NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
अपराध
भारत
राजनीति
राजस्थान: मॉब लिंचिंग और आनॅर किलिंग को लेकर विधानसभा में बिल पेश 
राजस्थान विधानसभा में पेश ‘मॉब लिंचिंग’ संबंधी विधेयक के तहत मॉब लिंचिंग को ग़ैर-ज़मानती अपराध के साथ दोषी को आजीवन कारावास और 5 लाख रुपए तक के जुर्माने का प्रावधान किया गया है। इसमें राज्य में ‘मॉब लिंचिंग’ रोकने के लिए एक नोडल अधिकारी नियुक्त करने का प्रावधान भी शामिल है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
01 Aug 2019
Mob lynching

देश भर में मॉब लिंचिंग की घटनाओं को लेकर छिड़ी बहस के बीच राजस्थान सरकार ने इस मसले पर कानून बनाने की पहल की है। प्रदेश सरकार ने मंगलवार को मॉब लिंचिंग और ऑनर किलिंग पर रोकथाम के लिए मंगलवार को विधानसभा में दो बिल पेश किए। संसदीय कार्यमंत्री शांति धारीवाल ने वैवाहिक संबंधों की स्‍वतंत्रता में हस्‍तक्षेप का प्रतिषेध विधेयक, 2019 और राजस्‍थान लिंचिंग से संरक्षण विधेयक, 2019 को सदन में पेश किया। विधेयक के अनुसार कथित सम्मान के लिए की जाने वाली हिंसा व कृत्य भारतीय दंड संहिता के तहत अपराध है और इन्हें रोकना जरूरी है। 
 
उच्चतम न्यायालय ने 17 जुलाई को अपने निर्णय में इस संबंध में कानून बनाने की सिफारिश की थी। मॉब लिंचिंग पर लगाम लगाने के मकसद से लाए गए विधेयक के अनुसार, भारत का संविधान समस्त लोगों को प्राण और दैहिक स्वतंत्रता और विधियों के समान संरक्षण के अधिकार देता है। हाल में ऐसी अनेक घटनाएं हुई हैं, जिनके परिणामस्वरूप मॉब लिंचिंग के कारण व्यक्तियों की जीविका की हानि और उनकी मृत्यु हुई है। 

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने 16 जुलाई को बजट भाषण के जवाब के दौरान मॉब लिंचिंग और आनॅर किलिंग को रोकने के लिए कानून बनाने की घोषणा की थी। गौरतलब है कि मंगलवार को राज्यसभा में तीन तलाक बिल पर बहस के दौरान कांग्रेस लीडर गुलाम नबी आजाद ने सरकार से कहा था कि उसे मॉब लिंचिंग के खिलाफ कानून बनाना चाहिए। उन्होंने कहा था कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भी सरकार इस मसले पर कुछ करने से पीछे हट रही है। 

अशोक गहलोत ने ट्वीट  कर  कहा कि राजस्थान विधानसभा में पेश किए गए ‘ऑनर किलिंग’ संबंधी विधेयक में इसे गैर-जमानती तो बनाया ही गया है, साथ ही दोषी को आजीवन कारावास और 5 लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान भी किया गया है। उन्होंने कहा कि विधेयक में आरोपी को मृत्युदंड का भी प्रावधान है। इस विधेयक का उद्देश्य हिंसा और आपराधिक धमकी के ऐसे कृत्य के लिए कड़ी सजा देना है। 

Bill introduced in #RajasthanAssembly today to make #HonourKilling a cognizable, non bailable and non compoundable offence with life imprisonment and fine of upto Rs 5 lakh.

— Ashok Gehlot (@ashokgehlot51) July 30, 2019

एक दूसरे ट्वीट में गहलोत ने कहा कि राजस्थान विधानसभा में पेश ‘मॉब लिंचिंग’ संबंधी विधेयक के लिए गैर-जमानती अपराध के साथ दोषी को आजीवन कारावास और 5 लाख रुपए तक के जुर्माने का प्रावधान किया गया है। इसमें राज्य में ‘मॉब लिंचिंग’ रोकने के लिए एक नोडल अधिकारी नियुक्त करने का प्रावधान है।

आगे उन्होंने कहा कि ‘मॉब लिंचिंग’ के कारण लोगों की आजीविका का नुकसान होता है और भीड़ द्वारा लोगों को चोटिल कर दिया जाता है और उन्हें मार दिया जाता है। विधेयक का उद्देश्य इस बुराई को खत्म करना है और इसके खिलाफ विशेष अपराध बनाकर लिंचिंग से नफरत या उकसावे को फैलाने से रोकना है।

(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ)

mob lynching
ashok gehlot
Rajasthan sarkar
Congress
Honour Killings
ghulam nabi azad

Related Stories

मूसेवाला की हत्या को लेकर ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन, कांग्रेस ने इसे ‘राजनीतिक हत्या’ बताया

मध्यप्रदेश: गौकशी के नाम पर आदिवासियों की हत्या का विरोध, पूरी तरह बंद रहा सिवनी

जोधपुर की घटना पर माकपा ने जताई चिंता, गहलोत सरकार से सख़्त कार्रवाई की मांग

भारत में हर दिन क्यों बढ़ रही हैं ‘मॉब लिंचिंग’ की घटनाएं, इसके पीछे क्या है कारण?

पंजाब: धार्मिक ग्रंथों का अपमान निंदनीय, लेकिन इसके लिए 'लिंचिंग' कितनी जायज़?

पलवल : मुस्लिम लड़के की पीट-पीट कर हत्या, परिवार ने लगाया हेट क्राइम का आरोप

शामली: मॉब लिंचिंग का शिकार बना 17 साल का समीर!, 8 युवकों पर मुकदमा, एक गिरफ़्तार

राजस्थान: एक सप्ताह के भीतर दुष्कर्म के आधा दर्जन से अधिक मामले दर्ज, गहलोत सरकार की क़ानून व्यवस्था फेल!

बिहार: समस्तीपुर माॅब लिंचिंग पीड़ितों ने बिहार के गृह सचिव से न्याय की लगाई गुहार

त्रिपुरा: भीड़ ने की तीन लोगों की पीट-पीटकर हत्या, आख़िर कौन है बढ़ती लिंचिंग का ज़िम्मेदार?


बाकी खबरें

  • bhojpur
    अनिल अंशुमन
    बिहार: मुखिया के सामने कुर्सी पर बैठने की सज़ा, पूरे दलित परिवार पर हमला
    31 Jul 2021
    जगह-जगह दुल्हिनगंज के दलित परिवार के साथ जदयू पूर्व मंत्री के इशारे पर हुई दबंगई के खिलाफ जन आक्रोश सड़कों पर प्रकट करते हुए नितीश कुमार सरकार का पुतला जलाने का सिलसिला शुरू हो गया है।
  • गली-गली सूबे-सूबे तनाव बढ़ाता निज़ाम और विपक्षी-एकता का ममता अभियान
    न्यूज़क्लिक टीम
    गली-गली सूबे-सूबे तनाव बढ़ाता निज़ाम और विपक्षी-एकता का ममता अभियान
    31 Jul 2021
    'मजबूत सरकार' के दौर में देश के दो राज्य-असम और मिजोरम आपस में भिड़ गये. दोनों के बीच दो शत्रु देशों की तरह सरहदी मसले पर गोलियां चल गईं. ये कोई साधारण बात नही है. आज़ाद भारत में ऐसा पहली बार देखा…
  • छत्तीसगढ़: जशपुर के स्पंज आयरन प्लांट के ख़िलाफ़ आदिवासी समुदायों का प्रदर्शन जारी 
    सुमेधा पाल
    छत्तीसगढ़: जशपुर के स्पंज आयरन प्लांट के ख़िलाफ़ आदिवासी समुदायों का प्रदर्शन जारी 
    31 Jul 2021
    'हमें लोहे या बिजली की जरूरत नहीं है, हमें खेती एवं वन-उत्पाद पर आधारित उद्योग चाहिए। ऐसी फैक्टरी नहीं चाहिए जो हमारी खेती और वनोत्पाद को बरबाद कर दे...'
  • ब्लिंकन का दिल्ली में एक ही एजेंडा था- सिर्फ़ चीन
    एम. के. भद्रकुमार
    ब्लिंकन का दिल्ली में एक ही एजेंडा था- सिर्फ़ चीन
    31 Jul 2021
    बाइडेन प्रशासन को डर है कि भारत के बिना क्वाड बिखर जाएगा और चीन के रोकथाम की नीति को एशिया में बल नहीं मिलेगा।
  • दस प्रतिशत से अधिक कोविड संक्रमण दर वाले ज़िलों में सख़्त पाबंदियों पर विचार करें: केन्द्र
    भाषा
    दस प्रतिशत से अधिक कोविड संक्रमण दर वाले ज़िलों में सख़्त पाबंदियों पर विचार करें: केन्द्र
    31 Jul 2021
    केन्द्र ने यह बात उन 10 राज्यों से कही जहां कोविड संक्रमण के मामलों में तेजी देखी जा रही है। केन्द्र ने कहा कि 46 जिले 10 प्रतिशत से अधिक संक्रमण दर दिखा रहे हैं।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License