NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
निजीकरण के खिलाफ बीईएमएल कर्मचारियों ने किया प्रदर्शन
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
11 Aug 2017
निजीकरण के खिलाफ बीईएमएल कर्मचारियों ने किया प्रदर्शन

भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड (बीईएमएल लिमिटेड) के सैकड़ों कर्मचारियों ने 9 और 10 अगस्त 2017 को नई दिल्ली में जंतर मंतर पर रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम का निजीकरण करने के केंद्र सरकार के फैसले के खिलाफ दो दिवसीय प्रदर्शन का आयोजन किया।

इस धरने का आयोजन बीईएमएल कर्मचारी संघ और ऑफिसर्स गिल्ड द्वारा किया गया था जो कंपनी के 9000 कर्मचारियों की संख्या का प्रतिनिधित्व करता है।

सरकार ने बीईएमएल के 26% शेयरों को रणनीतिक खरीदार को बेचने का अक्टूबर 2016 में कैबिनेट कमेटी की एक बैठक में निर्णय लिया कि रणनीतिक खरीदार को प्रबंधन नियंत्रण स्थानांतरित कर दिया जाएगा।

बीईएमएल की संपत्ति करीब 50,000 करोड़ रुपए से ज्यादा है। ये एक मिनी रत्न कंपनी है जो रक्षा, खनन और रेलवे उपकरण बनाती है।  

कंपनी अपने शुरु से ही लाभकारी कंपनी रही है। पिछले दस वर्षों में अकेले 1141.36 करोड़ रुपए बीईएमएल मुनाफा कमाया।

1990 के दशक के आरम्भ से केंद्रीय सरकारें एक के बाद एक सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम (पीएसयू) का निजीकरण करना शुरू कर दी थी।

बीईएमएल का निजीकरण करने का फैसला इसी क्रम में एक कदम आगे जाता है - यह पहली बार है कि रक्षा क्षेत्र के पीएसयू को निजी क्षेत्र के हाथों बेचा जा रहा है। यह निर्णय राष्ट्रीय सुरक्षा और आत्मनिर्भरता के लिए खतरों से भरा होने की आशंका है।

विरोध प्रदर्शनकर्ताओं द्वारा एक प्रेस वक्तव्य में कहा गया कि बीईएमएल मेट्रो और रेल डिब्बों के निर्माण में अग्रणी है, और इसके निजीकरण के साथ, बड़े पैमाने पर शहरी परिवहन क्षेत्र के उभरते बाजार में निजी कंपनियों के लिए लाभ का केंद्र हो जाएगा। इसमें कहा गया कि "विस्तारित खनन उद्योग में निजी कंपनियों के निहित स्वार्थ की जांच बीईएमएल की मौजूदगी से की जा रही है। रक्षा निविदाओं में निजी भागीदारी बढ़ने के साथ, बीईएमएल निजी कंपनियों के लिए रुकावट बन गया है। यही कारण है कि भारत सरकार के इस कदम के जरिए निजी लॉबी बीईएमएल के स्वामित्व पैटर्न को बदलने के लिए रातोंरात काम कर रही है।"

बैंगलोर, मैसूर, पलक्कड़ और कोलार गोल्ड फील्ड के बीईएमएल कर्मचारियों ने जंतर मंतर पर दो दिवसीय धरना में भाग लिया। उनमें से कई ने न्यूज़क्लिक को बताया कि बीईएमएल का निजीकरण भी पिछले कई निजीकरण सौदों की तर्ज में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार के लिए होगा।

सीआईटीयू के महासचिव तपन सेन, लोकसभा सांसद एमबी राजेश, पी.के.श्रीमथी, डॉ ए संपत, पी के बिजू (केरल से सभी सीपीएम सांसद), सीएस पुट्टाराजू (जेडीयू सांसद, मांड्या, कर्नाटक) जोयस जॉर्ज (स्वतंत्र सांसद, इडूक्की केरल)  ने प्रदर्शनकारी कर्मचारियों के साथ एकजुटता में धरना को संबोधित किया। एमबी राजेश ने 4 अगस्त को लोकसभा में इस मुद्दे को उठाया था।

 

बीइएम्एल
भाजपा

Related Stories

#श्रमिकहड़ताल : शौक नहीं मज़बूरी है..

आपकी चुप्पी बता रहा है कि आपके लिए राष्ट्र का मतलब जमीन का टुकड़ा है

अबकी बार, मॉबलिंचिग की सरकार; कितनी जाँच की दरकार!

आरक्षण खात्मे का षड्यंत्र: दलित-ओबीसी पर बड़ा प्रहार

झारखंड बंद: भूमि अधिग्रहण बिल में संशोधन के खिलाफ विपक्ष का संयुक्त विरोध

झारखण्ड भूमि अधिग्रहण संशोधन बिल, 2017: आदिवासी विरोधी भाजपा सरकार

यूपी: योगी सरकार में कई बीजेपी नेताओं पर भ्रष्टाचार के आरोप

मोदी के एक आदर्श गाँव की कहानी

क्या भाजपा शासित असम में भारतीय नागरिकों से छीनी जा रही है उनकी नागरिकता?

बिहार: सामूहिक बलत्कार के मामले में पुलिस के रैवये पर गंभीर सवाल उठे!


बाकी खबरें

  • एपी
    क्रिस रॉक को थप्पड़ मारने को लेकर ऑस्कर ने विल स्मिथ पर 10 साल का प्रतिबंध लगाया
    09 Apr 2022
    स्मिथ की हरकत पर अकादमी के ‘बोर्ड ऑफ गवर्नर्स’ की बैठक के बाद यह फैसला किया गया है। हालांकि, फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि उन्हें भविष्य में इन पुरस्कारों के लिए नामित किया जाएगा या नहीं।
  • kashmiri student
    नासीर ख़ुएहामी
    घोर ग़रीबी के चलते ज़मानत नहीं करा पाने के कारण कश्मीरी छात्र आगरा जेल में रहने के लिए मजबूर
    09 Apr 2022
    विश्वास की कमी और वित्तीय दबाव उन परिवारों के रास्ते में आड़े आ रहे हैं, जिनके बच्चों को क्रिकेट विश्व कप में पाकिस्तान के हाथों भारत की शिकस्त के बाद जेल में डाल दिया गया था, हालांकि उन्हें ज़मानत…
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    फरीदाबाद : आवास के मामले में सैकड़ों मजदूर परिवारों को हाईकोर्ट से मिली राहत
    09 Apr 2022
    पिछले कुछ सालों में दिल्ली एनसीआर और उसके पास के क्षेत्रों में सरकारों ने बड़ी तेज़ी से मज़दूर बस्तियों को उजाड़ना शुरू किया। ख़ासकर कोरोना काल में सरकार ने बड़े ही चुपचाप तरीके से अपने इस अभियान को चलाया…
  • गुरसिमरन बख्शी
    मांस खाने का राजनीतिकरण करना क्या संवैधानिक रूप से सही है?
    09 Apr 2022
    मांस पर प्रतिबंध लगाना, किसी भी किस्म के व्यापार करने के मामले में मौलिक अधिकार का उल्लंघन कहलाता है और किसी वैधानिक क़ानून के समर्थन के अभाव में, यह संवैधानिक जनादेश के मामले में कम प्रभावी हो जाता…
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के 1,150 नए मामले, 83 मरीज़ों की मौत
    09 Apr 2022
    देश में अब तक कोरोना से पीड़ित 98.76 फ़ीसदी यानी 4 करोड़ 25 लाख 1 हजार 196 मरीज़ों को ठीक किया जा चुका है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License