NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
भारत
राजनीति
ओडिशा: सरकार ने वेदांता के खिलाफ आंदोलन कर रहे आदिवासियों पर किया मामला दर्ज
ओडिशा सरकार ने 45 आदिवासियों और अन्य के खिलाफ कानून-व्यवस्था को बाधित करने के आरोप के तहत मामला दर्ज किया है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
01 Aug 2019
odisa

दिग्गज खनन कंपनी वेदांता लिमिटेड द्वारा बॉक्साइट खनन के खिलाफ चल रहा आदिवासी आंदोलन ओडिशा के कोडिंगमाली पहाड़ी के 22 गांवों तक पहुंच गया है। बॉक्साइट खनन को रोकने के लिए स्थानीय लोग पिछले पांच दिनों से लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। विरोध के पांचवें दिन आंदोलन को दबाने के लिए ओडिशा सरकार ने 45 आदिवासियों और अन्य के खिलाफ कानून-व्यवस्था को बाधित करने के आरोप के तहत मामला दर्ज किया है।

इस क्षेत्र में आदिवासियों के साथ काम कर रहे एक्टिविस्ट और पत्रकार रबी शंकर बताते हैं,'पुलिस की तरफ से एक नोटिस आया जिसमें कहा गया कि कानून व्यवस्था को नुकसान पहुंचाने के आरोप में 45 आदिवासियों और कुछ अन्य के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है।' 

उनका कहना है कि ये संख्या आगे भी बढ़ सकती है। सरकार ऐसा करके लोगों को डराना चाहती है ताकि आदिवासी अपना आंदोलन छोड़ दें।

बता दें कि आंदोलन के चलते फिलहाल खनन गतिविधियों पर पूरी तरह से रोक लग गई है। दरअसल लक्ष्मीपुर के पास गांव वालों ने खदानों की ओर जाने वाले रास्ते को जाम कर दिया है जिससे कोडिंगमाली से काकृगम्मा रेलवे स्टेशन तक बॉक्साइट के परिवहन को निलंबित कर दिया गया है। 

शंकर ने इस बारे में बताया, 'खनन सामग्री ले जाने वाले दो सौ से अधिक टिपरों को अब पार्क कर दिया गया है, जो लोग खनन शिविर में तैनात थे, वे सभी अब घर वापस चले गए हैं या विरोध कर रहे हैं।'

यहां स्थानीय लोगों को शांत कराने के लिए सब डिवीज़ल पुलिस अधिकारी और तहसीलदार ने विरोध कर रहे आदिवासियों से मुलाकात की और उन्हें प्रदर्शन बंद करने के लिए समझाने की कोशिश भी की।

हालांकि, उन्होंने कहा कि वे इस संबंध में बहुत कुछ नहीं कर सकते हैं। स्थानीय लोग क्षेत्र में सभी खनन गतिविधियों का पुरजोर विरोध कर रहे हैं। उनका आरोप है कि खदानों ने उनके जीवन को बर्बाद कर दिया है, उनके खेतों और नदियों को प्रदूषित कर दिया है और कोई भी रोजगार उत्पन्न करने में विफल रहे हैं। 

एक डिमांड चार्टर जारी करते हुए स्थानीय लोगों ने कहा कि उन्हें राज्य और जिला प्रशासन द्वारा सभी खनन गतिविधियों को रोकने के बारे में लिखित आश्वासन चाहिए। वे खनन गतिविधि की स्पष्टता चाहते हैं। यहां स्थानीय लोग स्वयं अपनी जमीन के सुरक्षा गॉर्ड बन गए हैं, उनका कहना है कि वे भारी बारिश में भी अपने खेतों को नहीं छोड़ेंगे।

इससे पहले प्रशासन और पंचायती राज प्रतिनिधियों का विरोध करने वाली महिलाएं बीजद के एक स्थानीय नेता से भिड़ गई थीं, जो उनसे विरोध प्रदर्शन को रोकने का आग्रह कर रहा था।

गौरतलब है कि वेदांता समूह ओडिशा खनन निगम द्वारा एक निजी फर्म मैत्री इन्फ्रा को दिए गए पट्टे पर परियोजना चला रहा है। इसकी शुरुआत फरवरी 2018 में हुई थी। कोडिंगमाली बॉक्साइट खदान के लिए मंजूरी मिलने के तुरंत बाद, ओडिशा सरकार ने एक नई बॉक्साइट लिंकेज नीति पेश की थी। 

ओडिशा खनन निगम ने भारतीय खनन कंपनी वेदांता के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए, जो कालाहांडी जिले में लांजीगढ़ में लगभग 150 किलोमीटर दूर स्थित कोडिंगमाली से वेदांता की रिफाइनरी को प्राप्त 70% बॉक्साइट की आपूर्ति करेगा। 

इससे पहले वेदांता ब्राजील और गिनी जैसे देशों के साथ-साथ पड़ोसी राज्यों छत्तीसगढ़ और आंध्र प्रदेश से बॉक्साइट का आयात कर रहा था। 2017 में, ओडिशा खनन निगम को कोडिंगमाली पहाड़ी क्षेत्र में 435 हेक्टेयर वन भूमि में एक नया बॉक्साइट खदान विकसित करने के लिए वन मंजूरी मिली।

कोडिंगमाली पहाड़ी के किनारे रहने वाले आदिवासियों ने यह भी आरोप लगाया है कि उनकी भूमि को ढांचागत विकास और रोजगार सृजन के वादे पर ले लिया गया था। लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं हुआ, इसलिए वे अब सभी खनन गतिविधियों को खत्म करने का संकल्प ले रहे हैं।

vedanta
save niyamgiri
tribles
aditya birla group
Kodingamali protest
Anti Bauxite protest
bjd
BJP
Congress
Odisha

Related Stories

मूसेवाला की हत्या को लेकर ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन, कांग्रेस ने इसे ‘राजनीतिक हत्या’ बताया

बिहार : नीतीश सरकार के ‘बुलडोज़र राज’ के खिलाफ गरीबों ने खोला मोर्चा!   

आशा कार्यकर्ताओं को मिला 'ग्लोबल हेल्थ लीडर्स अवार्ड’  लेकिन उचित वेतन कब मिलेगा?

दिल्ली : पांच महीने से वेतन व पेंशन न मिलने से आर्थिक तंगी से जूझ रहे शिक्षकों ने किया प्रदर्शन

आईपीओ लॉन्च के विरोध में एलआईसी कर्मचारियों ने की हड़ताल

जहाँगीरपुरी हिंसा : "हिंदुस्तान के भाईचारे पर बुलडोज़र" के ख़िलाफ़ वाम दलों का प्रदर्शन

दिल्ली: सांप्रदायिक और बुलडोजर राजनीति के ख़िलाफ़ वाम दलों का प्रदर्शन

आंगनवाड़ी महिलाकर्मियों ने क्यों कर रखा है आप और भाजपा की "नाक में दम”?

NEP भारत में सार्वजनिक शिक्षा को नष्ट करने के लिए भाजपा का बुलडोजर: वृंदा करात

नौजवान आत्मघात नहीं, रोज़गार और लोकतंत्र के लिए संयुक्त संघर्ष के रास्ते पर आगे बढ़ें


बाकी खबरें

  • Hum bharat ke log
    अनिल सिन्हा
    हम भारत के लोगों की असली चुनौती आज़ादी के आंदोलन के सपने को बचाने की है
    13 Feb 2022
    हम उस ओर बढ़ गए हैं जिधर नहीं जाने की कसम हमने ली थी। हमने तय किया था कि हम एक ऐसा मुल्क बनाएंगे जिसमें मजहब, जाति, लिंग, क्षेत्र, भाषा या विचारधारा के आधार पर कोई भेदभाव नहीं होगा। हमने सोचा था कि…
  • jharkhand
    अनिल अंशुमन
    झारखंड: राज्य के युवा मांग रहे स्थानीय नीति और रोज़गार, सियासी दलों को वोट बैंक की दरकार
    13 Feb 2022
    रांची में छात्र युवा मार्च का नेतृत्व करते हुए भाकपा माले के युवा विधायक विनोद सिंह ने राजभवन के समक्ष आयोजित प्रतिवाद सभा को संबोधित करते हुए राज्य के युवाओं तथा आम जनता की जन आकांक्षाओं के अनुरूप…
  • modi
    विजय विनीत
    यूपी चुनावः बनारस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विश्वनाथ कॉरिडोर की लोकप्रियता का असल इम्तिहान
    13 Feb 2022
    काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के नाम पर कुछ महीने पहले भाजपा ने बनारस के लोगों के पास एक ''महीन सियासी संदेश'' भेजा, लेकिन बनारसियों ने उसे अपने माथे पर चस्पा नहीं किया। ''बनारस की सरकार'' ने हाल ही में कई…
  • Punjab poll
    तृप्ता नारंग
    पंजाब चुनाव: नशीले पदार्थों की चपेट में नौजवान, कैसे पाई जाए मुक्ति?
    13 Feb 2022
    पंजाब में नशे के हालात समझने के सिलसिले में न्यूज़क्लिक ने कपूरथला ज़िले के डॉ संदीप भोला से बात की है..
  • hafte ki baata
    न्यूज़क्लिक टीम
    भाजपा को अब चुनावी तिकड़म और हिजाब-विवाद का आसरा
    12 Feb 2022
    क्या यूपी में पहले चरण के मतदान के बाद भाजपा कुछ ज्यादा 'नर्वस' हो गयी है? क्या वह अगले चरणों के लिए कर्नाटक के हिजाब विवाद और कुछ खास चुनावी तिकड़म का सहारा लेने की फिराक में है? चुनाव के दौरान फरलो…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License