NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
मोदी के मुक़ाबले फ़ौजी : दिलचस्प हुआ मुकाबला
राजनीति के जानकार मानते हैं कि तेज बहादुर के चुनाव मैदान में आने से नरेंद्र मोदी की मुश्किलें बढ़ेंगी। अभी तक वाराणसी का चुनाव एक तरफ़ा था लेकिन अब ग़ैर भाजपाई मतदाताओं के पास भी विकल्प है।
असद रिज़वी
30 Apr 2019
तेज बहादुर यादव
Image Courtesy: Amar Ujala

सेना के नाम पर वोटे मांग रही भारतीय जनता पार्टी के लिए उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी-बहुजन समाज पार्टी और राष्ट्रीय लोक दल ने चुनौती खड़ी कर दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मुक़ाबले वाराणसी में गठबंधन ने एक बर्ख़ास्त फ़ौजी को टिकट दिया है।

पुलवामा में हुई आतंकवादी घटना के बाद से भाजपा राष्ट्रवाद को चुनाव का मुद्दा बनाने की कोशिश कर रही है। पुलवामा के बाद बालाकोट में हुई फ़ौजी कार्रवाई के नाम पर भी भगवा पार्टी राजनीति कर रही है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भारत की फ़ौज को मोदी की सेना तक बता दिया था।

ख़ुद प्रधानमंत्री पुलवामा में मारे गए फ़ौजियों की तस्वीरें मंच पर लगाकर नये युवा मतदाताओं से वोट मांग रहे हैं। जिसके लिए विपक्षी दलों ने विरोध भी दर्ज कराया है। लेकिन अब उत्तर प्रदेश में प्रधानमंत्री के विरुद्ध बर्ख़ास्त फ़ौजी को टिकट देकर गठबंधन ने वाराणसी के चुनाव को दिलचस्प बना दिया है।

गठबंधन ने बर्ख़ास्त जवान तेज बहादुर को मैदान में उतारा है। उन्होंने 2017 में बीएसएफ में फ़ौजियों को मिल रहे खाने को घटिया बताते हुए वीडियो बनाया था। सोशल मीडिया पर आने के बाद उनका वीडियो बड़ी तेज़ी से वायरल हो गया था। जिसके बाद एक जांच हुई और तेज बहादुर को बर्खास्त कर दिया गया था। 

राजनीति के जानकार मानते हैं कि तेज बहादुर के चुनाव मैदान में आने से नरेंद्र मोदी की मुश्किलें बढ़ेगी। वरिष्ठ पत्रकार रामदत्त त्रिपाठी कहते हैं कि अब तक भाजपा की राजनीति फ़ौज और फ़ौजी कार्रवाइयों के चारों ओर घूम रही थी। लेकिन फ़ौज के नाम पर वोटे माँगने वाले प्रधानमंत्री मोदी के मुक़ाबले एक फ़ौजी के चुनाव लड़ने से मुक़ाबला रोचक हो गया है। त्रिपाठी मानते है की तेज बहादुर के चुनाव लड़ने से विपक्ष को मोदी पर सीधा आक्रमण करने का मौक़ा मिलेगा।

राजनीतिक विश्लेषक मान रहे हैं कि भोपाल और बेगूसराय की तरह अब वाराणसी का चुनाव भी चर्चा में आ गया है। उत्तर प्रदेश की राजनीति पर नज़र रखने वाले सुधीर मिश्रा कहते हैं कि अभी तक वाराणसी का चुनाव एक तरफ़ा था लेकिन अब ग़ैर भाजपाई मतदाताओं के पास भी विकल्प है। उनका कहना है फ़ौज के नाम पर वोट माँग रहे मोदी के लिए ख़ुद अपने चुनाव क्षेत्र में प्रचार करने में चुनौती का सामना करना होगा!

उल्लेखनीय है कि गठबंधन ने पहले शालिनी यादव को टिकट दिया था, लेकिन बाद में उनका टिकट काट कर तेज बहादुर को मोदी के मुक़ाबले मैदान में उतारा है। वाराणसी से कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के चुनाव लड़ने की चर्चा भी थी लेकिन कांग्रेस ने 6 बार के विधायक अजय राय को टिकट दिया है।

2019 आम चुनाव
General elections2019
2019 Lok Sabha elections
varanasi
Narendra modi
TEJ BAHADUR YADAV
BJP
Gathbandhan

Related Stories

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

ज्ञानवापी मस्जिद के ख़िलाफ़ दाख़िल सभी याचिकाएं एक दूसरे की कॉपी-पेस्ट!

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

तिरछी नज़र: सरकार जी के आठ वर्ष

कटाक्ष: मोदी जी का राज और कश्मीरी पंडित

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट


बाकी खबरें

  • Hum bharat ke log
    अनिल सिन्हा
    हम भारत के लोगों की असली चुनौती आज़ादी के आंदोलन के सपने को बचाने की है
    13 Feb 2022
    हम उस ओर बढ़ गए हैं जिधर नहीं जाने की कसम हमने ली थी। हमने तय किया था कि हम एक ऐसा मुल्क बनाएंगे जिसमें मजहब, जाति, लिंग, क्षेत्र, भाषा या विचारधारा के आधार पर कोई भेदभाव नहीं होगा। हमने सोचा था कि…
  • jharkhand
    अनिल अंशुमन
    झारखंड: राज्य के युवा मांग रहे स्थानीय नीति और रोज़गार, सियासी दलों को वोट बैंक की दरकार
    13 Feb 2022
    रांची में छात्र युवा मार्च का नेतृत्व करते हुए भाकपा माले के युवा विधायक विनोद सिंह ने राजभवन के समक्ष आयोजित प्रतिवाद सभा को संबोधित करते हुए राज्य के युवाओं तथा आम जनता की जन आकांक्षाओं के अनुरूप…
  • modi
    विजय विनीत
    यूपी चुनावः बनारस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विश्वनाथ कॉरिडोर की लोकप्रियता का असल इम्तिहान
    13 Feb 2022
    काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के नाम पर कुछ महीने पहले भाजपा ने बनारस के लोगों के पास एक ''महीन सियासी संदेश'' भेजा, लेकिन बनारसियों ने उसे अपने माथे पर चस्पा नहीं किया। ''बनारस की सरकार'' ने हाल ही में कई…
  • Punjab poll
    तृप्ता नारंग
    पंजाब चुनाव: नशीले पदार्थों की चपेट में नौजवान, कैसे पाई जाए मुक्ति?
    13 Feb 2022
    पंजाब में नशे के हालात समझने के सिलसिले में न्यूज़क्लिक ने कपूरथला ज़िले के डॉ संदीप भोला से बात की है..
  • hafte ki baata
    न्यूज़क्लिक टीम
    भाजपा को अब चुनावी तिकड़म और हिजाब-विवाद का आसरा
    12 Feb 2022
    क्या यूपी में पहले चरण के मतदान के बाद भाजपा कुछ ज्यादा 'नर्वस' हो गयी है? क्या वह अगले चरणों के लिए कर्नाटक के हिजाब विवाद और कुछ खास चुनावी तिकड़म का सहारा लेने की फिराक में है? चुनाव के दौरान फरलो…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License