NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
मेजर गोगोई मामला : PUDR ने कहा ताक़त का गलत इस्तेमाल किया गया है
मेजर गोगोई तथाकथित तौर पर एक कश्मीरी लड़की के साथ एक होटल में जाने का प्रयास कर रहे थे I
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
04 Jun 2018
GOGOI
image courtesy : rediff.com

People’s Union for Democratic Rights(PUDR) जो कि एक मानवाधिकार संगठन है ने मेजर गोगोई के एक कश्मीरी लड़की के साथ शारीरिक सम्बन्ध बनाये जाने के मामले में एक स्टेटमेंट जारी किया है I जम्मू कश्मीर पुलिस के इस दावे के कि ये मामला दो वयस्कों का आपस का मामला है , के जवाब में PUDR ने कहा “PUDR इस तथ्य पर रौशनी डालना चाहता है कि ये मामला जहाँ हुआ वह एक अशांत क्षेत्र है और इस मामले के तथ्य ये इशारा करते हैं कि सेना के अफसर ने अपनी ताक़त का गलत इस्तेमाल किया है I”

इससे पहले 23 मई को जम्मू कश्मीर पुलिस को एक स्थानीय होटल से ये कॉल आया था कि एक व्यक्ति होटल के एक कर्मचारी से  झगड़ा कर रहा है I जब पुलिस वहाँ पहुँची तो ये पता चला कि वो 56 राष्ट्रीय रायफल का मेजर गोगोई था जो बडगाम की एक लड़की के साथ उस होटल में घुसने का प्रयास कर रहा था I होटल प्रशासन ने बताया कि होटल की ये नीति है कि वह स्थानीय लोगों को होटल में रहने नहीं देते , यही वजह थी कि उन्होंने उस लड़की के वहाँ रुकने पर ऐतराज़ जताया , इसके बाद मेजर वहाँ के स्टाफ से झगड़ने लगा I ये बताया जा रहा है कि मेजर ने उस होटल में 2 लोगों के लिए एक रूम बुक किया था I

ये खबर जल्दही विवादों में आ गई क्योंकि मेजर गोगोई वही शख्स है जिसने कश्मीर में  एक व्यक्ति फारूक दर को आर्मी की जीप के बोनट पर बाँधा था I ये अमानवीय कार्यवाही जो कि 9 अप्रैल 2017 में हुई बहुत जल्दी विवादों में आ गई थी , जिसके बाद सेना ने कहा था कि ये कार्यवाही इसीलिए की गयी जिससे चुनावों के दौरान पत्थरबाजों से बचा जा सके I ये ताज्जुब की बात थी कि सेना ने मेजर गोगोई को न सिर्फ बचाया बल्कि उन्हें सेना अध्यक्ष बिपिन रावत ने शाबाशी भी दी I

जम्मू कश्मीर पुलिस के द्वारा 30 मई को Chief Judicial Magistrate के सामने इस मामले में अपनी रिपोर्ट पेश करने के बाद PUDR ने 3 अप्रैल को इस पर अपना स्टेटमेंट जारी किया I अपनी रिपोर्ट में पुलिस ने कहा है कि जिस लड़की को पीड़ित के साथ देखा जा रहा है वह 19 साल की है और ये मामला दो वयस्कों द्वारा अपनी मर्ज़ी से सबंध बनाये जाने का मामला है , उन्होंने ये भी कहा कि न तो लड़की के परिवार ने और न ही होटल ने इस मामले में कोई रिपोर्ट दर्ज़ की है I यही वजह है कि गोगोई पर कोई केस दर्ज़ नहीं किया जायेगा I दूसरी तरह PUDR ने कहा “पुलिस द्वारा इस बात कर ज़ोर दिया गया है कि किसी ने भी मंज़ूरी के मुद्दे पर कोई भी शिकायत नहीं की है, इस बात पर सवाल उठ सकते हैं क्योंकि ये पूरा इलाका संघर्ष क्षेत्र है और यहाँ AFSPA लगा हुआ है , जिससे लोगों के मन में सेना के लिए डर है I साथ ही यहाँ सेना को बहुत शक्तियाँ भी प्राप्त हैं I ऐसे मामले में जो तथ्य प्रेस द्वारा सामने लाये गए  हैं उसे सेना को प्राप्त शक्तियों के नज़रिए से देखा जा सकता है I”

जिस तरह स्टेटमेंट में लिखा है, मीडिया में ये रिपोर्ट किया गया है कि इस घटना से पहले मेजर गोगोई दो बार उस लड़की के घर ज़बरदस्ती घुस आये थे I मीडिया से बात करते हुए उनकी माँ ने बताया कि “मैं तब डरकर बेहोश हो गयी जब मेजर लेतुल गोगोई हमारे घर रात को घुस आये और हमसे हमारे हालातों के बारे में पूछने लगे I वो एक और आदमी में साथ वहाँ आये थे और दोनों ही लोगों ने सादा कपडे पहने थे I बाद में मुझे ये पता चला कि जो वक्ति गोगोई के साथ था उनका नाम समीर माला था और वह लोकिपोरा पोशकर से था I”

 ये रिपोर्ट किया जा रहा है कि मेजर एक मुस्लिम नाम वाली फ़र्ज़ी फेसबुक ID द्वारा उस लड़की से बात कर रहे थे I वैसे लड़की के परिवार वालों ने अब तक इस मामले ने ज्यादती की कोई भी रिपोर्ट दर्ज़ नहीं करायी है लेकिन PUDR का कहना है कि इस बात की बहुत संभावना है कि ऐसा सेना के डर के कारण किया जा रहा हो I

 उसके वक्तव्य में आगे कहा गया है कि ऐसा पहली बार नही है कि सेना के किसी व्यक्ति के द्वारा ऐसा किया गया हो I उनमें कहा गया है “जहाँ कस्टडी में रेप और देह व्यापार एक छोर पर होते रहे हैं , वहीँ ये याद रखना भी ज़रूरी है कि वर्दी की ताक़त न करने को ही नामुमकिन  बना देती है और ये ख़ास तौर पर लड़ाई के क्षेत्रों में स्थानीय महिलाओं पर लागू होता है I इस प्रसंग में हमें 2006 के सेक्स स्कैम मामले में 30 मई 2018 को CBI द्वारा दिया गया निर्णय देखना चाहिए I जहाँ जम्मू कश्मीर में विभिन्न अफसरों द्वारा उग्रवादियों के खिलाफ कार्यवाइयों में यौन शोषण के कई मामलों का पर्दाफाश किया गया था I”

 न्यूज़क्लिक से बात करते हुए मानवाधिकार सामाजिक कार्यकर्त्ता और PUDR के सदस्य गौतम नवलखा ने कहा “हमें ये समझना होगा कि कश्मीर जैसे इलाकों में जहाँ संघर्ष चल रहा है , सत्ता संरचना कुछ इस प्रकार की है कि किसी भी पीड़ित का किसी आर्मी अफसर के खिलाफ  खुलकर बोलना और ख़ासकर तब जब वह लड़की बेहद गरीब परिवार से हो , बेहद मुश्किल है I जब कोई आर्मी असफर नकली फेसबुक ID इस्तेमाल करे और उसके घरवालों को प्रताड़ित करे , तब ये कैसे माना जाये कि इस मामले में कुछ गड़बड़ नहीं है ?”

मेजर गोगोई
भारतीय सेना
सेना प्रमुख
जम्मू कश्मीर

Related Stories

केंद्र सरकार राजनीतिक कारणों के चलते जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल को बदलना चाहती है?

कश्मीरी के प्रमुख समाचार संपादक शुजात बुखारी निर्मम हत्या ने , पत्रकारों को हिलाकर रख दिया है

कैंटोनमेंट की सड़कों को आम जनता के लिए खोले जाने के पीछे क्या अचल संपत्ति मुख्य कारण है ?

शिलांग हिंसा के पीछे क्या जातीय तनाव है?

जम्मू-कश्मीर के पहले से ही डूबते पर्यटन उद्योग को पर्यटक की हत्या से लगा बड़ा झटका ?

कम्युनल-फ़ासिस्ट ताकतों ने देश पर कब्ज़ा कर लिया है : उर्मिलेश

जम्मूः पाक की नापाक हरकत, गोलीबारी में बच्चे सहित 5 लोगों की मौत, 2 घायल

आसिफा रेप और हत्या मामलाः किस तरह योजना बनाई गई और उसे अंजाम दिया गया

कामरान यूसुफ एक पत्रकार हैं, एनआईए विश्वसनीय प्रमाण प्रदान करने में विफल रही है : न्यायाधीश

जारी रक्षा "सुधार" भारतीय सेना के गोलाबारूद की कमी की समस्या का हल नहीं कर सकते हैं


बाकी खबरें

  • JK
    अनीस ज़रगर
    कश्मीरः जेल में बंद पत्रकारों की रिहाई के लिए मीडिया अधिकार समूहों ने एलजी को लिखी चिट्ठी 
    16 Feb 2022
    मीडिया निकायों ने फहद की पत्रकारिता कार्य के विरुद्ध शुरू की गई सभी पुलिसिया जांच को वापस लेने का भी आह्वान किया। 
  • modi ravidas mandir
    राज वाल्मीकि
    रैदास मनुष ना जुड़ सके जब तक जाति न जात
    16 Feb 2022
    कई जगह दलितों का वोट प्राप्त करने के लिए भाजपा के नेता भी आज रैदास मंदिर में नमन कर रहे हैं। इसे देखकर एक अम्बेडकरवादी होने के नाते मैं असहज हुआ।
  • Greta Acosta Reyes
    ट्राईकोंटिनेंटल : सामाजिक शोध संस्थान
    वामपंथ के पास संस्कृति है, लेकिन दुनिया अभी भी बैंकों की है
    16 Feb 2022
    'जब हमारे समय की महान सांस्कृतिक बहसों की बात आती है, इतिहास की सुई लगभग पूरी तरह से वामपंथ की ओर झुक जाती है।लेकिन आर्थिक व्यवस्था के मामले में दुनिया बैंकों की है'।
  • UNEMPLOYMENT
    प्रभात पटनायक
    क्यों पूंजीवादी सरकारें बेरोज़गारी की कम और मुद्रास्फीति की ज़्यादा चिंता करती हैं?
    16 Feb 2022
    सचाई यह है कि पूंजीवादी सरकारों को बेरोजगारी के मुकाबले में मुद्रास्फीति की ही ज्यादा चिंता होना, समकालीन पूंजीवाद में वित्तीय पूंजी के वर्चस्व को ही प्रतिबिंबित करता है।
  • punjab
    न्यूज़क्लिक टीम
    अमृतसर: व्यापार ठप, नौकरियाँ ख़त्म पर चुनावों में ग़ायब मुद्दा
    16 Feb 2022
    भारत और पाकिस्तान के बीच व्यापार ख़त्म होने के बाद अमृतसर, तरन तारन और गुरदासपुर के हज़ारों लोग बेरोज़गार हो गए. इस व्यापार ने हज़ारों ट्रक ड्राइवरों, कुलियों, ढाबों को आबाद किया लेकिन अब सभी…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License