NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
क्या आधार ना होने की वजह से राशन तक नहीं मिलेगा ?
सवाल ये उठता है कि इतनी खराब स्थिति  होने के बावजूद  सरकार आम लोगों को आधार न होने के नाम पर अपने हक़ से कैसे वंचित रख सकती है ? 
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
16 Nov 2017
aadhar card

आधार कार्ड न होने की वजह से देश में एक और मौत हो गयी है। ये दर्दनाक घटना उत्तर प्रदेश के बरेली में हुई I भूख की वजह से वहाँ एक 50 साल की महिला, शकीना अशरफ की मौत हो गई । शकीना की मौत इस वजह से हुई क्योंकि उनका राशन कार्ड आधार कार्ड से लिंक्ड नहीं था।  शकीना के पति इशाक का कहना है कि शकीना बहुत ज़्यादा बीमार थीं इसीलिए वह राशन की दुकान तक नहीं जा सकीं। अशरफ ने दुकानदार से राशन देने के लिए बहुत मिन्नतें कीं पर दुकानदार ने उनकी एक ना सुनी । दुकानदार का कहना था कि वह बायोमेट्रिक के बिना कुछ नहीं देगा। अशरफ ने आगे कहा कि शकीना 5  दिन से भूखी थीं और इसी वजह से उनकी मौत हुई है । 

यूपी सरकार का कहना है कि शकीना की मौत भूख ने नहीं बल्कि बीमारी से हुई है , इसके बावजूद सरकार ने इस  मामले में जाँच का आदेश दे दिए हैं। ज़िला   प्रशासन की यह दलील इस बात पर निर्भर है कि शकीना के बैंक  खाते  में 4000  रुपये मौजूद  थे।  साथ ही उनका कहना है  कि सरकार  का ऐसा कोई नियम   नहीं है कि आधार कार्ड  ना  होने  की वजह से  किसी को राशन ना दिया जाए। प्रशासन ने आगे कहा है कि अगर किसी शख्स के पास अंत्योदय  कार्ड है और किसी वजह से वह खुद राशन लेने नहीं जा पाता  ,तो उस परिस्थिति में भी राशन देने से  इनकार नहीं किया जा सकता। 

इससे पहले 28 सितम्बर को भी झारखण्ड में एक 11 साल की लड़की  की इसी तरह भूख से मौत हुई थी ।  झारखण्ड के सिमडेंगा ज़िले की संतोषी कुमारी की
भी इसीलिए मृत्यु  हुई, क्योंकि उनके  घर वाले अपने राशन कार्ड को आधार से लिंक नहीं करा पाए थे।  संतोषी 8 दिनों से भूखी थी क्यूँकि  उनके स्कूल की छुट्टियाँ चल रही थी और इसीलिए उन्हें मिड डे मील तक नहीं मिल रहा था।  इसके अलावा राशन कार्ड का आधार से लिंक न होने की वजह से उनके परिवार को 6  महींने से राशन नहीं मिल रहा था । 
 
संतोषी और शकीना से पहले भी इसी साल कर्णाटक में  तीन और लोगों की आधार न होने की वजह से भुखमरी से मौत हुई । ये सभी घटनाएं  सरकार के फरवरी में दिए गए आदेश के बाद हुई  हैं ।  इस आदेश ने सरकार द्वारा दिए जाने वाले  राशन  के लिए भी आधार कार्ड को अनिवार्य बनाया गया है।  
 
ग़रीब परिवारों से आने की वजह से  इन परिवारों के पास नेशनल फूड़ एक्ट के अंतर्गत सस्ता राशन पाने का हक़ है।  साथ ही 2013 की  सुप्रीम कोर्ट की गाइड  लाइन्स  के अनुसार  किसी भी गरीब  परिवार को आधार  कार्ड ना  होने की वजह से  जन कल्याण नीतियों  से वंचित नहीं रखा जा सकता। 

इसके साथ ही देश के बहुत से  पिछड़े  इलाकों में इंटरनेट की सुविधा ना होने की वजह से भी आधार को राशन  कार्ड से लिंक नहीं किया जा पाता। इन बातों के अलावा इस  देश में  भुखमरी आज भी एक बड़ी  समस्या  है।  इस  साल की  "ग्लोबल हंगर इंडेक्स " की रिपोर्ट के अनुसार 119  देशों की सूची में भारत 100 वें  स्थान  पर  है । .इस सूची में भारत की स्थिति लगातार ख़राब होती जा रही है , 2014 में भारत  55 वें स्थान पर था  , 2015 में 80वें , 2016 में 97वें और इस साल 100वें।  हैरानी की बात ये है कि बांग्लादेश , नेपाल और श्रीलंका की स्थिति भी कुपोषण से निपटने के मामले भारत से बेहतर है । सवाल ये उठता है कि इतनी खराब स्थिति  होने के बावजूद  सरकार आम लोगों को आधार न होने के नाम पर अपने हक़ से कैसे वंचित रख सकती है ? 

Aadhar card
Utter pradesh
yogi sarkar
bhukhmari

Related Stories

आधार को मतदाता सूची से जोड़ने पर नियम जल्द जारी हो सकते हैं : मुख्य निर्वाचन आयुक्त

इप्टा की सांस्कृतिक यात्रा यूपी में: कबीर और भारतेंदु से लेकर बिस्मिल्लाह तक के आंगन से इकट्ठा की मिट्टी

यूपी चुनाव 2022: कई जगह जमकर लड़ीं महिला उम्मीदवार, कई सीटों पर विजयी

तिरछी नज़र: धन भाग हमारे जो हमें ऐसे सरकार-जी मिले

सीएए विरोधी प्रदर्शनकारियों के विरुद्ध जारी 274 भरपाई नोटिस वापस लिए गए: उप्र सरकार

बजट 2022: क्या मिला चुनावी राज्यों को, क्यों खुश नहीं हैं आम जन

यूपीः योगी सरकार पर अभ्यर्थियों ने लगाया शिक्षक भर्ती में आरक्षण घोटाले का आरोप

कैसे भारतीय माताओं के लिए निर्धारित 84,000 करोड़ रुपयों से उन्हें वंचित रखा गया

भारत में हर दिन क्यों बढ़ रही हैं ‘मॉब लिंचिंग’ की घटनाएं, इसके पीछे क्या है कारण?

वोटर आईडी और आधार लिंकिंग : वोट कब्ज़ाने का नया हथियार!


बाकी खबरें

  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    लखीमपुर खीरी कांड: मंत्री पुत्र आशीष की ज़मानत को चुनौती देने वाली याचिका पर हुई सुनवाई, अदालत ने फैसला सुरक्षित रखा
    04 Apr 2022
    सुप्रीम कोर्ट ने 30 मार्च को यूपी सरकार को आशीष की ज़मानत रद्द करने के मामले में एसआईटी जांच की निगरानी कर रहे सेवानिवृत्त न्यायाधीश की रिपोर्ट पर चार अप्रैल तक जवाब देने का निर्देश दिया था।
  • जॉन पी रुएल
    क्यों बाइडेन पश्चिम एशिया को अपनी तरफ़ नहीं कर पा रहे हैं?
    04 Apr 2022
    बाइडेन प्रशासन को रूस के ख़िलाफ़ पारंपरिक पश्चिम एशियाई देशों को लामबंद करने के लिए कड़ा संघर्ष करना पड़ रहा है, जिससे इस क्षेत्र में अमेरिकी प्रभाव पर सवाल उठ रहा है।
  • एना व्राचर
    क्या यूक्रेन युद्ध को लेकर ग़रीब देशों पर दबाव बनाने के लिए स्वास्थ्य का इस्तेमाल किया जायेगा?
    04 Apr 2022
    लिथुआनिया सरकार ने यूक्रेन में चल रहे युद्ध पर संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव के दौरान बांग्लादेश को तक़रीबन आधा मिलियन कोविड-19 वैक्सीन खुराक को दान करने के अपने फ़ैसले को पलट दिया है। इससे एक ख़तरनाक़…
  • gandhi
    न्यूज़क्लिक टीम
    गाँधी पर देशद्रोह का मामला चलने के सौ साल, क़ानून का ग़लत इस्तेमाल जारी
    03 Apr 2022
    महात्मा गाँधी पर देशद्रोह का मुकदमा चलने के एक सदी बाद, आज अन्याय के खिलाफ आवाज़ उठाने वालों पर यह क़ानून लगाने के मामलों में लगातार इज़ाफा हो रहा हैI तमाम शोध के ज़रिए यह ज़ाहिर किया गया कि कैसे…
  • HINDU MAHASABHA
    मुकुंद झा
    बुराड़ी हिंदू महापंचायत: धार्मिक उन्माद के पक्ष में और मुसलमानों के ख़िलाफ़, पत्रकारों पर भी हुआ हमला
    03 Apr 2022
    रविवार तीन अप्रैल को एकबार फिर दिल्ली में दक्षिणपंथी हिन्दू संगठनों का जमावड़ा हुआ जहां एकबार फिर मुसलमानों के खिलाफ भड़काऊ भाषण दिए गए। इस हिन्दू महापंचायत का आयोजन भी पिछले साल 8 अगस्त को जंतर-मंतर…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License