NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
नीति आयोग के सदस्य ने कहा, बकवास है जीएसटी से जीडीपी में एक से डेढ़ फीसदी इजाफे का दावा
सरकार का दावा है कि जीएसटी से जीडीपी में एक से डेढ़ फीसदी का इजाफा होगा।
सबरंग इंडिया
03 Jul 2017
नीति आयोग के सदस्य ने कहा, बकवास है जीएसटी से जीडीपी में एक से डेढ़ फीसदी इजाफे का दावा

सरकार का दावा है कि जीएसटी से जीडीपी में एक से डेढ़ फीसदी का इजाफा होगा। लेकिन सरकार के इस दावे की हवा नीति आयोग के अहम सदस्य और अर्थशास्त्री विवेक देवराय ने ही निकाल दी है। उन्होंने इस जीएसटी को मुकम्मल न करार देते हुए कहा है की जीएसटी में एक से डेढ़ फीसदी की बढ़ोतरी करना बकवास है। उन्होंने कहा कि देश के संघीय स्वरूप को देखते हुए इस जीएसटी को आदर्श नहीं कहा जा सकता है।

प्रेस ट्र्स्ट से बातचीत में उन्होंने कहा कि जीएसटी को लेकर कई बकवास तथ्य आ रहे हैं। दावा किया जा रहा है कि जीएसटी 140 से 160 देशों में लागू है। जबकि हकीकत यह है कि यह दुनिया के छह-सात देशों से ज्यादा में लागू नहीं है। देवराय ने कहा कि भारत में जो जीएसटी लागू किया गया है वह आदर्श नहीं है। क्योंकि इसमें एक नहीं कई टैक्स दरें हैं। एक से ज्यादा दरें इस सिस्टम के लिए मुश्किल पैदा करेंगी। अगर जीएसटी आदर्श रूप में लागू होता है तो जीडीपी में एक से डेढ़ फीसदी का इजाफा हो सकता था लेकिन मौजूदा जीएसटी से इस तरह की संभावना जताना बिल्कुल बकवास है।

देवराय ने कहा कि जीएसटी से जीडीपी में एक से डेढ़ फीसदी का जो आंकड़ा दिया जा रहा है वह एनसीएईआर के उस वक्त का आंकड़ा है, जो 13 वां वित्त आयोग कार्यकाल चल रहा था।

देवराय ने कहा कि दुनिया के कई देशों में वैट है। वैट, जीएसटी नहीं है। बल्कि जीएसटी की ओर बढ़ने का एक कदम है।

दुनिया में जिन छह-सात देशों में जहां जीएसटी लागू है वहां यह इसलिए सफल है, उनमें संघीय स्वरूप नहीं है। उनका स्वरूप एकल है। सिर्फ कनाडा का छोड़ कर।

देवराय अलग-अलग टैक्स रेट्स पर भी सहमत नहीं हैं। उनका कहना है कि अमीरों के इस्तेमाल की चीजों पर एक टैक्स लगाना और आम लोगों के इस्तेमाल की चीजों पर टैक्स की अलग दरें, व्यावहारिक तौर पर ठीक नहीं है। अर्थशास्त्र और अर्थशास्त्री के नजरिये से यह कहीं से ठीक नहीं लगता।

Courtesy: सबरंग इंडिया
जीएसटी
अरुण जेटली
भाजपा

Related Stories

#श्रमिकहड़ताल : शौक नहीं मज़बूरी है..

आपकी चुप्पी बता रहा है कि आपके लिए राष्ट्र का मतलब जमीन का टुकड़ा है

अबकी बार, मॉबलिंचिग की सरकार; कितनी जाँच की दरकार!

आरक्षण खात्मे का षड्यंत्र: दलित-ओबीसी पर बड़ा प्रहार

झारखंड बंद: भूमि अधिग्रहण बिल में संशोधन के खिलाफ विपक्ष का संयुक्त विरोध

जीएसटी ने छोटे व्यवसाय को बर्बाद कर दिया

झारखण्ड भूमि अधिग्रहण संशोधन बिल, 2017: आदिवासी विरोधी भाजपा सरकार

यूपी: योगी सरकार में कई बीजेपी नेताओं पर भ्रष्टाचार के आरोप

मोदी के एक आदर्श गाँव की कहानी

क्या भाजपा शासित असम में भारतीय नागरिकों से छीनी जा रही है उनकी नागरिकता?


बाकी खबरें

  • CAA
    नाइश हसन
    यूपी चुनाव: सीएए विरोधी आंदोलन से मिलीं कई महिला नेता
    07 Feb 2022
    आंदोलन से उभरी ये औरतें चूल्हे-चौके, रसोई-बिस्तर के गणित से इतर अब कुछ और बड़ा करने जा रही हैं। उनके ख़्वाबों की सतरंगी दुनिया में अब सियासत है।
  • Nirmala Sitharaman
    प्रभात पटनायक
    इस बजट की चुप्पियां और भी डरावनी हैं
    07 Feb 2022
    इस तरह, जनता को ज़्यादा से ज़्यादा बढ़ती मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। लेकिन, मोदी सरकार को तो इस सब को देखना और पहचानना तक मंज़ूर नहीं है। लेकिन, यह अपने आप में अनिष्टकारी है क्योंकि जब भुगतान…
  • caste
    विक्रम सिंह
    आज़ाद भारत में मनु के द्रोणाचार्य
    07 Feb 2022
    शिक्षा परिसरों का जनवादीकरण और छात्रों, अध्यापकों, कुलपतियों और अन्य उच्च पदों में वंचित समुदायों का प्रतिनिधित्व बढ़ाये बिना शिक्षण संस्थानों को मनु के ब्राह्मणवाद से छुटकारा नहीं दिलवाया जा सकता है।
  • UP
    विजय विनीत
    यूपी चुनाव: पांच साल पत्रकारों ने झेले फ़र्ज़ी मुक़दमे और धमकियां, हालत हुई और बदतर! 
    07 Feb 2022
    उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने पिछले पांच सालों में जिस तरह से मीडिया का गला घोंटा है उसे लोकतंत्र का चौथा खंभा शायद कभी नहीं भुला पाएगा। पूर्वांचल की बात करें तो जुल्म-ज्यादती के भय से थर-थर कांप रहे…
  • hum bharat ke log
    अतुल चंद्रा
    हम भारत के लोग : इंडिया@75 और देश का बदलता माहौल
    07 Feb 2022
    पुराने प्रतीकों की जगह नए प्रतीक चिह्न स्थापित किये जा रहे हैं। भारत की स्वतंत्रता के इतिहास को नया जामा पहनाने की कोशिश हो रही है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License