NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
धर्मनिर्पेक्ष ढांचे को बदलने के लिए प्रयासरत है सरकार
सौजन्य: HilleleTV
11 Nov 2014

सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश सावंत ने तीस्ता सीतलवाड़ से बात करते हुए इस बात पर अपने विचार रखे कि न्यायपालिका को किस तरह धर्मनिर्पेक्ष, लोकतांत्रिक एवं नैतिक होना चाहिए। धर्मनिर्पेक्षता के मुद्दे पर जस्टिस सावंत ने कहा कि  इसे संशोधन के जरिये संविधान के भूमिका में लाया गया था और अगर धर्मनिर्पेक्षता के प्रावधान को बदलने की कोशिश की गई तो इसका जोरदार विरोध किया जायेगा। जस्टिस सावंत के अनुसार हर धर्म में यह क्षमता होती है कि वह समाज और कानून, दोनों को प्रभावित कर सके। पर सत्ता में बैठे हुए लोगो को यह नहीं भूलना चाहिए कि वे उस संविधान और धर्मनिर्पेक्ष देश का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं जहाँ विविधता के बावजूद सभी को समान अधिकार हैं। उनके अनुसार संविधान के मूल ढांचे को बदलने की कोशिश की जा रही है। 

                                                                                                                          

भाजपा
हिंदुत्व
आर.एस.एस
संविधान
सांप्रदायिक ताकतें
धर्मनिर्पेक्षता
तीस्ता सीतलवाड़
जस्टिस पी.बी.सावंत

Related Stories

#श्रमिकहड़ताल : शौक नहीं मज़बूरी है..

बढ़ते हुए वैश्विक संप्रदायवाद का मुकाबला ज़रुरी

आपकी चुप्पी बता रहा है कि आपके लिए राष्ट्र का मतलब जमीन का टुकड़ा है

अबकी बार, मॉबलिंचिग की सरकार; कितनी जाँच की दरकार!

आरक्षण खात्मे का षड्यंत्र: दलित-ओबीसी पर बड़ा प्रहार

झारखंड बंद: भूमि अधिग्रहण बिल में संशोधन के खिलाफ विपक्ष का संयुक्त विरोध

झारखण्ड भूमि अधिग्रहण संशोधन बिल, 2017: आदिवासी विरोधी भाजपा सरकार

यूपी: योगी सरकार में कई बीजेपी नेताओं पर भ्रष्टाचार के आरोप

मोदी के एक आदर्श गाँव की कहानी

क्या भाजपा शासित असम में भारतीय नागरिकों से छीनी जा रही है उनकी नागरिकता?


बाकी खबरें

  • महंत की मौत और डेरों-मठों के अन्य रहस्यों पर पर्देदारी क्यों?
    न्यूज़क्लिक टीम
    महंत की मौत और डेरों-मठों के अन्य रहस्यों पर पर्देदारी क्यों?
    22 Sep 2021
    देश में आर्थिक सुधार हो रहा है, कुछ प्रशासनिक सुधार भी किया गया है और अब सरकार कृषि में सुधार का दावा कर रही है. फिर सरकार लोकतांत्रिक धार्मिक सुधार की पहल क्यों नहीं करती? #AajKiBaat के नये एपिसोड…
  • /farmers-agitation-completes-300-days-compensation-families-deceased-sanitation-workers-and-more
    न्यूज़क्लिक टीम
    किसान आंदोलन के 300 दिन पूरे, मृत सफाईकर्मियों के परिवारों को मुआवज़ा और अन्य ख़बरें
    22 Sep 2021
    न्यूज़क्लिक के डेली राउंडअप में आज हमारी नज़र रहेगी 300 दिन से जारी किसान आंदोलन, सेप्टिक टैंक में मरे मज़दूरों के परिवारों को मुआवज़ा और अन्य ख़बरों पर।
  • एम.ओबैद
    मासूम दलित के मंदिर में प्रवेश पर परिवार पर 25 हज़ार रूपये का जुर्माना!
    22 Sep 2021
    कर्नाटक के कोप्पल के मियापुरा गांव में दो साल का मासूम अपने जन्मदिन के मौके पर मंदिर के बाहर से पूजा करने के लिए पिता के साथ गया था, लेकिन वह मासूम मंदिर में प्रवेश कर गया।
  • haryana
    सत्यम श्रीवास्तव
    हरियाणा का नया भूमि अधिग्रहण कानून : किसानों पर एक और प्रहार
    22 Sep 2021
    हरियाणा में “भूमि अधिग्रहण, पुनर्स्थापन और पुनर्वास संशोधन कानून, 2021” पारित कर कथित विकास की परियोजनाओं के लिए किसानों से उनकी ज़मीनें हड़पने के लिए 2013 के केंद्रीय कानून की पूरी मंशा और प्रावधानों…
  • सोनिया यादव
    आख़िर क्यों सिर्फ़ कन्यादान, क्यों नहीं कन्यामान?
    22 Sep 2021
    मोहे के नए विज्ञापन में आलिया पितृसत्तात्मक समाज के रीति-रिवाजों और परंपराओं पर सवाल उठा रही हैं। और 'कन्यादान' की जगह 'कन्यामान' का नया आइडिया दे रही हैं, जो रूढ़िवाद की बेड़ियों को तोड़ने के साथ ही…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License