NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
यमन के लोगों ने यूएस ड्रोन हमले को लेकर जर्मनी को ज़िम्मेदार ठहराते हुए मुकदमा दायर किया
अगस्त 2012 में अमेरिकी ड्रोन हमले में रात के समय खाने के दौरान इनके परिवार के दो सदस्य मारे गए थे। याचिका में दावा किया गया है कि इस तरह के हमले अंतरराष्ट्रीय क़ानूनों का उल्लंघन हैं।
पीपल्स डिस्पैच
24 Mar 2021
यमन

यमन के दो लोगों ने यूएस द्वारा जर्मनी के एयरबेस का इस्तेमाल कर यमन पर ड्रोन हमले के लिए जर्मनी को जिम्मेदार ठहराते हुए मंगलवार 23 मार्च को इसके खिलाफ जर्मनी में देश के संघीय संवैधानिक न्यायालय में अपील दायर किया है। यूएस ने जर्मनी के रमस्टीन एयरबेस का इस्तेमाल कर यमन पर हमला किया था जिसमें उक्त लोगों के परिवार के कई सदस्य मारे गए हैं।

ये अपील यूरोपियन सेंटर फॉर कंस्टिट्यूशनल एंड ह्यूमन राइट्स (ईसीसीएचआर) और मानवाधिकार समूह रिप्रीव द्वारा दो यमनी लोगों अहमद और खालिद बिन अली जाबेर की ओर से दायर की गई थी। इन लोगों का दावा है कि उनके रिश्तेदार 2012 में अमेरिकी ड्रोन हमले में मारे गए थे।

अमेरिकी ड्रोन हमले में अगस्त 2012 में अली जाबेर के परिवार के दो सदस्यों की कथित तौर पर उस वक्त मौत हो गई थी जब वे रात में खाना खा रहे थे। 2014 में जर्मनी में ईसीसीएचआर और रिप्रीव की मदद से परिवार के तीन सदस्यों ने मुकदमा दायर किया था और सरकार से कहा था कि वह यमन में ड्रोन हमलों के लिए अपनी जमीन का उपयोग करने से अमेरिका को रोके। याचिका में दावा किया गया था कि ये ड्रोन हमले मौजूदा अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन है।

साल 2019 में मुइनस्टर प्रशासनिक अदालत ने कहा था कि अमेरिका को सैन्य ठिकानों का उपयोग करते समय अंतर्राष्ट्रीय कानूनों का पालन करना था। हालांकि, पिछले साल लीपज़िग की संघीय अदालत ने फैसले को पलट दिया था और कहा था कि अंतरराष्ट्रीय कानून पर ध्यान दिए बिना शिकायतों के निपटारे के लिए जर्मनी का कूटनीतिक प्रयास पर्याप्त होगा।

मंगलवार 23 मार्च को एक बयान में ईसीसीएचआर ने कहा कि उपरोक्त आदेश के खिलाफ उनकी संवैधानिक शिकायत मांग करती है कि अदालत जर्मन सरकार से "वादी के जीवन के अधिकार की रक्षा के लिए और कुछ करने" को कहे और अमेरिका द्वारा ड्रोन हमले के लिए रमस्टीन एयर बेस का इस्तेमाल कर अंतरराष्ट्रीय कानून के उल्लंघन का आकलन का मांग करती है।

यूएस ड्रोन हमले में नौ बच्चों सहित अपने परिवार के 34 सदस्यों की गैरकानूनी हत्या को लेकर इसी साल जनवरी में दो यमनी परिवारों द्वारा इसी तरह की अपील रिप्रीव की मदद से इंटर-अमेरिकन कमीशन ऑन ह्यून राइट्स में दायर की गई थी।

आतंकवाद लड़ने के नाम पर अफगानिस्तान और यमन जैसे देशों में बराक ओबामा प्रशासन के समय से यूएस ने बड़े पैमाने पर ड्रोन हमले किए। इस तरह के हमलों में ज्यादातर बच्चों और महिलाओं सहित निर्दोष नागरिक मारे गए। संयुक्त राष्ट्र के नेतृत्व वाली कई जांच ने साबित किया है कि इस तरह के हमले अंतरराष्ट्रीय कानून और मानव अधिकारों का उल्लंघन करते हैं।

Photo:

yemen
YEMEN WAR
germany attacks on yemen
yemenis filed case
yemen crisis

Related Stories

क्या यमन में युद्ध खत्म होने वाला है?

यमन में ईरान समर्थित हूती विजेता

यमन के लिए यूएन का सहायता सम्मेलन अकाल और मौतों की चेतावनियों के बीच अपर्याप्त साबित हुआ

रूस-यूक्रेन विवाद : जब दुनिया सॉफ्ट पावर का इस्तेमाल कर रही है, तब सामने आया खेल संस्थाओं का पाखंड

पड़ताल दुनिया भर कीः यमन का ड्रोन हमला हो या यूक्रेन पर तनाव, कब्ज़ा और लालच है असल मकसद

डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म पर मानवीय संकटों की अलोकप्रियता को चुनौती

यमन में एक बच्चा होना बुरे सपने जैसा है

यमन के लोगों ने सऊदी के नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन किया, युद्ध के लिए अमेरिका को दोषी ठहराया

हाउथी और सरकार समर्थक सैनिकों के बीच यमन के मारिब में लड़ाई तेज़

यमन की नाकाबंदी को समाप्त करने की मांग को लेकर अमेरिकी कार्यकर्ताओं की भूख हड़ताल


बाकी खबरें

  • covid
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में एक्टिव मामले घटकर 10 लाख से नीचे आए 
    08 Feb 2022
    देश में 24 घंटों में कोरोना के 67,597 नए मामले सामने आए हैं। देश में एक्टिव मामलों की संख्या घटकर 9 लाख 94 हज़ार 891 हो गयी है।
  • Education Instructors
    सत्येन्द्र सार्थक
    शिक्षा अनुदेशक लड़ रहे संस्थागत उत्पीड़न के ख़िलाफ़ हक़ की लड़ाई
    08 Feb 2022
    उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने शिक्षकों को आश्वस्त किया था कि 2019 तक उन्हें नियमित कर दिया जायेगा। लेकिन इस वादे से भाजपा पूरी तरह से पलट गई है।
  • Chitaura Gathering
    प्रज्ञा सिंह
    यूपी चुनाव: मुसलमान भी विकास चाहते हैं, लेकिन इससे पहले भाईचारा चाहते हैं
    08 Feb 2022
    पश्चिमी उत्तर प्रदेश के एक गांव के मुआयने से नफ़रत की राजनीति की सीमा, इस इलाक़े के मुसलमानों की राजनीतिक समझ उजागर होती है और यह बात भी सामने आ जाती है कि आख़िर भाजपा सरकारों की ओर से पहुंचायी जा…
  • Rajju's parents
    तारिक़ अनवर, अब्दुल अलीम जाफ़री
    यूपी चुनाव : गांवों के प्रवासी मज़दूरों की आत्महत्या की कहानी
    08 Feb 2022
    महामारी की शुरूआत होने के बाद अपने पैतृक गांवों में लौटने पर प्रवासी मज़दूरों ने ख़ुद को बेहद कमज़ोर स्थिति में पाया। कई प्रवासी मज़दूर ऐसी स्थिति में अपने परिवार का भरण पोषण करने में पूरी तरह से असहाय…
  • Rakesh Tikait
    प्रज्ञा सिंह
    सरकार सिर्फ़ गर्मी, चर्बी और बदले की बात करती है - राकेश टिकैत
    08 Feb 2022
    'वो जाटों को बदनाम करते हैं क्योंकि उन्हें कोई भी ताक़तवर पसंद नहीं है' - राकेश टिकैत
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License