये गिरफ्तारियां हुई थी। अफ्रीका में अंतिम सम्राट राजा मिस्वाति तृतीय के आदेश पर कथित तौर पर पुलिस ने कई एक्टिविस्ट के घरों पर छापा मारा था।

इस छापेमारी में कथित तौर पर दस्तावेज़, लैपटॉप, संगठन के बैनर और टी-शर्ट पुलिस द्वारा जब्त किए गए थे। गिरफ्तार होने वाले पहले व्यक्ति कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ़ स्वाज़ीलैंड (सीपीएस) के राष्ट्रीय अध्यक्ष डुमिसानी फ़कुद्ज़े थे।

दक्षिण अफ्रीका में निर्वासित सीपीएस के महासचिव थोकोजाने केनेथ कुनेने ने कहा, "पुलिस ने हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष के पास से पार्टी के कई दस्तावेज़ों को ज़ब्त कर लिया जिसे वे स्वाज़ीलैंड के लोकतंत्रीकरण के लिए उनके आह्वान को लेकर देशद्रोही मानते हैं।"

पीपल्स यूनाइटेड डेमोक्रेटिक मूवमेंट (पीयूडीईएमओ) के नेताओं को भी निशाना बनाया गया। स्वाज़ीलैंड यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट के एक बयान में कहा गया है, "अन्य नेताओं के यहां छापा मारा गया जिसमें सिबोंगिले मजीबूको (एन्गवाने नेशनल लिबरेशन कांग्रेस के अध्यक्ष) शामिल हैं। ऐसे ही कुछ नामों में थेम्बा मबुज़ा (फ्रंट के आयोजक) और मिफंडलाना शोंग्वे स्वाजी संघर्ष के दिग्गज नेता और पीयूडीईएमओ एनईसी के सदस्य शामिल हैं।

आईओएल ने सीपीएस के अध्यक्ष ने रिहाई की जानकारी दी। रिहा होने वालों में पीयूडीईएमओएस के वांडिले ड्लूड्लू, निग्वाने नेशनल लिबरेट्री कांग्रेस के अध्यक्ष सिबोंगिले मजीबूको, स्वाजीलैंड नेशनल एसोसिएशन ऑफ टीचर्स (एसएनएटी) के महासचिव सिकेला दल्मिनी और एक अन्य यूनियन लीडर जान सिथोले शामिल हैं।

कुनेने ने कहा कि "मिस्वाती शासन के डराने-धमकाने की रणनीति से सीपीएस प्रभावित नहीं हैं। स्वाज़ीलैंड में राजनीतिक दलों पर 12 अप्रैल 1973 से प्रतिबंध लगा हुआ है। एक निरंकुश राजतंत्र का निर्माण करते हुए दिवंगत शोभूजा द्वितीय ने एकतरफा तरीक़े से संविधान को निरस्त कर दिया था, राजनीतिक दलों पर प्रतिबंध लगा दिया था और सभी कार्यकारी, विधायी और न्यायिक शक्ति अपने पास रख लिया था।"

"सीपीएस ने लोगों से फिर आह्वान किया है कि मिस्वाती को हटाना है! (#MswatiMustFall!)"

साभार: पीपल्स डिस्पैच

अंग्रेजी में लिखा मूल आलेख आप नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक कर पढ़ सकते हैं।

Five Activists Arrested in Police Raid in Swaziland Have Been Released

#Mswati Must Fall
Communist Party of Swaziland
CPS
Criminalization of social leaders
democracy
Dumisani Fakudze Ngwane
National Liberation Congress
People's United Democratic Movement
PUDEMO
Police repression
State repression
Swaziland National Association of Teachers

Related Stories

भारत में संसदीय लोकतंत्र का लगातार पतन

जन-संगठनों और नागरिक समाज का उभरता प्रतिरोध लोकतन्त्र के लिये शुभ है

Press Freedom Index में 150वें नंबर पर भारत,अब तक का सबसे निचला स्तर

यूपी में संघ-भाजपा की बदलती रणनीति : लोकतांत्रिक ताकतों की बढ़ती चुनौती

ढहता लोकतंत्र : राजनीति का अपराधीकरण, लोकतंत्र में दाग़ियों को आरक्षण!

लोकतंत्र और परिवारवाद का रिश्ता बेहद जटिल है

अब ट्यूनीशिया के लोकतंत्र को कौन बचाएगा?

किधर जाएगा भारत— फ़ासीवाद या लोकतंत्र : रोज़गार-संकट से जूझते युवाओं की भूमिका अहम

न्यायिक हस्तक्षेप से रुड़की में धर्म संसद रद्द और जिग्नेश मेवानी पर केस दर केस

यह लोकतांत्रिक संस्थाओं के पतन का अमृतकाल है


बाकी खबरें

  • JP Nadda in Chamoli PC DIPR
    वर्षा सिंह
    उत्तराखंड: सैन्य धाम ही नहीं स्वास्थ्य धाम भी ज़रूरी, चुनाव में सेहत मुद्दा नहीं
    23 Nov 2021
     “कोविड के बीच चुनाव में स्वास्थ्य मोर्चे पर सुधार का मुद्दा कौन उठाएगा? मुद्दा तो राजनीतिक दल ही उठाते हैं। यहां न तो सत्ता पक्ष और न ही विपक्ष ज़मीनी मुद्दों पर बात कर रहा है। सवाल मतदाता पर भी है…
  • kisan
    अफ़ज़ल इमाम
    कृषि कानूनों की वापसी का कारण सिर्फ़ विधानसभा चुनाव नहीं
    23 Nov 2021
    ऐतिहासिक किसान आंदोलन महज 3 काले कानूनों की वापसी और एमएसपी के कानून बनाने आदि की कुछ मांगों तक सीमित नहीं रह गया है। यह हर किस्म के दमन, नाइंसाफी, देश की संपत्तियों व संसाधनों की लूट और सत्ता के…
  • fiscal
    प्रभात पटनायक
    मोदी सरकार की राजकोषीय मूढ़ता, वैश्वीकृत वित्तीय पूंजी की मांगों से मेल खाती है
    23 Nov 2021
    राजकोषीय मूढ़ता मेहनतकश जनता पर दो तरह से हमला करती है। वह एक ओर तो बेरोज़गारी को ज़्यादा बनाए रखती है और दूसरी ओर मुद्रास्फ़ीति को बढ़ाने के ज़रिए, उनकी प्रति व्यक्ति वास्तविक आय को घटाती है।
  • MSRTC
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    एमएसआरटीसी हड़ताल 27वें दिन भी जारी, कर्मचारियों की मांग निगम का राज्य सरकार में हो विलय!
    23 Nov 2021
    एमएसआरटीसी कर्मचारियों के एक समूह ने बिना शर्ट पहने मुंबई मराठी पत्रकार संघ में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया और ठाकरे सरकार से प्रत्येक डिपो के एक कर्मचारी प्रतिनिधि से सीधे बात करने को कहा।
  • covid
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में करीब 10 महीने बाद कोरोना के 8 हज़ार से कम नए मामले सामने आए 
    23 Nov 2021
    देश मेंएक्टिव मामलों की संख्या घटकर 0.33 फ़ीसदी यानी 1 लाख 13 हज़ार 584 हो गयी है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License