NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
मोदीजी को रिश्वत वाली डायरी को सबूत मानने से इँकार
टैक्स पैनल ने सहारा को दी छूट
सबरंग इंडिया
05 Jan 2017
मोदीजी को रिश्वत वाली डायरी को सबूत मानने से इँकार

सहारा इंडिया को आय कर निपटान आयोग (ITSC) से बड़ी राहत मिली है। आयोग ने अपने फैसले में विवादित डायरी (जिसमें उस वक्त के सीएम मोदी को रिश्वत दी गई थी) मामले में सहारा इंडिया पर किसी भी तरह की कानूनी कार्रवाई करने और उस पर जुर्माना लगाने से इनकार किया है। आय कर विभाग ने नवंबर 2014 में सहारा इंडिया के ठिकानों पर छापेमारी के दौरान एक डायरी बरामद की थी जिसमें मोदीजी समेत कई नेताओं के नाम थे और उन्हें पैसे देने के बारे में लिखा हुआ था। आयोग ने इस डायरी को सबूत मानने से भी इनकार कर दिया है।

आयोग ने अपना फैसला 50 पन्नों में सुनाया है। इंडियन एक्सप्रेस ने उन पन्नों को पढ़ने के बाद पाया कि आयोग ने सहारा इंडिया द्वारा दाखिल केस को पहले खारिज कर दिया था लेकिन 5 सितंबर, 2016 को उसे फिर से सुनवाई के लिए स्वीकार कर लिया। आयोग ने तीव्र कार्रवाई करते हुए मात्र तीन सुनवाई में ही अपना फैसला सुनाते हुए सहारा इंडिया को राहत दी है। आयोग ने राहत का आदेश 10 नवंबर 2016 को सुनाया है जो आखिरी सुनवाई की तारीख 7 नवंबर 2016 से तीन दिन बाद है। वैसे सामान्यत: आयोग 18 महीनों में किसी मुद्दे पर अंतिम फैसला सुनाता है। आयोग के सूत्र बताते हैं कि कभी -कभार ही 10 से 12 महीनों के अंदर कोई फैसला सुनाया जाता है।
 
फैसले के आखिरी पन्ने में लिखा गया है कि छापे के दौरान कंपनी से 137.58 करोड़ रुपये बरामद हुए थे जिस पर अब टैक्स आरोपित किया जाता है। आयोग ने इस टैक्स की राशि अदायगी को भी 12 किश्तों में कर दिया है। फैसले में कहा गया है कि सहारा इंडिया ने आयोग से गुहार लगाई है कि इस वक्त कंपनी कछिन दौर से गुजर रही है इसलिए कर अदायगी को किश्तों में कर दिया जाय। इसके अलावा फैसले के पहले पेज में आयोग ने लिखा है, आवेदक की दलील है कि कुछ असंतुष्ट कर्मचारियों ने जानबूझकर इस तरह के बेमतलब के कागजात बनाए हैं।
 
गौरतलब है कि बिड़ला और सहारा ग्रुप पर 2013 और 2014 में इनकम टैक्स ने छापे मारे गए थे। छापों में इनकम टैक्स को महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद हुए थे। जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने इन फाइलों की जांच की मांग की थी। 25 अक्टूबर 2016 में प्रशांत भूषण ने अपनी शिकायत सभी जांच एजेंसियों और कालेधन की विशेष जांच टीम को लीड कर रहे दो पूर्व जजों की स्पेशल को भेजी थी।
 
कांग्रेस ने आरोप लगाया था कि आदित्य बिड़ला और सहारा ग्रुप की डायरी में पीएम नरेंद्र मोदी को गुजरात का सीएम रहने के दौरान पैसे दिए गए थे। सहारा की डायरियों में कथित तौर पर पीएम मोदी के अलावा कई अन्य बीजेपी नेताओं और अन्य दलों के नेताओं के नाम भी शामिल हैं। यही नहीं इस डायरी में दिल्ली की पूर्व सीएम और वरिष्ठ कांग्रेसी नेता शीला दीक्षित का नाम भी शामिल है। यह मामला सुप्रीम कोर्ट में भी दायर हुआ है, जिसने इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की छापेमारी में बरामद की गई डायरियों को लेकर किसी भी तरह की जांच का आदेश अब तक नहीं दिया है।
 
इस मामले पर वरिष्ठ पत्रकार अरविंद शेष ने लिखा है....

भ्रष्टाचार के आरोपों से बचने के लिए लेन-देन और सौदेबाजी का इतना खुला नंगा खेल शायद दुनिया के इतिहास में नहीं हुआ होगा..! घोटाले के आरोप में जिस सहारा के मालिक को जेल से जमानत मिलना तक मुश्किल था, उसे अब 'पवित्र' घोषित करने की तैयारी है! इस तोहफे के बदले सहारा उस डायरी को फर्जी बताने को तैयार है, जिसमें कई नेताओं को घूस दिए जाने का पूरा ब्योरा दर्ज है! इसी डायरी में मोदी और शीला दीक्षित जैसे कई धुरंधरों के नाम मौजूद हैं!
ये है भ्रष्टाचार से लड़ती सबसे 'पवित्र' सरकार की सबसे 'पवित्र' सौदेबाजियां!

मोदी कहते हैं कि मैं भ्रष्टाचार खत्म करना चाहता हूं, वे मुझे खत्म करना चाहते हैं..!
 

Courtesy: सबरंग इंडिया
सहारा
मोदी
बिरला
भाजपा

Related Stories

#श्रमिकहड़ताल : शौक नहीं मज़बूरी है..

आपकी चुप्पी बता रहा है कि आपके लिए राष्ट्र का मतलब जमीन का टुकड़ा है

अबकी बार, मॉबलिंचिग की सरकार; कितनी जाँच की दरकार!

आरक्षण खात्मे का षड्यंत्र: दलित-ओबीसी पर बड़ा प्रहार

झारखंड बंद: भूमि अधिग्रहण बिल में संशोधन के खिलाफ विपक्ष का संयुक्त विरोध

झारखण्ड भूमि अधिग्रहण संशोधन बिल, 2017: आदिवासी विरोधी भाजपा सरकार

यूपी: योगी सरकार में कई बीजेपी नेताओं पर भ्रष्टाचार के आरोप

मोदी के एक आदर्श गाँव की कहानी

क्या भाजपा शासित असम में भारतीय नागरिकों से छीनी जा रही है उनकी नागरिकता?

बिहार: सामूहिक बलत्कार के मामले में पुलिस के रैवये पर गंभीर सवाल उठे!


बाकी खबरें

  • general strike
    न्यूज़क्लिक टीम
    क्यों है 28-29 मार्च को पूरे देश में हड़ताल?
    27 Mar 2022
    भारत के औद्योगिक श्रमिक, कर्मचारी, किसान और खेतिहर मज़दूर ‘लोग बचाओ, देश बचाओ’ के नारे के साथ 28-29 मार्च 2022 को दो दिवसीय आम हड़ताल करेंगे। इसका मतलब यह है कि न सिर्फ देश के विशाल विनिर्माण क्षेत्र…
  • Bhagat Singh
    न्यूज़क्लिक टीम
    शहीद भगत सिंह के इतिहास पर एस. इरफ़ान हबीब
    27 Mar 2022
    'इतिहास के पन्ने मेरी नज़र से' के इस एपिसोड में नीलांजन ने बात की है इतिहासकार एस. इरफ़ान हबीब से भगत सिंह के इतिहास पर।
  • Raghav Chadha
    अनिल जैन
    ख़बरों के आगे-पीछे: पंजाब में राघव चड्ढा की भूमिका से लेकर सोनिया गांधी की चुनौतियों तक..
    27 Mar 2022
    हर हफ़्ते की प्रमुख ख़बरों को लेकर एकबार फिर हाज़िर हैं लेखक अनिल जैन…
  • jaunpur violence against dalits
    विजय विनीत
    उत्तर प्रदेश: योगी के "रामराज्य" में पुलिस पर थाने में दलित औरतों और बच्चियों को निर्वस्त्र कर पीटेने का आरोप
    27 Mar 2022
    आरोप है कि बदलापुर थाने में औरतों और बच्चियों को पीटने से पहले सीसीटीवी कैमरे बंद कर दिए गए। पहले उनके कपड़े उतरवाए गए और फिर बेरहमी से पीटा गया। औरतों और लड़कियों ने पुलिस पर यह भी आरोप लगाया कि वे…
  • सोनिया यादव
    अपने ही देश में नस्लभेद अपनों को पराया बना देता है!
    27 Mar 2022
    भारत का संविधान सभी को धर्म, जाति, भाषा, वेशभूषा से परे बिना किसी भेदभाव के एक समान होने की बात करता है, लेकिन नस्लीय भेद इस अनेकता में एकता की भावना को कलंकित करता है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License